कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने संसद के हालिया मॉनसून सत्र को लेकर विपक्ष की एकजुटता को अपनी बड़ी कामयाबी बताया है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने मिलकर सरकार पर दबाव बनाया, जिसके चलते कई ऐसे बिल इस सत्र में आगे नहीं बढ़ सके, जिन्हें सरकार लाना चाहती थी. रमेश ने विपक्ष की पांच ऐसी सफलताएं गिनाईं, जिन्हें उन्होंने सरकार की योजनाओं को रोकने या टालने में अहम बताया.
जयराम रमेश के मुताबिक, सरकार की तरफ से कई अहम विधेयकों को इसी सत्र में आगे बढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन विपक्ष के विरोध और संसदीय समितियों की प्रक्रिया के चलते ये मामले अब अगले सत्र तक टल गए हैं. उन्होंने कहा कि विपक्ष की एकजुटता का असर संसद के कामकाज में साफ दिखाई दिया.
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जयराम रमेश ने गिनाई विपक्ष की 5 सफलताएं
1. वन नेशन, वन इलेक्शन बिल: जयराम रमेश ने कहा कि सरकार इस बिल को इसी सत्र में आगे बढ़ाना चाहती थी, लेकिन अब इसे विंटर सेशन तक टाल दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट भी अभी नहीं आई है.
2. VBSA बिल: जयराम रमेश ने कहा कि शिक्षा के केंद्रीकरण से जुड़े VBSA बिल पर संयुक्त संसदीय समिति को इसी सत्र में अपनी रिपोर्ट देनी थी. लेकिन समिति की रिपोर्ट भी अब आगे के लिए टल गई है.
3. 130वां संविधान संशोधन बिल: जयराम रमेश ने इस बिल को 'डिसमिसल बिल' बताते हुए कहा कि सरकार इसे आगे बढ़ाना चाहती थी. उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट तैयार थी और क्लॉज-बाय-क्लॉज चर्चा भी पूरी हो चुकी थी, लेकिन अब इसे नवंबर में लाने की बात कही जा रही है.
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4. FCRA संशोधन बिल: जयराम रमेश ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह इस बिल को आगे बढ़ाने के लिए तैयार थे, लेकिन यह भी फिलहाल आगे नहीं बढ़ पाया. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका के उपराष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाया.
5. परिसीमन बिल: जयराम रमेश ने कहा कि सरकार परिसीमन से जुड़ा संविधान संशोधन बिल भी लाना चाहती थी. मीडिया रिपोर्टों में सीटों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए थे, लेकिन यह बिल भी इस सत्र में आगे नहीं बढ़ सका.
मौसमी सिंह