बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतकर विधायक बने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने गुरुवार को महाराष्ट्र की डिप्टीसीएम और एनसीपी की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार से मुलाकात किया. मुंबई में सुनेत्रा पवार के सरकारी आवास 'देवगिरी' पर प्रशांत किशोर की पांच घंटे तक बैठक चली. इस दौरान उनके बीच क्या बातचीत हुई, वो सामने नहीं आई, लेकिन मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं?
प्रशांत किशोर की सुनेत्रा पवार के साथ दूसरी मुलाकात है. इससे पहले पीके ने सुनेत्रा पवार से उनके पति तत्कालीन डिप्टीसीएम अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद मिले थे. अब दोबारा से बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद गुरुवार को बैठक की है.
बता दें कि चुनावी रणनीतिकार के तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल तक के लिए रोल अदा कर चुके हैं. अब सुनेत्रा पवार के साथ प्रशांत किशोर के मुलाकात पर सियासी चर्चा तेज है और सवाल उठे हैं कि आखिर दोनों क्यों मिले हैं?
सुनेत्रा पवार और पीके के बीच दूसरी मुलाकात
एनसीपी के पदाधिकारी संजय खोडके ने बताया कि चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने गुरुवार को दक्षिण मुंबई में पवार के सरकारी आवास 'देवगिरी' पर उनसे मुलाकात की. कुछ महीने पहले भी दोनों के बीच हुई मुलाकात के बाद सुनेत्रा पवार के बेटे और एनसीपी नेता पार्थ पवार ने कहा था कि प्रशांत किशोर उनके परिवार को जानते थे.
बीते मई में इसी तरह की एक बैठक पार्थ पवार ने मुंबई में सुनेत्रा पवार और प्रशांत किशोर की कराई थी, जिस पर बीजेपी ने अपनी नाराजगी जाहिर की थी. प्रशांत किशोर और सुनेत्रा पवार के बीच मुलाकात की कड़ी पार्थ पवार ही हैं. बैठक को लेकर दोनों तरफ से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जो जानकारी सामने आ रही है, उसके अनुसार प्रशांत किशोर अपने करीबी एक कंपनी को एनसीपी के साथ जोड़ने आए थे.
सुनेत्रा पवार से क्यों मिल रहे प्रशांत किशोर
अजित पवार के निधन के बाद से एनसीपी की कमान सुनेत्रा पवार संभाल रही हैं. महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस के अगुवाई वाली एनडीए सरकार में सुनेत्रा पवार डिप्टीसीएम हैं. सुनेत्रा पवार ने शरद पवार के साथ अपनी पार्टी का विलय करने के लिए रजामंद नहीं है. इतना ही नहीं अपने दोनों बेटे को सियासत में भी उतार दिया है. माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार अपनी एनसीपी को महाराष्ट्र की राजनीति में बनाए रखने के लिए सियासी कवायद शुरू कर दी है.
पार्थ पवार अपनी पार्टी एनसीपी के लिए प्रशांत किशोर के करीबी की कंपनी से मदद लेना चाहते हैं. इसी मद्देनजर गुरुवार को दोनों नेताओं की मुलाकात हुई है. पीके ने भले ही आईपैक कंपनी से खुद को अलग कर लिया हो, लेकिन पर्दे के पीछे से अभी भी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. माना जा रहा है कि पार्थ पवार, प्रशांत किशोर को राजनीतिक सलाहकार के रूप में जोड़ना चाहते हैं. इसी वजह से उन्होंने सुनेत्रा पवार और प्रशांत किशोर की बैठक कराई.
पीके की जरूरत क्या एनसीपी पड़ रही है?
महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों बीजेपी की महायुति में एनसीपी की भूमिका, पार्टी की रणनीति के साथ-साथ पार्टी में कुछ मतभेद भी चल रहे हैं. शरद पवार की पार्टी के साथ एनडीए के हाथ मिलाने की चर्चा तेज है. ऐसे में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद प्रशांत किशोर के साथ मीटिंग कर सुनेत्रा पवार ने सियासी संदेश देने के काम किया है.
पार्थ पवार की सियासी भूमिका को लेकर एनडीए के कुछ नेताओं में नाराजगी है. ऐसे में सुनेत्रा पवार ने अपनी सियासी तैयारी और एनसीपी को राजनीतिक दल के तौर पर धार देने के लिए ही प्रशांत किशोर की सहयोग लेना चाहती है. इसके बहाने सियासी संदेश देने की रणनीति है. इसीलिए तीन महीने में दोबार मुलाकात पीके से की है.
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