'27 और 31... आप Gen-Z नहीं हैं', जब सौरव दास-आशुतोष रांका से HC में पूछी गई उम्र, उठे तीखे सवाल

दिल्ली हाईकोर्ट में CJP एक्टिविस्ट सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई. कोर्ट ने दोनों की उम्र पूछी और कहा कि वे Gen Z नहीं हैं.

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हाई कोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका से उनकी उम्र पूछी गई (File Photo-PTI) हाई कोर्ट में सौरव दास और आशुतोष रांका से उनकी उम्र पूछी गई (File Photo-PTI)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:40 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट में CJP एक्टिविस्ट सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत बढ़ाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों से उनकी उम्र पूछी. जब उनके वकील ने बताया कि सौरव दास की उम्र 27 साल और आशुतोष रांका की उम्र 31 साल है तो कोर्ट ने साफ कहा कि वे Gen Z नहीं हैं. 

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कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि किस उम्र के लोग मिलेनियल्स कहलाते हैं? कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन में बच्चे भी शामिल थे. लेकिन अब मामला कुछ और हो गया है. कोर्ट की ओर से कहा गया कि लोग वहीं हैं लेकिन मुद्दा बदल गया है. 

मामले में कोर्ट ने सवाल उठाया कि आखिर ये लोग कौन हैं, क्या हैं, इनका संगठन क्या है और इसका उद्देश्य है? कोर्ट ने कहा कि जब शांति और व्यवस्था भंग होने की आशंका हो तो ये सभी सवाल अहम हो जाते हैं. 

बता दें, दिल्ली हाईकोर्ट में CJP एक्टिविस्ट सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत बढ़ाने के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सौरव दास और आशुतोष रांका ने अपनी अर्जी वापस ले ली है. 

यह भी पढ़ें: LIVE: 'जब जंतर-मंतर डीनोटिफाई था तो गए क्यों, रिजीम चेंज...', सौरव-रांका से HC के तीखे सवाल

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बता दें, दोनों के खिलाफ कनॉट प्लेस थाने में दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223A, 332 और 61(2) लगाई गई हैं. ये धाराएं सरकारी आदेश का पालन नहीं करने, अपराध करने के इरादे से घर या परिसर में घुसने और आपराधिक साजिश से जुड़ी हैं.

वहीं, संसद मार्ग थाने में दर्ज दूसरी एफआईआर में धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) लगाई गई हैं. ये धाराएं सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने, चोट पहुंचाने, ड्यूटी से रोकने के लिए हमला या बल प्रयोग करने और साझा मंशा से जुड़े मामलों में लागू होती हैं.

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