उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में लगातार कई दिनों तक हुई तेज और भारी बारिश के बाद अब मौसम में राहत मिलने के संकेत हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 23 जुलाई को प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां पहले की तुलना में कमजोर रहेंगी. हालांकि राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन किसी भी जिले के लिए भारी बारिश या किसी अन्य मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है.
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ने के बाद मानसूनी सिस्टम का प्रभाव भी कम हुआ है. इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में हो रही व्यापक और तेज बारिश का दौर अब थमता नजर आ रहा है. मानसूनी द्रोणी के दक्षिण की ओर खिसकने के कारण बारिश का क्षेत्र भी बदल रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश में वर्षा की तीव्रता कम होने का अनुमान है.
23 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 23 जुलाई को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि यह बारिश सामान्य या हल्की से मध्यम श्रेणी की रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने साफ किया है कि 23 जुलाई के लिए प्रदेश के किसी भी हिस्से में कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. इसका मतलब है कि पिछले दिनों जैसी भारी या बहुत भारी बारिश की आशंका फिलहाल नहीं है. ऐसे में लोगों को मौसम से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
तापमान में होगी बढ़ोतरी
मौसम विभाग का कहना है कि मानसूनी गतिविधियों में कमी आने के कारण अगले चार से पांच दिनों के दौरान तापमान में भी बढ़ोतरी हो सकती है. अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास पहुंच सकता है. बारिश कम होने से उमस भी बढ़ने की संभावना है, जिससे दिन के समय गर्मी का एहसास ज्यादा हो सकता है. IMD के अनुसार यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं रहने वाली है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 26 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो सकती हैं. ऐसे में बारिश का दौर दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है.
पिछले दिनों हुई थी झमाझम बारिश
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में भारी और बहुत भारी बारिश दर्ज की गई. मिर्जापुर के चुनार में सबसे अधिक 190 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा सिद्धार्थनगर, शाहजहांपुर, संभल, गोरखपुर, चित्रकूट, बलरामपुर, उन्नाव, कानपुर नगर, बाराबंकी और सोनभद्र सहित कई जिलों में अच्छी बारिश हुई. 21 जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य से 18 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 27 प्रतिशत कम और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सामान्य से 2 प्रतिशत कम बारिश हुई है. कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिले अभी भी वर्षा की कमी वाले क्षेत्र में बने हुए हैं.
लोगों के लिए क्या है सलाह
हालांकि 23 जुलाई के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन मौसम विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें. बारिश के समय सड़क पर वाहन सावधानी से चलाएं और बिजली गिरने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें. ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसान भी मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखें.
किसानों के लिए जरूरी अपडेट
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें. जिन क्षेत्रों में हाल के दिनों में अधिक बारिश हुई है, वहां गन्ना, धान, मक्का, अरहर, मूंगफली, तिल और सब्जी फसलों में जलभराव से बचाव जरूरी है. बारिश कम होने के दौरान खेतों की निगरानी करें और आवश्यकता के अनुसार कृषि कार्य करें. कुल मिलाकर 23 जुलाई को उत्तर प्रदेश के लोगों को भारी बारिश से राहत मिलने की संभावना है. प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक हो सकती है, लेकिन फिलहाल किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट नहीं है. मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 26 जुलाई से मानसून फिर रफ्तार पकड़ सकता है, इसलिए आने वाले दिनों में मौसम के नए अपडेट पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.
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