फारूक अब्दुल्ला का ज्ञान- पाक का हिस्सा है PoK, कश्मीर पर जनता करेगी फैसला

फारूक अब्दुल्ला ने करतारपुर कॉरिडोर के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित शारदा पीठ को भी कश्मीरी पंडितों के लिए खोने जाने की पैरवी की है.

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अशरफ वानी / पन्ना लाल

  • श्रीनगर,
  • 02 दिसंबर 2018,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST

जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उनकी पार्टी जम्मू कश्मीर की स्वायत्तता के लिए लड़ती रहेगी. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को जब बताया गया कि केंद्र सरकार पहले ही स्वायत्तता की मांग को ठुकरा चुकी है तो उन्होंने कि जम्मू-कश्मीर की स्वायत्तता का फैसला केंद्र नहीं बल्कि यहां की जनता करेगी.

PoK पाकिस्तान का हिस्सा

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भारत सरकार के आधिकारिक रूख से हटकर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर जिसे भारत में पाक अधिकृत कश्मीर के रूप में जाना जाता है, पाकिस्तान का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर ही भारत का भाग है. फारूक अब्दुल्ला ने करतारपुर कॉरिडोर के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित शारदा पीठ को भी कश्मीरी पंडितों के लिए खोने जाने की पैरवी की है.

अमन की हर पहल का समर्थन

बीजेपी के साथ जम्मू-कश्मीर में सरकार चला चुके फारूक ने कहा कि दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्ते ही भारत पाकिस्तान के लिए अमन और तरक्की ला सकते हैं. उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस उन सभी कदमों का समर्थन करती है जिससे  भारत-पाक के बीच रिश्ते सुधरे. उन्होंने कहा कि भारत-पाक के बीच जिस दिन दोस्ताना रिश्ते हा जाएंगे कश्मीर मुद्दा उसी दिन सुलझ जाएगा

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सज्जाद लोन को जवाब

फारूक अब्दुल्ला रविवार को बारामुला में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. फारूक अब्दुल्ला ने सज्जाद लोन की तरफ से लगाए गए आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि यदि वह भी चाहें तो वह सज्जाद लोन पर आरोप लगा सकते हैं. उन्होंने कहा कि सज्जाद लोन के पिता अब्दुल गनी लोन एक जमाने में उनके पास आए थे और कहा था कि वह पाकिस्तान जाकर हथियार लाने जा रहे हैं. अब्दुल्लाह ने कहा कि तब उन्होंने उन्हें सलाह दी थी कि कश्मीर में हथियार लाने से कोई मसला हल नहीं होगा बल्कि तबाही ही होगी.

PDP-Congress से दोस्ती पर सफाई

फारूक अब्दुल्ला ने सरकार बनाने के लिए पीडीपी और कांग्रेस को दिए गए समर्थन पर सफाई देते हुए कहा कि वे जम्मू कश्मीर में भाजपा की तरफ से लिए जाने वाले फैसले का विरोध करने के लिए ये कदम उठाने को मजबूर हुए. अबदुल्ला ने कहा कि वे सत्ता के भूखे कभी नहीं थे. उन्होंने कहा, "पीडीपी, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के रास्ते अलग हैं, लेकिन हम साथ आए, क्योंकि राज्य के हालात ऐसे हो रहे थे. अबदुल्ला ने जम्मू-कश्मीर बैंक के खराब हालत का भी जिक्र किया.

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