आज से नवरात्र की शुरुआत हो गई है. गुजरात के राजकोट शहर में करीब 48 आधुनिक रास-गरबा आयोजनों की तैयारी है. इसी बीच शहर में 'लव जिहाद' को लेकर लगाए गए पोस्टर चर्चा का विषय बन गए हैं. कई जगह गरबा आयोजनों के बाहर 'लव जिहाद से सावधान' के पोस्टर लगाए गए हैं. इन पोस्टरों पर हिंदू बेटियों को लव जिहाद से बचने का मैसेज दिया गया है.
लोगों का कहना है कि ये पोस्टर रातोंरात लगाए गए हैं. हालांकि, पोस्टरों पर इन्हें लगाने वाले किसी संगठन या व्यक्ति का नाम नहीं लिखा गया है. ऐसे में इनके पीछे किसका हाथ है, इसे लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. यानी पोस्टर मौजूद हैं, लेकिन इन्हें लगाने वालों के बारे में जानकारी सामने नहीं आई.
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इस पूरे मामले पर हिंदू जागरण मंच के संयोजक मंगेश देसाई का बयान भी सामने आया है. मंगेश देसाई के मुताबिक, जन-जागृति के उद्देश्य से हिंदू संगठनों ने ये पोस्टर लगाए हो सकते हैं. उन्होंने कहा कि इसका मकसद धार्मिक सौहार्द बिगाड़ना नहीं, बल्कि सनातन की रक्षा के लिए लोगों में जागरूकता फैलाना है.
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मंगेश देसाई ने यह भी कहा कि इस संबंध में पुलिस कमिश्नर के सामने मांग रखी गई थी कि गरबा आयोजनों में एंट्री देने से पहले सभी लोगों के आधार कार्ड की जांच की जाए.
मंगेश के मुताबिक, कई गरबा आयोजकों ने इन मांगों को पॉजिटिव लिया है. कुछ आयोजनों में तिलक लगाकर एंट्री देने की बात कही गई है, जबकि कुछ आयोजकों ने युवकों के आधार कार्ड की जांच करने और पास पर उनका नाम दर्ज करने की मांग भी मान ली है. वहीं, मंगेश देसाई ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई आयोजक इन पोस्टरों को हटाने की कोशिश करेगा, तो वे अपने तरीके से इसका जवाब देंगे. उनके इस बयान के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है.
फिलहाल, राजकोट में नवरात्र और गरबा आयोजनों के बीच लगाए गए इन पोस्टरों को लेकर माहौल चर्चा में है. पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और गरबा आयोजनों में सुरक्षा व एंट्री सिस्टम को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं.
रौनक मजीठिया