IIT बॉम्बे स्टूडेंट सुसाइड मामले में अब जाति का एंगल भी निकल कर आ रहा है. छात्र के पिता ने इसे लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं.उन्होंने डीन केदारे और प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला की गिरफ्तारी की मांग की है. पिता का आरोप है कि उनके बेटे को लगातार निशाना बनाया जा रहा था, उसे प्रताड़ित किया गया और उसके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां की गईं. उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की है.
पिता ने रखी ये मांगें
पिता का कहना है कि उनका बेटा IIT में पढ़ाई कर रहा था, तभी उन्हें फोन पर उसके सुसाइड की जानकारी दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को संस्थान में प्रताड़ित किया जा रहा था और उसे लगातार टारगेट किया जा रहा था. उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
आरोप- बेटे को बोले गए जातिसूचक शब्द
छात्र के पिता ने कहा, 'मेरा बेटा IIT में पढ़ रहा था. इसके बाद मुझे फोन आया कि उसने आत्महत्या कर ली है. उसे प्रताड़ित किया गया था और इसकी जांच होनी चाहिए.' पिता ने आरोप लगाया कि उनके बेटे के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था. उसे धमकियां भी दी गई थीं कि उसे निशाना बनाया जाएगा और उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने इन सभी आरोपों को बेटे की मौत की जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है.
लंबे समय से स्ट्रेस में था साहिल
साहिल के पिता का दावा है कि उनका बेटा लंबे समय से प्रेशर-स्ट्रेस झेल रहा था. उसे लगातार प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था. उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की है. छात्र के पिता ने कहा कि वह 13 तारीख को अपने बेटे से मिलने गए थे और उस दौरान बेटे ने उन्हें अपनी परेशानी के बारे में बताया था. पिता के मुताबिक, उन्होंने बेटे को समझाया था कि IIT में पढ़ाई कठिन होती है और वह किसी तरह परिस्थितियों का सामना करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखे.
प्रोफेसर दुल्ला पर लगाए ये आरोप
पिता ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर दुल्ला उनके बेटे को जाति के आधार पर निशाना बनाते थे. उनका दावा है कि बेटे से कहा जाता था कि वह निचली जाति से है, जबकि दुल्ला खुद को ऊंची जाति का बताता था. पिता का यह भी आरोप है कि उनका बेटा पिछले साल से ही दबाव और कथित प्रताड़ना का सामना कर रहा था. परीक्षा में कथित नकल के आरोप पर भी पिता ने सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर उनके बेटे पर परीक्षा में नकल करने का आरोप लगाया गया है तो संस्थान को इसके सबूत सामने रखने चाहिए. पिता के मुताबिक उनका बेटा पढ़ाई में अच्छा और मेहनती छात्र था. उन्होंने सवाल किया कि बिना उचित जांच के उनके बेटे को नकल करने वाला कैसे बताया जा सकता है.
पिता ने कहा, 'मैंने अपना बेटा खो दिया है. इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों ने उसे प्रताड़ित किया, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए.'
प्रोफेसरों की गिरफ्तारी की मांग की
मृतक छात्र के पिता ने कहा कि उन्हें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा है. साथ ही उन्होंने सूर्यनारायण डूला और डीन केदारे की गिरफ्तारी की मांग की. हालांकि, पिता की ओर से लगाए गए प्रताड़ना और जातिगत भेदभाव के आरोपों की जांच अभी की जानी है. परिवार की मांग है कि जांच एजेंसी उन परिस्थितियों का पता लगाए, जिनमें छात्र की मौत हुई. साथ ही यह भी जांच की जाए कि क्या छात्र को संस्थान में किसी तरह की प्रताड़ना, जातिगत टिप्पणी या धमकी का सामना करना पड़ा था और क्या इन घटनाओं का उसकी मौत से कोई संबंध था.
इस बीच क्राइम ब्रांच के सूत्र के मुताबिक, मामले में अभी प्रोफेसर दुल्ला का बयान दर्ज नहीं किया गया है. पुलिस जल्द ही उन्हें पूछताछ के लिए बुला सकती है. सूत्र ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए प्रोफेसर दुल्ला को 'क्लीन चिट' दिए जाने या उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने जैसी बात कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी.
क्राइम ब्रांच इस मामले में साहिल के माता-पिता के बयान दर्ज कर चुकी है. अब जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य लोगों के बयान दर्ज करने के साथ ही छात्र के परिवार की ओर से लगाए गए प्रताड़ना, जातिगत टिप्पणी और धमकी के आरोपों की जांच कर रही है.
लॉक है साहिल का iPhone
IIT पवई के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को उसके माता-पिता के बयान दर्ज किए. हालांकि, जांच एजेंसी उनसे कुछ और जानकारियां हासिल करना चाहती है, इसलिए दोनों को दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और उनके बयान फिर से दर्ज किए जाएंगे.
क्राइम ब्रांच के सूत्रों के मुताबिक, साहिल के पास एक iPhone था, जो फिलहाल लॉक है. जांच एजेंसी फोन को अनलॉक करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ले रही है. फोन खुलने के बाद उसमें मौजूद डिजिटल डेटा की जांच की जाएगी. इसमें अन्य डिजिटल गतिविधियों के साथ ChatGPT हिस्ट्री की भी जांच की जा सकती है, ताकि मामले से जुड़े दावों और घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके.
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क्या साहिल ने पहले कभी की थी कोई शिकायत
पुलिस इस मामले में साहिल की ओर से पहले की गई किसी शिकायत या काउंसलिंग के रिकॉर्ड का भी पता लगाने की तैयारी कर रही है. IIT पवई में छात्रों की शिकायतों और समस्याओं के लिए SC/ST सेल और स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर मौजूद हैं.
क्राइम ब्रांच इन दोनों इकाइयों को पत्र भेजकर यह जानकारी मांगेगी कि क्या साहिल ने पहले कभी अपने साथ कथित भेदभाव, प्रताड़ना या किसी अन्य परेशानी को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस यह भी पता लगाएगी कि क्या साहिल ने कभी स्टूडेंट काउंसलिंग सेंटर से संपर्क किया था या उसकी किसी तरह की काउंसलिंग हुई थी.
पिता के आरोपों पर भी होगी जांच
जांच एजेंसी इन रिकॉर्ड्स के जरिए साहिल की मौत से पहले के घटनाक्रम और परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि करने की कोशिश करेगी. इससे पहले साहिल के पिता ने आरोप लगाया था कि उनके बेटे को कथित तौर पर निशाना बनाया जा रहा था और उसके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां की गई थीं. इन आरोपों की भी क्राइम ब्रांच जांच कर रही है.
दिव्येश सिंह