धर्मशाला में नगर निगम के दूसरे जनरल हाउस में विकास कार्यों में देरी, निर्माण की गुणवत्ता, पार्किंग और सफाई व्यवस्था को लेकर पार्षदों ने प्रशासन को घेरा. करीब तीन महीने बाद महापौर शमशेर नेहरिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में महापौर के नाम की पट्टिका लगाने और पिछली बैठक की कार्यवाही से विधायक का नाम हटाने के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहस हुई. विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के विधायक अपनी सीटों से खड़े हो गए. महापौर के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.
बैठक में विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया. तय समय पर काम शुरू नहीं करने और निर्माण कार्यों को लटकाने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया गया. लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की बात भी कही गई. इसके अलावा एक ठेकेदार को एक समय में दो से अधिक काम नहीं देने का प्रस्ताव रखा गया.
पार्किंग निर्माण और गुणवत्ता पर सवाल
श्यामनगर के पार्षद सुदेश शास्त्री ने पार्किंग निर्माण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया. उन्होंने निर्धारित स्थान से महज 25 मीटर की दूरी पर दूसरी पार्किंग बनाए जाने पर सवाल किए. पार्षदों ने कहा कि उनकी सहमति के बिना विकास कार्य शुरू नहीं होने चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाना चाहिए. प्रशासनिक और तकनीकी मंजूरी के बाद ही निविदा आवंटित कर काम शुरू करने पर भी जोर दिया गया.
सभी 17 वार्डों के लिए 50 लाख रुपये
बरसात के दौरान होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम के सभी 17 वार्डों के लिए 50 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाने की जानकारी दी गई. लंबित विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने के लिए ठेकेदारों की अलग से बैठक करने की बात भी कही गई. पार्षदों ने वार्ड सभाएं आयोजित करने की मांग उठाई, ताकि स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों पर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके.
बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, नालियों की सफाई और घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई. बीपीएल और अंत्योदय सूची, सफाई शुल्क तथा हाउस टैक्स जमा करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठी. मैक्लोडगंज में बदहाल सीवरेज व्यवस्था सुधारने का मुद्दा भी सामने आया.
भागसूनाग में बनेगी पार्किंग, पुल का काम भी लंबित
महापौर शमशेर नेहरिया ने बताया कि भागसूनाग में वन विभाग की जमीन पर वन संरक्षण अधिनियम के तहत अनुमति मिलने के बाद चार से पांच कनाल भूमि पर पार्किंग बनाई जाएगी. शहर के अन्य वार्डों में भी पार्किंग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. भागसूनाग वाटरफॉल के पास प्रस्तावित पुल का मुद्दा भी उठा.
इसके निर्माण के लिए 20 लाख रुपये स्वीकृत होने की बात कही गई, लेकिन काम लंबित है. इसके अलावा डिपो बाजार स्थित इको पार्क में बच्चों के लिए झूले और मनोरंजन की सुविधाएं विकसित करने की मांग की गई. पार्क में नशेड़ियों के जमावड़े पर भी चिंता जताई गई. शहर में बेसहारा कुत्तों और पशुओं की समस्या के समाधान के साथ एबीसी कार्यक्रम पर चर्चा हुई.
खनियारा वार्ड के पार्षद प्रवीण कुमार ने जरूरतमंद के घर के पास सुरक्षा दीवार बनाने के लिए स्वीकृत एक लाख रुपये दूसरी जगह खर्च किए जाने का मामला उठाया. उन्होंने स्वीकृत राशि का निर्धारित स्थान पर इस्तेमाल सुनिश्चित करने की मांग की. बैठक में स्मार्ट सिटी के दो भवनों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने, अगले महीने से संकेतक पट्टिकाएं लगाने और रेहड़ी-फड़ी वालों के लिए अलग बाजार विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई.
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