ब्रिटेन में फैल रहा साल्मोनेला संक्रमण, एक की मौत, मरीजों की संख्या 200 पार! अंडा बना वजह

UK में साल्मोनेला फैलने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और 200 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं. ब्रिटेन की हेल्थ एजेंसी का कहना है कि ये बीमारी अंडे में मौजूद संक्रमण से फैली है जो बाहर से आयात किए गए थे.

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ब्रिटेन में साल्मोनेला से एक व्यक्ति की मौत (Photo: ITG) ब्रिटेन में साल्मोनेला से एक व्यक्ति की मौत (Photo: ITG)

आजतक हेल्थ डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:41 PM IST

ब्रिटेन में साल्मोनेला (Salmonella Enteritidis) नाम के एक खतरनाक बैक्टीरिया की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 200 से ज्यादा लोग बीमार हैं. ब्रिटेन की हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी (UKHSA) ने अपनी हालिया और आधिकारिक रिपोर्ट में बताया है कि अगस्त 2026 तक इस गंभीर फूड पॉइजनिंग के कारण 1 व्यक्ति की मौत हो चुकी है और 207 लोग संक्रमित पाए गए हैं. 

स्वास्थ्य अधिकारियों की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह संक्रमण लोगों में अंडे खाने की वजह से फैला जो ब्रिटेन के बाहर से आयात किए गए थे.

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ब्रिटेन की 'द गार्डियन' ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि UKHSA ने संक्रमण के स्रोत के तौर पर ब्रिटेन में बने उत्पादों की आशंका को खारिज किया और कहा कि मिले सबूत बाहर से आए अंडों की ओर इशारा करते हैं.

UK हेल्थ सिक्योरिटी एजेंसी, जो इस मामले की जांच कर रही है, उसने बताया कि इस वायरस से 207 लोग प्रभावित हुए हैं जिनकी उम्र एक साल से कम से लेकर 90 साल तक है. ऐसा लगता है कि उन्होंने दूषित अंडे घर पर नहीं, बल्कि कैफे और रेस्तरां में खाए थे.

UKHSA इस मामले में यूरोपीय देशों की कई और एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस संक्रमण की शुरुआत कैसे हुई. 

एजेंसी ने कहा कि वो मरने वाले व्यक्ति और उसकी कंडीशन की कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं क्योंकि इस मामले की अभी जांच चल रही है.

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एजेंसी ने बताया कि साल्मोनेला से होने वाली बीमारी साल्मोनेलोसिस से कम से कम 34 लोग इस हद तक बीमार पड़ गए कि उन्हें अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराना पड़ा. इस वायरस से दो लोगों को ब्लडस्ट्रीम में संक्रमण हो गया था.

अधिकारियों ने होल-जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए यह पता लगाया है कि सभी 207 मामले साल्मोनेला के एक ही स्ट्रेन से जुड़े हैं. पहला मामला 11 अगस्त 2025 को सामने आया था लेकिन ज्यादातर मामले पिछले महीने के बीच के दिनों में ही सामने आए हैं.

किंग्स कॉलेज लंदन में रिसर्च एसोसिएट डॉ. साफी रहमान ने कहा, 'यह कोई अलग-थलग घटना नहीं है. यह आउटब्रेक 2025 में हुई घटना से काफी हद तक जुड़ा हुआ है जो बाहर से मंगाए गए अंडों से जुड़ा था. दोनों सालों का स्ट्रेन जेनेटिक रूप से एक जैसा है.'

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