'दम है तो रोककर दिखाओ', PK की बीजेपी को खुली चुनौती, 10 हजार नौकरियों के वादे पर घमासान

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को अगले एक-दो सालों में प्राइवेट सेक्टर में नौकरी दिलाने का वादा किया है. इस घोषणा के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है और दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.

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प्रशांत किशोर ने बीजेपी के चैलेंज पर पलटवार किया है. (फाइल फोटो-PTI) प्रशांत किशोर ने बीजेपी के चैलेंज पर पलटवार किया है. (फाइल फोटो-PTI)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:46 PM IST

बिहार की राजनीति में इन दिनों चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर का एक नया ऐलान चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, प्रशांत किशोर के पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के वादे पर सूबे की सियासत पूरी तरह गर्मा गई है.

बीजेपी ने इस बयान को लेकर प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है.

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दरअसल, बीते मंगलवार को प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ा ऐलान किया था. उन्होंने घोषणा की थी कि अगले एक से दो साल के अंदर बांकीपुर के 10 हजार बेरोजगार युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों में प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां दिलाई जाएंगी.

इसके लिए उन्होंने इलाके के परिवारों से अपील की थी कि वे अपने बेरोजगार बच्चों का बायोडाटा जल्द से जल्द उनके कार्यालय में जमा कराएं, ताकि रोजगार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके.

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बीजेपी का पलटवार-बिहार में उद्योग क्यों नहीं लगवाते?

प्रशांत किशोर के इस ऐलान के तुरंत बाद भारतीय जनता पार्टी  हमलावर हो गई. बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि जो नेता लंबे समय से बिहार से युवाओं के पलायन को रोकने और राज्य के विकास की बात करते थे, वे अब खुद युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे राज्यों में भेजने की बात कर रहे हैं.

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बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि अगर प्रशांत किशोर के संबंध देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों और कंपनियों से हैं, तो उन्हें उन संपर्कों का इस्तेमाल बिहार के अंदर ही उद्योग लगवाने के लिए करना चाहिए.
पार्टी का तर्क था कि अगर राज्य में कारखाने और कंपनियां लगेंगी, तो युवाओं को अपने ही गृह राज्य में रोजगार मिलेगा और बाहर जाने की मजबूरी खत्म होगी.

प्रशांत किशोर बोले-अगर दम है तो रोककर दिखाएं

बीजेपी के इन तीखे सवालों और आलोचनाओं का प्रशांत किशोर ने बेहद कड़े शब्दों में जवाब दिया है. उन्होंने दो टूक कहा कि वह अपने 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने वाले बयान पर पूरी तरह कायम हैं और पीछे हटने वाले नहीं हैं।

बीजेपी को खुली चुनौती देते हुए पीके ने कहा, "अगर बीजेपी में दम है, तो वह खुलेआम यह कहकर दिखाए कि बांकीपुर के 10 हजार बच्चों को नौकरी नहीं मिलनी चाहिए.

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प्रशांत किशोर ने अपनी सफाई में आगे कहा कि वर्तमान में बिहार की हकीकत यह है कि यहां पर्याप्त फैक्ट्रियां, बड़े दफ्तर और निजी नौकरियां हैं ही नहीं. जब तक राज्य में बड़े पैमाने पर उद्योग नहीं आ जाते, तब तक युवाओं का घर चलाना और पेट भरना सबसे बड़ा संकट है.

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उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना मूल रूप से सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन बांकीपुर के लोगों के एक जनप्रतिनिधि या मार्गदर्शक के तौर पर वहां के बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाना उनकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है.

प्रशांत किशोर ने जानकारी दी कि बांकीपुर इलाके में करीब 50 हजार परिवार रहते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में पढ़े-लिखे युवा आज भी बेरोजगार बैठे हैं. उन्होंने दोहराया कि उनकी राजनीति का मुख्य केंद्र शिक्षा और रोजगार है. जब तक बिहार में खुद के संसाधन मजबूत नहीं होते, तब तक युवाओं का भविष्य संवारने के लिए जो बन पड़ेगा, वह हर संभव प्रयास करेंगे.

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