जिंदा मानकर लाश के साथ डेढ़ साल से सो रहा था परिवार, जारी हुआ था डेथ सर्टिफिकेट, ऐसे हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के कानपुर से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां पूरा परिवार डेढ़ साल से शव के साथ रह रहा था. इनकम टैक्स अधिकारी की मौत के बाद भी परिजन उसे जीवित मानते रहे और करीब 18 महीने से उसके साथ सो रहे थे. मृतक का डेथ सर्टिफिकेट भी जारी हो गया था, फिर ऐसे हुए मामले का खुलासा.

Advertisement
सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

रंजय सिंह / सिमर चावला

  • कानपुर,
  • 23 सितंबर 2022,
  • अपडेटेड 11:33 PM IST

उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. इनकम टैक्स अधिकारी के शव को परिवार ने डेढ़ साल तक न सिर्फ घर में रखा, बल्कि पूरा परिवार उसके साथ सो भी रहा था.

परिवार ने लोगों को बताया था कि आयकर अधिकारी कोमा में है. हालांकि, सच्चाई यह है कि अस्पताल ने डेढ़ साल पहले ही उनका डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया था. जैसे ही ये खबर इलाके में फैली, हड़कंप मच गया. 

Advertisement

घर में डेढ़ साल से शव होने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंची. शव को कब्जे में लेने के बाद जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया. डॉक्टरों ने बताया कि शव को ममी की तरह बनाकर कपड़ों में कसकर लपेटा गया था.

अस्पताल ने जारी कर दिया था डेथ सर्टिफिकेट

जानकारी के मुताबिक, रोशन नगर निवासी विमलेश कुमार इनकम टैक्स में कार्यरत थे. उन्हें अप्रैल 2021 में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था और उनका डेथ सर्टिफिकेट भी उनके परिवार वालों को दे दिया गया था.

शव को घर लाने के बाद अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही थीं. इस दौरान अचानक परिजनों ने यह कहकर अंतिम संस्कार स्थगित कर दिया गया कि मृतक को होश आ गया है. इसके बाद करीब डेढ़ साल से मृतक का शव घर के अंदर एक पलंग पर रखा गया था. 

Advertisement

परिजन लोगों से बताते रहे कि विमलेश कोमा में हैं. मगर, एक दिन पहले जब आयकर विभाग द्वारा जांच के लिए कानपुर के सीएमओ कार्यालय को एक पत्र भेजा गया, तो आज शुक्रवार को पूरे मामले का खुलासा हो गया है. 

आस-पास के लोगों को जैसे ही ये जानकारी हुई, तो वे यह जानकर हैरान रह गए. आजमगढ़ थानाध्यक्ष को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंची. परिवार ने उसे शव मानने से इनकार कर दिया और इस बात पर अड़ा रहा कि वह अब भी जिंदा हैं.

परिजनों ने क्या कहा

इसके बाद डेढ़ साल पुराने शव को मेडिकल टीम ने हैलट अस्पताल में जांच के लिए भेज दिया. इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव ले गए.

मृतक के पिता ने कहा, 'अप्रैल 2021 में बेटा बीमार था, इसलिए हम उसे अस्पताल ले गए. वहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. मगर, जब हम उसे घर ले आए, तो हमने देखा कि उसकी नब्ज चल रही थी. उसकी दिल की धड़कन भी थी, इसलिए हमने उसका अंतिम संस्कार नहीं किया.'

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »