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सिर्फ 9 घंटे में भोपाल से दिल्ली! नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे घटा देगा 100 Km की दूरी, 4 राज्यों को होगा फायदा

भोपाल से दिल्ली का सफर अब वाकई छोटा होने वाला है. यह बदलाव किसी सामान्य सड़क से नहीं, बल्कि भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड हाईवे से आने वाला है. यह 4-लेन हाईस्पीड कॉरिडोर मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की कनेक्टिविटी को नई ताकत देगा.

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MP में 926 किमी के 4 नए एक्सप्रेसवे.(Photo: Representational)
MP में 926 किमी के 4 नए एक्सप्रेसवे.(Photo: Representational)

अभी तक ट्रेन के जरिए ही करीब 5 से 6 घंटे में ग्वालियर से भोपाल पहुंचा जा सकता है. लेकिन आने वाले दिनों में सड़क मार्ग से भी इतने ही समय दोनों शहरों की दूरी तय हो सकेगी. भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनने के बाद भोपाल से ग्वालियर की मौजूदा दूरी करीब 425 किलोमीटर से घटकर लगभग 320 किलोमीटर के आसपास रह सकती है.

दरअसल, अभी इस सफर में करीब 7 घंटे से ज्यादा लगते हैं. नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यात्रा का समय करीब 4 से 5 घंटे तक आने का अनुमान है. भोपाल-ग्वालियर कॉरिडोर का फायदा सिर्फ इन दो शहरों तक सीमित नहीं रहेगा.

ग्वालियर से आगे यह कनेक्टिविटी मुरैना, आगरा और मथुरा होते हुए दिल्ली की तरफ जाएगी. इससे मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का उत्तर भारत के बड़े शहरों से संपर्क मजबूत होगा. आगे चलकर इस कॉरिडोर को यमुना एक्सप्रेसवे और दूसरे प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है. इससे भोपाल से दिल्ली तक सड़क यात्रा का समय भी कम हो सकता है.

गुना और शिवपुरी समेत कई शहरों को फायदा

नए कॉरिडोर से भोपाल के साथ ब्यावरा, गुना, शिवपुरी और ग्वालियर जैसे शहरों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है. इसके आगे मुरैना, आगरा और मथुरा तक पहुंच आसान होगी. औद्योगिक क्षेत्रों और व्यापारिक केंद्रों के बीच बेहतर सड़क संपर्क मिलने से माल ढुलाई और कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

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MP में 926 किमी के 4 नए एक्सप्रेसवे

मध्य प्रदेश सरकार एक्सप्रेसवे नेटवर्क को कई चरणों में विकसित करने की तैयारी कर रही है. दूसरे चरण में करीब 926 किलोमीटर लंबे चार ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रस्तावित किए गए हैं.

इनमें सागर-जबलपुर एक्सप्रेसवे करीब 135 किलोमीटर का होगा.

कटनी-सिंगरौली एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 232 किलोमीटर प्रस्तावित है.

भोपाल-जबलपुर एक्सप्रेसवे करीब 239 किलोमीटर लंबा होगा.

वहीं भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 320 किलोमीटर प्रस्तावित की गई है.

इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के बड़े शहरों और आर्थिक केंद्रों के बीच तेज और बेहतर सड़क संपर्क तैयार करना है.

पहले चरण में भी तीन बड़े एक्सप्रेसवे

सरकार पहले चरण में तीन अन्य ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की डीपीआर तैयार कर रही है. इनमें सागर-सतना एक्सप्रेसवे, भोपाल-मंदसौर एक्सप्रेसवे और जबलपुर-आशापुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं. इन तीनों की कुल लंबाई करीब 794 किलोमीटर बताई गई है. सरकार का अनुमान है कि इन मार्गों के बनने से कई शहरों के बीच सड़क यात्रा का समय काफी कम होगा.

कब तक पूरा होगा भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेसवे?

भोपाल-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है. इसके लिए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम की ओर से जरूरी काम किए जा रहे हैं. भूमि अधिग्रहण समेत परियोजना से जुड़े दूसरे काम भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं. 2026 से 2030 तक इस एक्सप्रेस वे की समय सीमा रखी गई है.

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सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि भोपाल से ग्वालियर और आगे दिल्ली की तरफ जाने वाले लोगों को ज्यादा सीधा और तेज सड़क मार्ग मिल सकेगा. सरकार का लक्ष्य मध्य प्रदेश में ऐसा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार करना है, जो प्रदेश के प्रमुख शहरों, औद्योगिक क्षेत्रों और दूसरे राज्यों के बड़े शहरों को बेहतर तरीके से जोड़े.

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