JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का विरोध बरकरार है. हाईकोर्ट को स्टे वाले फैसले के बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के छात्र नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वो आंदोलन की अपनी मूल मांगों पर आज भी पूरी तरह कायम हैं.
हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर की नियुक्ति रद्द करने वाले सरकारी आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगाई है. ऐसे में आंदोलन के प्रमुख चेहरा देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि वो झारखंड हाईकोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान करते हैं.
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, 'अदालत की प्रक्रिया अपनी जगह चल रही है, लेकिन इस अंतरिम आदेश से हमारी मूल मांगें खत्म नहीं हो जातीं. JPSC और JSSC की भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही हमारी पहली प्राथमिकता है.
'हम अपनी मूल मांगों पर आज भी पूरी तरह कायम'
महतो ने आगे कहा, हमने आंदोलन किसी अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार, गड़बड़ी, अपारदर्शिता और व्यवस्था की खामियों के खिलाफ शुरू किया था. इसलिए हम अपनी मूल मांगों पर आज भी पूरी तरह कायम हैं. हमारी मांग साफ है कि जिन परीक्षाओं में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच होनी चाहिए.
छात्र नेता ने कहा कि जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए. बल्कि दोषियों की पहचान करके उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
यह भी पढ़ें: झारखंड सरकार के खिलाफ कोर्ट पहुंचे सफल अभ्यर्थी, JPSC एग्जाम रद्द करने को दी चुनौती
24 जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन करेंगे छात्र
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान JPSC और JSSC रिफॉर्म मंच के छात्र प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के खिलाफ अपने विरोध प्रदर्शन को तेज करने का ऐलान किया है. छात्रों ने ऐलान किया कि वो अपनी मांगों को लेकर शुक्रवार को झारखंड के 24 जिलों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन करेंगे.
सत्यजीत कुमार