नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ से मची भारी तबाही के बीच भारत अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए तुरंत आगे आया है. भारत सरकार ने बुधवार की रात भारतीय वायुसेना के विमान से राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल रवाना कर दी.
इस प्राकृतिक आपदा में अब तक करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग लापता हैं. भारत का भेजा गया राहत सामग्री सहित वायुसेना का विशेष विमान काठमांडू पहुंच भी चुका है.
राहत सामग्री भेजने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र 'बालेन' शाह से फोन पर बात की.
पीएम मोदी ने इस मुश्किल घड़ी में नेपाल को हर मुमकिन मदद करने का पूरा भरोसा दिया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि भारत ने नेपाल की सहायता के लिए 10 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) सामग्री के साथ जरूरी दवाइयां भेजी हैं.
भारत ने भेजे कंबल और दवाइयां
बता दें कि राहत सामग्री की ये पहली खेप भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए भेजी गई. विमान ने दिल्ली के पास हिंडन एयरबेस से रात करीब 8:35 बजे काठमांडू के लिए उड़ान भरी. इन सामग्रियों में अस्थायी टेंट/शेल्टर, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और जीवनरक्षक दवाएं शामिल हैं.
भारतीय वायुसेना ने बताया कि नेपाल में जारी तबाही को देखते हुए C-130J विमान के अलावा C-17 विमानों को भी आगे की राहत सामग्री पहुंचाने के लिए तैयार रखा गया है. इसके अलावा राहत और बचाव कार्यों और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया जा रहा है.
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हर मदद को तैयार भारत
वहीं, नेपाल के पीएम बालेन शाह ने बातचीत के बाद पीएम मोदी ने भी सोशल मीडिया पर लिखा, 'इस संकट की घड़ी में भारत के लोग नेपाल के अपने भाइयों और बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं. भारत, नेपाल को हर मुमकिन मानवीय सहायता देने के लिए पूरी तरह तैयार है. हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों को लेकर आपस में लगातार तालमेल बना रही हैं.'
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