भारत आ रहे ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, BRICS समिट में होंगे शामिल

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे. भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है. पेजेशकियान की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब पश्चिम एशिया में तनाव के बीच ईरान भारत से क्षेत्रीय शांति और तनाव कम करने में रचनात्मक भूमिका की उम्मीद जता चुका है.

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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान. (File Photo: Reuters) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान. (File Photo: Reuters)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 14 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:20 PM IST

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान अगले महीने भारत दौरे पर आएंगे. वह दिल्ली में 12-13 सितंबर को होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. ईरान ने शुक्रवार को पेजेशकियान की भारत यात्रा की पुष्टि की. इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है और सम्मेलन नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा.

पेजेशकियान का भारत दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है. उनकी यात्रा के दौरान भारत और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय हालात पर भी चर्चा होने की उम्मीद है. भारत लगातार पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और सभी पक्षों के बीच बातचीत के जरिए विवादों का समाधान निकालने की वकालत करता रहा है.

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BRICS में ईरान की भूमिका और भारत से रिश्ते

ईरान 2024 में BRICS का पूर्ण सदस्य बना था. इसके बाद से तेहरान इस मंच के जरिए आर्थिक और राजनीतिक सहयोग बढ़ाने पर जोर देता रहा है. जून में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने भारत आए थे. उस दौरान उन्होंने कहा था कि भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा था कि ईरान भारत की किसी भी रचनात्मक भूमिका का स्वागत करेगा. 

राष्ट्रपति पेजेशकियान ने अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में हुए BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय रिश्तों और पश्चिम एशिया समेत क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी. प्रधानमंत्री मोदी ने उस दौरान चाबहार बंदरगाह और भारत-ईरान सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया था.

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पश्चिम एशिया संकट के बीच अहम दौरा

भारत और ईरान के बीच हाल के महीनों में कूटनीतिक संपर्क बढ़ा है. जुलाई में पीएम मोदी और राष्ट्रपति पेजेशकियान के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पश्चिम एशिया के हालात और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा हुई. मोदी ने बातचीत और कूटनीति के जरिए समाधान और होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई थी.

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