दिल्ली एयरपोर्ट पर शनिवार को फ्लाइट के अंदर ही जंतर मंतर प्रदर्शन करने जा रहे CJP नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. दरअसल, एयर इंडिया की फ्लाइट से अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना था. लेकिन प्लेन के उतरते ही पुलिसकर्मी अंदर पहुंच गए और तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया.
इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा चर्चा महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर हुई. करीब 12 से अधिक महिला पुलिसकर्मियों ने CJP नेताओं को घेर लिया. हालांकि, दिल्ली पुलिस ने यह नहीं बताया कि इस कार्रवाई के लिए महिला अधिकारियों को ही क्यों चुना गया.
क्या टकराव से बचने के लिए बनाई गई थी स्ट्रैटजी?
प्लेन के अंदर जगह काफी कम होती है. सीटों के बीच आने-जाने की जगह भी संकरी होती है. ऐसे में धक्का-मुक्की होने पर हालात बिगड़ सकते थे. माना जा रहा है कि पुलिस ने किसी बड़े टकराव से बचने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भेजने का फैसला किया हो. हालांकि, यह सिर्फ एक संभावना है. पुलिस की ओर से इस पर कोई बयान सामने नहीं आया है.
महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कुछ देर तक बहस हुई. लेकिन कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ. इसके बाद दिपके, दास और रांका को हिरासत में लेकर अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया.
इस कार्रवाई के पीछे जुलाई में हुई हिंसा का संदर्भ भी अहम माना जा रहा है. उस समय पेपर लीक के विरोध में छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे. CJP ने आरोप लगाया था कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रही युवतियों के साथ मारपीट की. संगठन ने दावा किया था कि 12 साल तक की लड़कियों के सिर में चोट लगी और उनके कपड़े फाड़े गए थे.
दरअसल, CJP के समर्थकों में बड़ी संख्या में युवा शामिल हैं. ऐसे में पुलिस शायद इस बार ऐसी स्थिति से बचना चाहती थी, जिससे फिर से पुरुष पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की तस्वीर सामने आती. हालांकि, यह भी पुलिस की रणनीति को लेकर एक अनुमान है.
फ्लाइट के अंदर क्या हुआ?
जैसे ही पुलिसकर्मी प्लेन में दाखिल हुए, अभिजीत दिपके ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. सौरव दास बीच वाली सीट पर बैठे थे. उनके बगल में आशुतोष रांका थे. पुलिस को देखकर तीनों नेताओं ने 'इंकलाब जिंदाबाद' और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए.
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वीडियो में महिला पुलिसकर्मी उन्हें घेरे नजर आईं. दिपके ने हिरासत में लेने के तरीके पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें विमान से उतरने के बाद भी हिरासत में ले सकती थी. दिपके ने इसे तानाशाही बताते हुए कहा कि वह गिरफ्तार होने के लिए ही दिल्ली आए हैं. उन्होंने पुलिस से कहा कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए.
मालूम हो, CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था. दिल्ली पुलिस ने इसकी इजाजत नहीं दी थी. इसके बावजूद संगठन ने प्रदर्शन करने का फैसला किया. प्रदर्शन से पहले यूट्यूबर ध्रुव राठी और CJP की लीगल सेल की प्रमुख रत्ना सिंह को भी उनके घरों से हिरासत में लिए गया. संगठन ने नेताओं की हिरासत को तानाशाही कार्रवाई बताया है.
अब तक दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से अब तक 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है. राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एक्जिट गेट बंद किए गए हैं. दिल्ली में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है.
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