झारखंड सरकार के खिलाफ कोर्ट पहुंचे सफल अभ्यर्थी, JPSC एग्जाम रद्द करने को दी चुनौती

झारखंड सरकार ने छात्र संगठनों के आंदोलन और जांच रिपोर्ट के बाद 22 भर्ती परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. सफल अभ्यर्थियों ने इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में तीन याचिकाएं दाखिल की हैं.

Advertisement
झारखंड में अब JPSC के सफल अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं झारखंड में अब JPSC के सफल अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं

सत्यजीत कुमार

  • रांची,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 10:23 PM IST

झारखंड सरकार 'इधर कुआं उधर खाई' वाली स्थिति में फंस गई है. बीते एक महीने से JPSC एग्जाम रद्द कराने के लिए प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगें मानने के बाद अब प्रदेश सरकार के सिर दूसरा संकट आ खड़ा हुआ है. झारखंड सरकार की ओर से 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले के खिलाफ सफल अभ्यर्थियों ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. 

Advertisement

अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में कुल तीन याचिकाएं दाखिल की हैं. इन याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई हो सकती है. जानकारी के मुताबिक, JPSC 11वीं से 13वीं परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ सफल अभ्यर्थियों की ओर से याचिका दाखिल की गई है. इसके अलावा फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा को रद्द करने के मामले में भी हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. अलग-अलग रद्द की गई भर्ती परीक्षाओं के सफल अभ्यर्थियों ने सरकार के फैसले को चुनौती दी है.

परीक्षाएं रद्द होने से पड़ा भविष्य पर असर

याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के फैसले को एकतरफा बताते हुए मामले में जल्द सुनवाई की मांग की है. उनका कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में सफल होने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने से उनके भविष्य पर असर, पड़ा है. राज्य सरकार ने कुल 22 भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है. इसके बाद अलग-अलग परीक्षाओं में सफल रहे अभ्यर्थी सरकार के फैसले के खिलाफ कानूनी लड़ाई के लिए हाईकोर्ट पहुंचे हैं. अब सभी की नजर झारखंड हाईकोर्ट पर है. तीनों याचिकाओं पर गुरुवार को सुनवाई हो सकती थी.

Advertisement

सरकार के फैसले के बाद रांची में दोतरफा प्रदर्शन

बता दें कि, सरकार के फैसले के बाद रांची में दो तरह के प्रदर्शन हो रहे हैं. एक तरफ वे अभ्यर्थी हैं जिन्होंने परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाकर 24-25 दिन से आंदोलन चलाया. दूसरी तरफ वे युवा हैं जिन्हें JSSC-CGL के जरिए नियुक्ति मिल चुकी थी. ये चयनित अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन और सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि हमारा क्या गुनाह है? हमें बाहर मत निकालो.

सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हमारी नियुक्ति हुई थी. कई लोगों ने पुरानी नौकरी छोड़ दी थी. कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि वे केंद्र सरकार या प्राइवेट जॉब छोड़कर आए थे. अब अचानक सब कुछ छिन जाने का डर है. वे लिखित आदेश की मांग कर रहे हैं और कोर्ट जाने की बात भी कर रहे हैं.

बता दें कि छात्र संगठनों के लंबे आंदोलन और कथित अनियमितताओं की शिकायतों के बाद सरकार ने यह कदम उठाया. CID और SIT जांच में सामने आए तथ्यों का हवाला दिया जा रहा है. सरकार ने परीक्षा सुधार समिति भी गठित की है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »