कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है. दरअसल, BJP ने आरोप लगाया था कि विपक्ष सड़क पर प्रदर्शन के जरिए हिंसक तरीके से सरकार बदलना चाहता है. इंडिया टुडे से बातचीत में पी चिदंबरम कहा कि कांग्रेस ने कभी हिंसक प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया. पार्टी गांधीवादी तरीकों से विरोध, प्रदर्शन और सरकार के खिलाफ जनमत बनाने में विश्वास रखती है.
चिदंबरम ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी चुनाव आयोग पर सवाल उठाए. उनका दावा है कि 26 राज्यों में SIR की प्रक्रिया के बाद बाकी 17 राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य मतदाता सूची संशोधन (SSR) किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को साफ करना चाहिए कि उसने बाकी राज्यों में कौन-सी प्रक्रिया अपनाई है.
'हम हिंसा नहीं, लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव चाहते हैं'
बीजेपी नेताओं और मंत्रियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस हिंसक प्रदर्शन के जरिए सरकार बदलने के पक्ष में नहीं है. पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने और जनता के बीच अपनी बात रखने में विश्वास करती है.
चिदंबरम ने कहा कि हमने कभी हिंसक प्रदर्शन का समर्थन नहीं किया और न ही हिंसा के जरिए सरकार बदलना चाहते हैं. हम एक लोकतांत्रिक पार्टी हैं और गांधीवादी तरीकों से विरोध करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस को किसी अलग प्रयास की जरूरत नहीं है. सरकार और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और विपक्ष का काम जनता के बीच अपनी बात रखना है.
पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि SIR और सामान्य मतदाता सूची संशोधन (SSR) अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. SIR तीन चरणों में 26 राज्यों में किया गया. अब बाकी राज्यों में सामान्य पुनरीक्षण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
उन्होंने कहा कि सामान्य पुनरीक्षण हर साल वोटर लिस्ट को अपडेट करने का नियमित तरीका है. चिदंबरम ने सवाल उठाया कि अगर बाकी राज्यों में SSR किया जा रहा है, तो चुनाव आयोग को इसकी वजह बतानी चाहिए.
उन्होंने कहा कि बीजेपी को चुनाव आयोग की ओर से जवाब देने के बजाय आयोग को खुद अपनी कार्रवाई साफ करनी चाहिए. चिदंबरम ने यह भी दावा किया कि एक अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, बाकी 17 राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य पुनरीक्षण किया जाएगा.
'SIR के जरिए 13.30 करोड़ वोट हटाए गए'
कांग्रेस नेता चिदंबरम ने दावा किया कि SIR की प्रक्रिया में 13 करोड़ 30 लाख वोट हटाए गए हैं. उन्होंने कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका का हिस्सा है.
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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका से जुड़े मुद्दों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. कोर्ट ने इस मामले में सवाल उठाए हैं और आगे की सुनवाई में मुद्दे साफ हो सकते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट SIR की प्रक्रिया की जांच करेगा. चिदंबरम ने इस प्रोसेस को गलत बताते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं को लिस्ट से बाहर किया गया.
यह पूछे जाने पर कि अगर सुप्रीम कोर्ट SIR को लेकर विपक्ष की चिंताओं पर फैसला देता है, तो क्या कांग्रेस उसे स्वीकार करेगी? इस पर चिदंबरम ने कहा कि कोर्ट में सभी दलीलें स्वीकार होना जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि अदालत कानून, प्रक्रिया, सबूत और उचित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर फैसला करती है. इसलिए वह सुनवाई के नतीजे पर पहले से कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.
'हम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं'
कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा कि कांग्रेस की लड़ाई सिर्फ SIR तक सीमित नहीं है. पार्टी नागरिकों के मौलिक अधिकारों के लिए भी आवाज उठा रही है. उन्होंने वोट देने, सभा करने, बोलने, लिखने और विरोध करने के अधिकारों का जिक्र किया.
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उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेंगे और युवाओं को भी विरोध करने का अधिकार है. चिदंबरम ने किसान संगठनों, संयुक्त किसान मोर्चा और नागरिक समाज के समर्थन का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदर्शन आगे और व्यापक हो सकते हैं.
मारिया शकील