'रेफरी को ही चीटर कह दिया', 7वीं क्लास का किस्सा सुनाकर गृह मंत्री ने राहुल को घेरा

अमित शाह ने अपनी सातवीं क्लास का कबड्डी से जुड़ा किस्सा सुनाकर राहुल पर निशाना साधा. शाह ने कहा कि जब सातवीं क्लास के खिलाड़ी नौवीं के छात्रों को हराने लगे तो उन्होंने रेफरी को ही चीटर बताने की तरकीब निकाली. शाह ने इस किस्से के जरिए राहुल गांधी पर चुनाव में हार के बाद चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

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सातवीं क्लास का कबड्डी से जुड़ा किस्सा सुनाकर शाह ने राहुल पर निशाना साधा. (File Photo-PTI) सातवीं क्लास का कबड्डी से जुड़ा किस्सा सुनाकर शाह ने राहुल पर निशाना साधा. (File Photo-PTI)

पीयूष मिश्रा

  • करनाल,
  • 05 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा के करनाल में राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने अपनी सातवीं क्लास का एक किस्सा सुनाकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज कसा. 

मंत्री शाह ने कहा कि जब कबड्डी में सातवीं क्लास की टीम लगातार जीतने लगी तो नौवीं क्लास के खिलाड़ियों ने एक तरकीब निकाली. उन्होंने तय किया कि खेल में हारने के बजाय रेफरी को ही चीटर बता दिया जाए. शाह ने इसी किस्से के जरिए राहुल गांधी पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव हारने के बाद राहुल गांधी भी ऐसा ही कर रहे हैं.

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'हार के बाद रेफरी को ही चीटर बता दिया'

अमित शाह ने कहा कि बचपन में उनकी सातवीं क्लास की टीम लगातार कबड्डी चैंपियन बनती थी. टीम नौवीं क्लास के खिलाड़ियों को भी हरा देती थी. इससे परेशान होकर नौवीं क्लास के खिलाड़ियों ने बैठक की. उन्होंने तय किया कि जब सातवीं क्लास की टीम को हराना मुश्किल है तो रेफरी को ही चीटर कह दिया जाए. इससे उनकी जीत पक्की हो जाएगी.

यह भी पढ़ें: 'घुसपैठियों के लिए जितनी छाती पीटनी है पीट लो', राहुल गांधी पर अमित शाह का काउंटर अटैक

शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने शायद उन छात्रों की यह तरकीब सुन ली थी. उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के चुनाव के बाद देश में जहां भी चुनाव हुए, वहां जनता ने कांग्रेस और राहुल गांधी को हराया. इसके बाद राहुल गांधी चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगे. शाह का कहना है कि, हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना भी रेफरी को चीटर बताने जैसा है.

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'संसद चर्चा के लिए है, शोर-शराबे के लिए नहीं'

शाह ने राहुल गांधी पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा का सबसे बड़ा मंच है. लेकिन राहुल गांधी संसद को चलने नहीं देते. मुद्दों पर बहस करने के बजाय शोर-शराबा और बहिष्कार किया जाता है. कांग्रेस ने इसे अपनी राजनीति का तरीका बना लिया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद में चर्चा नहीं करते और सड़कों पर भीड़ जुटाकर अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं. शाह ने कहा कि संविधान हाथ में लेकर चलने वाले नेताओं को यह समझना चाहिए कि संवैधानिक मुद्दों पर चर्चा संसद में होनी चाहिए. संसद के साथ स्पीकर और कोर्ट का अपमान करना सही नहीं है.

'बीजेपी हर मंच पर देगी जवाब'

अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी को अगर मुद्दों पर चर्चा करनी है तो संसद में आना चाहिए. बीजेपी संसद में भी जवाब देगी. विधानसभा, गांव और खेत-खलिहान में भी जवाब दिया जाएगा. अगर राहुल गांधी सड़क पर भीड़ जुटाते हैं तो BJP के कार्यकर्ता भी वहां जवाब देने के लिए तैयार हैं.

शाह ने दावा किया कि बीजेपी ने देश के करीब 600 जिलों में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के जरिए कांग्रेस को जवाब दिया है.

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दरअसल, बीजेपी का 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान 22 अक्टूबर को शुरू हुआ था. आज 5 नवंबर को इसका आखिरी दिन है. इस दौरान देशभर में पार्टी के मुख्यालयों और अलग-अलग जिलों में रैलियां की गईं. 

अमित शाह ने कहा कि हर जगह लोगों में उत्साह दिखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे.

करनाल में आयोजित पदयात्रा में अमित शाह के साथ केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी भी शामिल हुए. शाह ने कहा कि यह अभियान राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देने के लिए चलाया गया है.

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