गुजरात के अमरेली के बगसरा इलाके से शेर और इंसान के बीच संघर्ष की घटना सामने आई है. समढियाला गांव के एक खेत में बैठे दो शेरों को भगाने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी पर शेर ने अचानक हमला कर दिया. इस हमले में वनकर्मी महेश माटिया घायल हो गए. जिनका इलाज अमरेली सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना अमरेली जिले के समढियाला गांव की है. गांव के एक खेत में दो शेर बैठे हुए थे. वहीं पास के खेत में कपास चुनने का काम चल रहा था. लेकिन शेरों की मौजूदगी के कारण किसान और मजदूरों में दहशत फैल गई और खेती का काम रुक गया. किसान ने इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी.
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. वनकर्मी महेश माटिया शेरों को खेत से सुरक्षित दूर भगाने की कोशिश कर रहे थे. तभी एक शेर ने अचानक उन पर सामने से हमला कर दिया. हमले में महेश माटिया की पीठ और कमर में पंजों से गंभीर चोटें आई हैं. घटना के बाद मौके पर मौजूद अन्य वनकर्मियों ने घायल महेश माटिया को तुरंत अमरेली सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है.
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घायल वनकर्मी महेश माटिया ने बताया कि मैं अपने कपास के खेत में गया था. जहां मजदूर कपास चुन रहे थे. खेत में पहले से ही एक जंगली जानवर छिपा हुआ था. खेत में चारों तरफ मजदूर होने और गर्मी के कारण शेर को बाहर निकलने की जगह नहीं मिली और उसने मुझ पर हमला कर दिया.
वहीं इस घटना पर शेत्रुंजी डिवीजन के एसीएफ राजन जादव ने बताया कि शेर को खेत से दूर भगाने के दौरान उसे परेशानी हुई. जिसके चलते उसने वनकर्मी पर हमला कर दिया. उन्होंने कहा कि वनकर्मी को मामूली चोटें आई हैं और अब उसकी हालत स्थिर है. घटना के बाद वन विभाग के अन्य कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं और दोनों शेरों को दूसरे क्षेत्र में भेज दिया गया है. करीब एक महीने पहले राजुला क्षेत्र में भी दो वनकर्मियों पर शेर ने हमला किया था. एक महीने के भीतर दूसरी बार वनकर्मी पर हमले की घटना से वन विभाग के कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
फारूक कादरी