सेंट्रल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. उस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े होने का संदेह है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान ममताजुल मलिक के रुप में हुई है. वह पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और शहर के सराफा बाजार में अपने भाई के साथ सुनार का काम करता था.
जांच एजेंसियों को शक है कि ममताज ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए संपर्क बनाया था. आरोप है कि उसने मैसेजेस के माध्यम से महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की. फिलहाल एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही है.
सेंट्रल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट द्वारा संदिग्ध संपर्कों का पता लगाने के बाद कार्रवाई की जा रही है. कलबुर्गी के चौक पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर सुशील कुमार की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 113(3) और 197(1) के तहत ब्रह्मपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है.
पुलिस शिकायत के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के रहने वाले साकिर मलिक के दो बेटे ममताजुल और मेहराब मलिक पुलिस की जांच के दायरे में आए. पुलिस उपायुक्त (कानून-व्यवस्था) ने चौक पुलिस इंस्पेक्टर को कलबुर्गी के सराफा बाजार में गणेश मंदिर के पास स्थित पाडाशेट्टी कॉम्प्लेक्स की एक सोने के गहनों की दुकान पर दोनों की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी थी.
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इसके बाद 17 अक्टूबर को दोनों से पूछताछ की गई और उन्हें अगले दिन फिर से पेश होने के लिए कहा गया. आगे की जांच के दौरान पुलिस ने उनके मोबाइल फोन की जांच की. जांचकर्ताओं को फोन के गलत इस्तेमाल या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से जुड़ा कोई सबूत नहीं मिला. इसके बाद मेहराब मलिक को जाने दिया गया.
हालांकि, पुलिस ने बताया कि ममताजुल मलिक के मोबाइल फोन की जांच से सोशल मीडिया पर उसकी गतिविधियों और कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स में उसकी सदस्यता का पता चला है. फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है.
FIR के अनुसार, मल्लिक “अंसारी इखवान” नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल कर रहा था. पुलिस का आरोप है कि वह “Kashmiritiger.313” और “major_iqbal._isi” जैसे अकाउंट्स को फॉलो करता था. जांचकर्ताओं का यह भी आरोप है कि उसने पाकिस्तान से जुड़ी वीडियो रील्स को लाइक और फॉलो किया था.
सगाय राज