दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के लगभग 4,000 मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) जनस्वास्थ्य कर्मचारियों को दीवाली से पहले बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने समान काम के लिए समान वेतन देने के फैसले के तहत बढ़ी हुई राशि उनके बैंक खातों में भेज दी है.
शुक्रवार को निगम मुख्यालय स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर कर्मचारियों के खातों में राशि ट्रांसफर की. इस दौरान दिल्ली के महापौर प्रवेश वाही, निगम में नेता सदन जय भगवान यादव और MCD आयुक्त संजीव खिरवार सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की सेवा में दिन-रात जुटे हजारों कर्मचारियों के अधिकारों, सम्मान और कल्याण की चिंता करना सरकार की जिम्मेदारी है.
उन्होंने कहा कि MTS जनस्वास्थ्य कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन देने का फैसला उनके लगभग तीन दशकों के समर्पण और संघर्ष का सम्मान है. ये कर्मचारी सालों से घर-घर जाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करने और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में अहम भूमिका निभाते रहे हैं.
सरकार का मकसद सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करना नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाना है, जो इन व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर लागू करते हैं.
करीब 30 साल की सेवा के बाद कर्मचारियों को राहत
MCD के जनस्वास्थ्य विभाग में कार्यरत इन कर्मचारियों की नियुक्ति दिल्ली में डेंगू के प्रकोप के दौरान हुई थी. निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने बताया कि साल 1997 में डेंगू की रोकथाम के लिए DBC कर्मचारियों के पदों का सृजन किया गया थाय बाद में इन्हें MTS जनस्वास्थ्य के रूप में नई पहचान मिली.
ये कर्मचारी घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच, वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में योगदान देते रहे हैं.
निगम आयुक्त के मुताबिक, अब इन कर्मचारियों को समान काम के लिए समान वेतन के आधार पर पे मैट्रिक्स के लेवल-1 का न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और इसके साथ वेरिएबल महंगाई भत्ता (DA) दिया जाएगा. इस फैसले से लगभग 4,000 कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा. लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों के लिए ये फैसला आर्थिक राहत के साथ-साथ उनके कार्य और योगदान को औपचारिक मान्यता देने की दिशा में बड़ा कदम है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कर्मचारियों को उनके काम के मुताबिक सम्मान, सुरक्षा और उचित सुविधाएं मिलती हैं, तो उनका मनोबल बढ़ता है. इससे वो ज्यादा उत्साह और जिम्मेदारी के साथ जनता की सेवा कर पाते हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार कर्मचारियों की समस्याओं और जरूरतों के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी.
आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का भी जिक्र
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार जनसेवा से जुड़े अलग-अलग वर्गों के कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है. आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी और नर्सिंग इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को उन्होंने इसी प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया. उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वो जनता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और सेवाभाव से पेश आएं.
मुख्यमंत्री के मुताबिक, सरकारी कर्मचारी जनता के सामने सरकार का चेहरा होते हैं और उनका व्यवहार ही आम नागरिकों के बीच प्रशासन की छवि बनाता है. नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना और हर व्यक्ति के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है. मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी मिलकर काम करेंगे तो दिल्ली को देश के सर्वश्रेष्ठ शहरों में शामिल करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है.
MCD को हर साल 52 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च
कार्यक्रम में महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि दिल्ली नगर निगम, दिल्ली सरकार की विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने में सहयोग कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में MTS कर्मचारियों को सिर्फ आश्वासन मिले और उनके वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई. महापौर ने बताया कि जब निगम के पिछले बजट में MTS जनस्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि का प्रस्ताव सामने आया और उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष इसका जिक्र किया, तो मुख्यमंत्री ने पूछा कि इस फैसले पर कितना खर्च आएगा.
महापौर के मुताबिक, उन्होंने बताया कि इसके लिए करीब 52 करोड़ रुपये सालाना खर्च होंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. प्रवेश वाही ने कहा कि अब बढ़ी हुई राशि कर्मचारियों के खातों में भेजी जा रही है. उन्होंने इसे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लिया गया बड़ा फैसला बताया. हालांकि, कार्यक्रम में 52 करोड़ रुपये के वार्षिक खर्च के बारे में महापौर का ये बयान था.
महापौर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि निगम के कर्मचारियों को इस तरह काम करना चाहिए कि उनके काम की तारीफ हो और निगम की अच्छी कार्यशैली की चर्चा मुख्यमंत्री तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सकारात्मक रुख दिखाया है और निगम की ओर से बेहतर काम करने का आश्वासन दिया.
दिवाली से पहले 2,500 नए सफाई कर्मचारी होंगे नियुक्त
दिल्ली में दिवाली और आगामी त्योहारों के मद्देनजर सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए MCD 2,500 नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति करने जा रही है. महापौर प्रवेश वाही ने कहा कि त्योहारों के दौरान दिल्ली की सड़कें, बाजार और सार्वजनिक स्थान साफ-सुथरे दिखाई देने चाहिए. इसी मकसद से मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है.
महापौर ने आरोप लगाया कि इस फैसले में विपक्ष की ओर से बाधाएं डालने की कोशिश की गई, लेकिन वो सफल नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि निगम का लक्ष्य आगामी त्योहारों के दौरान राजधानी के बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफाई व्यवस्था को मजबूत करना है. 2,500 नए कर्मचारियों की नियुक्ति का ये कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है, जब त्योहारों के दौरान बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है और कचरा प्रबंधन तथा नियमित सफाई की चुनौती भी बढ़ती है.
हालांकि, नियुक्तियों की समयसीमा और कर्मचारियों की तैनाती से जुड़ा विस्तृत कार्यक्रम अलग से स्पष्ट किया जाना बाकी है.
कर्मचारियों के समय पर वेतन भुगतान को बताया बड़ी उपलब्धि
MCD में नेता सदन जय भगवान यादव ने MTS जनस्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी के फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रही है और कई परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है.
पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल में कर्मचारियों का वेतन महीने की पहली तारीख को सिर्फ एक बार जारी हुआ था और इस उपलब्धि के प्रचार पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे. इसके उलट, उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों को पहली तारीख को वेतन मिलना सामान्य प्रक्रिया बन गया है.
जनस्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कदम
MTS जनस्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी और समान काम के लिए समान वेतन का फैसला दिल्ली की जनस्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए अहम है. ये कर्मचारी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम और घर-घर जाकर स्वास्थ्य संबंधी निगरानी जैसे कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं.
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करीब 4,000 कर्मचारियों को इस फैसले से सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. वहीं, दिवाली से पहले 2,500 नए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की घोषणा से निगम की सफाई व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती देने की तैयारी है. दिल्ली सरकार और MCD के सामने अब इन फैसलों को प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती होगी, ताकि कर्मचारियों को वेतन संबंधी लाभ नियमित रूप से मिलें और राजधानी में जनस्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था में इसका असर जमीन पर दिखाई दे.
सुशांत मेहरा