'अपने मुख्यालय पर 2002 तक तिरंगा नहीं फहराया, ऐसी विचारधारा के लोग...', वंदे मातरम् पर शाह की माफी वाली मांग से भड़की कांग्रेस

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व से माफी की मांग की है. इसके जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और सांसद इमरान मसूद ने अमित शाह पर पलटवार किया है. जयराम रमेश ने अमित शाह की विचारधारा और उनके पिछले विवादों को लेकर उनपर तंज कसा.

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वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस ने अमित शाह पर निशाना साधा. (Photo- PTI) वंदे मातरम विवाद पर कांग्रेस ने अमित शाह पर निशाना साधा. (Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:25 PM IST

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में 'वंदे मातरम' के कथित अपमान को लेकर कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेतृत्व और सोनिया गांधी से माफी की मांग की थी. अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनपर पलटवार किया है.

अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया. उन्होंने अमित शाह की विचारधारा को लेकर उनपर तंज कसा.

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वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी उनपर निशाना साधा है. उन्होंने वंदे मातरम के साथ-साथ झारखंड छात्र प्रदर्शन पर राजनीति करने को लेकर भी बीजेपी का घेराव किया.

जयराम रमेश ने कहा, 'एक व्यक्ति जिसने 17 दिसंबर, 2024 को राज्यसभा के पटल पर डॉ. आंबेडकर का अपमान किया. एक व्यक्ति जो उस विचारधारा से ताल्लुक रखता है जिसने जनवरी 2002 तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा फहराना सही नहीं समझा. एक व्यक्ति जिसने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर दिल्ली पुलिस की बर्बरता की साजिश रची. ऐसा व्यक्ति अब आज के असल मुद्दों और अपनी और अपने साहब की भारी नाकामियों से ध्यान भटकाने के लिए कांग्रेस से माफी की मांग कर रहा है.'

इमरान मसूद ने इतिहास और अर्थव्यवस्था पर घेरा

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, 'ये एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है जहां संविधान सभी को अपने धर्म का पालन करने की आजादी देता है. अपने विश्वास का पालन करना हमारा मौलिक अधिकार है. हालांकि हमारा धर्म हमें कुछ छंद गाने की अनुमति नहीं दे सकता है, लेकिन हम इसका अनादर नहीं करते हैं.'

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मसूद ने आगे कहा, '1904 से कांग्रेस के हर अधिवेशन में वंदे मातरम गाया जाता रहा है, फिर भी आपकी विचारधारा के लोगों ने इसे गाने से इनकार कर दिया क्योंकि ऐसा करने पर लाठीचार्ज होता था.आपके लोगों ने तिरंगा नहीं फहराया, उन्होंने आजाद हिंद फौज की भर्ती को रोकने के लिए खुले तौर पर हर मुमकिन कोशिश की और उसका विरोध किया.'

उन्होंने कहा कि ये एक ऐतिहासिक तथ्य है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी उस सरकार में मंत्री रहे जिसमें मुस्लिम लीग शामिल थी. आपने 12 सालों में उस सब कुछ को तबाह कर दिया जो हमने 70 सालों में बनाया था… 7 साल पहले, प्रधानमंत्री ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का वादा किया था… ऐसी अर्थव्यवस्था सिर्उ 10% की वृद्धि दर से ही संभव है. फिर भी आपकी सरकार के अपने आंकड़े सिर्फ 7.2% की वृद्धि दर दिखाते हैं.'

झारखंड छात्र आंदोलन पर बोले मसूद

झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर इमरान मसूद ने कहा, 'हमारा रुख साफ है. छात्रों की सभी मांगें मान ली गई हैं. अगर बीजेपी पर्दे के पीछे से इस आंदोलन को हाईजैक करके इसे नाकाम करने की कोशिश करेगी तो वह सफल नहीं होगी. हेमंत सोरेन ने सभी मांगें मान ली हैं, लेकिन जब परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई तो उसे रद्द करने का दबाव क्यों बनाया जा रहा है? ऐसी मांग क्यों की जा रही है जो सभी छात्रों के भविष्य को खतरे में डालती है?'

अमित शाह ने लगाए थे ये आरोप

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बता दें कि अमित शाह ने कांग्रेस पर राष्ट्रगीत का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा था कि जब कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय पर वंदे मातरम् का गान हो रहा था, तब सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष को वंदे मातरम् बीच में रोकने के लिए कहा. उन्होंने कहा था, '80 साल बाद बंकिम बाबू का ये अमर गान जब फिर से सम्मान हासिल कर रहा है, तो वो भी सोनिया जी को रास नहीं आया.'

गृह मंत्री ने कहा था, 'सोनिया जी जनता आपको देख रही है और आपके किए गए इस पाप के लिए जनता आपको कभी माफ नहीं करेगी. कांग्रेसियों में अगर जरा भी शर्म बची है, तो उन्हें बंकिम बाबू की अमर आत्मा से माफी मांगनी चाहिए.'

बीजेपी प्रवक्ता ने भी किया विरोध

कांग्रेस हेडक्वार्टर में वंदे मातरम गाने के विवाद पर BJP के नेशनल सेक्रेटरी और नेशनल स्पोक्सपर्सन अनिल के एंटनी ने भी अपनी राय दी. उन्होंने कहा, 'कांग्रेस हेडक्वार्टर में इंडिपेंडेंस डे सेलिब्रेशन के दौरान, पूरे देश ने देखा कि कांग्रेस लीडरशिप, जिसमें गांधी परिवार और उनके दूसरे टॉप लीडर्स, उनके नेशनल लीडर्स शामिल हैं, को हमारे नेशनल सॉन्ग वंदे मातरम के फुल वर्जन को गाने से कितनी नफरत है. ये एक ऐसी हरकत है जिससे पूरे भारत में बहुत से लोगों को बहुत दुख हुआ है.'

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यह भी पढ़ें: 'बिना शर्त माफी मांगे', वंदे मातरम् के रचयिता बंकिम चंद्र के वंशज की सोनिया गांधी से डिमांड

उन्होंने आगे कहा, 'अब हमारे प्राइम मिनिस्टर की लीडरशिप में, हमारी सेंट्रल गवर्नमेंट ने ये पक्का किया है कि नेशनल सॉन्ग को वो पूरा सम्मान मिलेगा जिसका वो हकदार है. अब पूरे भारत में होने वाले हर फंक्शन में गाने का फुल वर्जन इस्तेमाल किया जाएगा. ये बहुत आपत्तिजनक है कि केरल में नेशनल सॉन्ग का इस्तेमाल भी नहीं किया जा रहा है और ये सिर्फ समाज के कुछ खास तबकों को खुश करने के लिए किया जा रहा है, ये बहुत निंदनीय है और BJP केरल में कांग्रेस सरकार के इस काम की गहरी निंदा करती है. BJP नेशनल सॉन्ग सहित हमारे नेशनल सिंबल्स के किसी भी तरह के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी.'

वहीं, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने वंदे मातरम विवाद पर कहा, 'कांग्रेस की आदत ही है पहले तो उसने वंदे मातरम को खंडित कर दिया फिर देश को खंडित हो गया, ये तो शुरू से है कि कांग्रेस ने कभी वंदे मातरम का स्वागत नहीं किया.'

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