बालेन शाह (Balen Shah) ने 27 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. रैपर से राजनीति में आए बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बन गए हैं. वे काठमांडू महानगर पालिका के पूर्व मेयर हैं.
Gen-Z आंदोलन के बाद नेपाल में हुए आम चुनाव के नतीजों में बालेन शाह आगे हैं. पीएम पद के लिए चुनाव लड़ने से पहले मेयर पद पर रहते हुए उन्हें 46,000 रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता था. वहीं इनकी इससे भी ज्यादा कमाई इंजीनियरिंग पेशे और संगीत (रैप) से होती है. राजनीति में कदम रखने से पहले ही उन्होंने युवाओं के बीच एक प्रेरणादायक कलाकार और पेशेवर इंजीनियर के रूप में अपनी पहचान बना ली थी.
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी से ताल्लुक रखने वाले बालेन Balen Consulting & Construction Pvt. Ltd. के प्रबंध निदेशक (Managing Director) हैं. इसके अलावा, उन्होंने Padma Group of Companies में डिप्टी जनरल मैनेजर और अन्य इंजीनियरिंग से संबंधित भूमिकाओं में भी कार्य किया है. निर्माण और परामर्श सेवाओं के माध्यम से उन्हें एक स्थिर और अच्छी खासी आय प्राप्त होती है.
संगीत के क्षेत्र में भी बालेन शाह का नाम काफी प्रसिद्ध है. वे एक मशहूर रैपर और संगीतकार हैं जिन्होंने कई टीवी शो, रैप बैटल्स और म्यूजिक वीडियो में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. गीत लेखन (songwriting), म्यूजिक प्रोडक्शन और स्टेज परफॉर्मेंस उनके अतिरिक्त आय के स्रोत हैं. इसके अलावा, फेसबुक, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी उन्हें अच्छी कमाई होती है.
साल 2023 में TIME Magazine ने उन्हें अपनी प्रतिष्ठित '100 Emerging Leaders - Time 100 Next' सूची में शामिल किया था. यह उपलब्धि उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और दूरदर्शी नेतृत्व का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह का 23 से 25 नवंबर के बीच भारत दौरा प्रस्तावित है, जिसे उनकी पहली औपचारिक द्विपक्षीय विदेश यात्रा माना जा रहा है. इस दौरे में रेल, ऊर्जा, सीमा ढांचा और बाढ़ के बाद पुनर्निर्माण पर कई अहम समझौतों की उम्मीद है.
नेपाल ने बागमती प्रदेश में आई भीषण बाढ़ के लिए चीन, भारत और अमेरिका को जलवायु मुआवजे की मांग की है. प्रधानमंत्री बालेन शाह यूएन महासभा में इस मुद्दे को उठाने के लिए न्यूयॉर्क जाने की तैयारी कर रहे हैं.
Nepal Flood Live Updates: Nepal Flood Live Updates: नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं. बाढ़ से मरने वालों की संख्या 675 के पार पहुंच गई है, जबकि 2,400 लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों में 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. भारत की ओर से नेपाल को लगातार राहत मुहैया कराई जा रही है और विदेश मंत्रालय स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
नेपाल में बाढ़ के बाद हालात गंभीर बने हुए हैं. प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने विदेशी सहयोग ठुकराने की खबरों को भ्रामक बताया और कहा कि भारत, चीन व अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ राहत-बचाव के लिए लगातार समन्वय किया जा रहा है.
Nepal Flood Live Updates: नेपाल में भीषण बाढ़ के चलते मरने वालों का आंकड़ा 587 के पार पहुंच गया है, जबकि 1924 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं. इनमें 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं. नेपाल के पीएम बालेन शाह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया है और हालात को गंभीर बताया है. नेपाल में फिर से बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है.
नेपाल पीएम बालेन शाह और उनकी कैबिनेट ने आपदा राहत कोष में अपनी एक महीने की सैलरी दान करने का फैसला लिया है. सरकार ने प्रभावित लोगों और कारोबारियों के लिए राहत और पुनर्वास पैकेज तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है.
नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के बाद बालेन शाह ने कहा कि हालात अब भी चुनौतीपूर्ण हैं. सरकार ने राहत-बचाव के साथ लापता लोगों की तलाश को प्राथमिकता दी है.
नेपाल में आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है. इस मुश्किल घड़ी में भारत ने एक अच्छे पड़ोसी होने का फर्ज निभाया है. भारत ने भारतीय वायुसेना के विमान से राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेजी है. राहत सामग्री में टेंट, कंबल, स्वच्छता किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल हैं.
नेपाल में आई बाढ़ से देश में हाहाकार मच गया है. इस आपदा में कई लोगों की मौत हो गई, अनगिनत लोग घायल हो गए और भारी संख्या में लोग अब भी लापता है. त्रासदी के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है. मौके से सामने आई तस्वीरें बेहद खौफनाक है.
नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से मरने वालों की संख्या 95 तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बताया कि सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस राहत-बचाव में जुटी हैं और हेलीकॉप्टरों से 250 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ पर दुख जताया है. उन्होंने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि सरकार राहत और बचाव कार्यों को तेज करने के लिए सभी संसाधन जुटा रही है. शाह ने बताया कि घायलों के इलाज के लिए काठमांडू के अस्पतालों में 100 बेड आरक्षित किए गए हैं. इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पानी और अस्थायी आवास के इंतजाम किए जा रहे हैं.
नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ से अब तक 55 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 463 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 133 भारतीय, 52 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक शामिल हैं। बाढ़ से 13 जलविद्युत परियोजनाएं और कई वाहन प्रभावित हुए हैं।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह संसद की कार्यवाही में काला चश्मा पहनकर शामिल होंगे, जबकि स्पीकर ने इसे बैन कर दिया था. पीएम शाह ने अपनी आंखों की लाइट सेंसिटिविटी और ड्राई आइज की समस्या का मेडिकल सर्टिफिकेट संसद को सौंपा है. यही वजह से कि वो अपना काला चश्मा नहीं उतार सकते हैं.
जिस युवा चेहरे को नेपाल में बदलाव की नई उम्मीद माना गया था, सत्ता में आने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं. अब नेपाल की जनता लोकप्रियता से ज्यादा सरकार चलाने की क्षमता को परख रही है.
भारतीय सेनाध्यक्ष जनरल धीरज सेठ ने नेपाल यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाकात कर रक्षा सहयोग पर बातचीत की. इस दौरान भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे. जनरल सेठ को नेपाल सेना का मानद जनरल बनाया गया, जो 1950 से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है.
Nepal Violence: नेपाल के सुनसरी जिले से शुरू हुई सांप्रदायिक हिंसा अब कई शहरों तक फैल चुकी है. कई इलाकों में कर्फ्यू लागू है, नेपाली सेना तैनात है और हेलिकॉप्टर से निगरानी की जा रही है. हिंसा में कई लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है.इस बीच भारत-नेपाल सीमा से लगे बिहार के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सीमा पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन् शाह ने कहा है कि उनकी सरकार हिंदू राष्ट्र की पुनर्स्थापना और राजशाही की वापसी के पक्ष में नहीं है, क्योंकि इससे संघीय व्यवस्था कमजोर हो सकती है. उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है.
नेपाल के कोशी और मधेश प्रांतों में पिछले एक सप्ताह से बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो चुकी है. प्रशासन ने कई जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगाया है और सुरक्षा कड़ी कर दी है.
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने विदेशी राजदूतों से व्यक्तिगत मुलाकात न करने की अपनी नीति को तोड़ते हुए भारत और चीन के राजदूतों से मिलने का फैसला किया है.
नेपाल की सरकार ने स्पष्ट किया है कि एक रुपये के सिक्के से नक्शा हटाने के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था. यह प्रक्रिया वर्तमान सरकार के गठन से काफी पहले शुरू हो चुकी थी.
नेपाल में एक राइड-शेयर ड्राइवर की मौत ने सिर्फ कानून-व्यवस्था ही नहीं, बल्कि सरकार की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. काठमांडू से शुरू हुआ विरोध अब राजनीतिक रूप ले चुका है. युवा प्रदर्शनकारियों, विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने सरकार से जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज कर दी है.