आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड करने के बाद से ही इस संस्थान की एक कथित टॉपर "प्रिया मिश्रा" का बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसके मुताबिक प्रिया ने कहा है कि इस मामले में साहिल के माता-पिता पर केस होना चाहिए.
आईआईटी बॉम्बे के "डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग" में बी.टेक सेकेंड ईयर का छात्र साहिल वाकोडे 18 सितंबर को अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया था. साहिल के परिवार का आरोप है कि उसके साथ शिक्षकों ने दलित होने की वजह से भेदभाव किया और उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया. इस मामले में कॉलेज ने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला को डीन (प्रशासनिक मामले) के पद से हटा दिया है. आईआईटी बॉम्बे के मुताबिक, साहिल एग्जाम के दौरान चैटजीपीटी की मदद से नकल करता हुआ पकड़ा गया था. बताया जा रहा है कि प्रोफेसर डुल्ला ने ही साहिल को नकल करते हुए पकड़ा था.
इस संदर्भ में आईआईटी बॉम्बे की कथित टॉपर प्रिया मिश्रा के नाम पर वायरल हो रहा पूरा बयान ये है- “छात्र के परिवार के लिए दुख है. लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते. 30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर परीक्षा में मोबाइल से नकल करना चाहते हो क्योंकि दबाव नहीं झेल सकते. मैं 90 प्रतिशत ला सकती हूँ, लेकिन मेरे पास आईफोन खरीदने के पैसे नहीं हैं. विशेषाधिकार मुझे मिलना चाहिए, ऐसे बच्चों को नहीं. केस उनके माता-पिता पर होना चाहिए. केस उस सिस्टम पर होना चाहिए जिसने एक कमजोर और अनपढ़ बच्चे को इतने बड़े संस्थान में भेज दिया, जहां दिमाग, IQ और दबाव झेलने की हिम्मत चाहिए. अगर दबाव नहीं झेल सकते तो घर बैठो. सीट बर्बाद मत करो. सूर्यनारायण सर का इस्तीफा इस देश के हर ईमानदार शिक्षक का अंत है, और अब नकल शर्मनाक काम भी नहीं रहेगी.”
पोस्ट में साहिल की तस्वीर के साथ ही सफेद टी-शर्ट पहने हुए एक लड़की की भी तस्वीर लगी है. लड़की माइक पर कुछ कह रही है. पोस्ट में इस लड़की को आईआईटी बॉम्बे की थर्ड ईयर की छात्रा बताया गया है. ठीक यही बयान एक पोस्टकार्ड के रूप में भी शेयर हो रहा है. साथ ही, इसी लड़की की एक अन्य फोटो एक कथित इंटरव्यू के संदर्भ में भी शेयर हो रही है. इसमें उसने प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला की तारीफ करते हुए कहा है कि उन्हीं की वजह से (छात्रा के) ग्रेड बेहतर हुए.
एशियानेट न्यूज जैसी कुछ वेबसाइट्स ने भी इन सोशल मीडिया पोस्ट्स के आधार पर खबर छापी.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि आईआईटी बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा की बताकर जो तस्वीर शेयर हो रही है, वो एआई जेनरेटेड है. हमें इस नाम की किसी छात्रा के इस तरह का बयान देने का कोई सबूत नहीं मिला.
कैसे पता चली सच्चाई?
साहिल की आत्महत्या का मामला लगातार सुर्खियों में है. अगर सचमुच संस्थान की किसी छात्रा ने ऐसा बयान दिया होता कि इस मामले में साहिल के माता-पिता पर केस होना चाहिए, तो इसको लेकर खबरें जरूर छपतीं. लेकिन हमें ऐसी कोई खबर नहीं मिली.
"प्रिया मिश्रा" और "आईआईटी बॉम्बे" जैसे कीवर्ड्स को सर्च करने पर हमें सिर्फ एक लिंक्डइन अकाउंट मिला. ये प्रिया मिश्रा नाम की एक लड़की का अकाउंट है जिसने आईआईटी बॉम्बे से पीएचडी की है और वो वर्तमान में इसी संस्थान में प्रोजेक्ट रिसर्च साइंटिस्ट के तौर पर काम कर रही है. लेकिन इस प्रिया की तस्वीर वायरल फोटो वाली लड़की से एकदम अलग है. और जैसा कि उसके लिंक्डइन अकाउंट के बायो सेक्शन से जाहिर है, वो वर्तमान में थर्ड ईयर की स्टूडेंट भी नहीं है.
फर्जी तस्वीरें, नकली बयान
हमने पाया कि इन तस्वीरों को ओपन एआई से बनाया गया है.
अकाउंट पुराने, कारनामे नए
आईआईटी बॉम्बे की टॉपर प्रिया के नाम पर इस फर्जी बयान को पोस्ट करने वाले दो प्रमुख एक्स अकाउंट हैं "@PracticalSpy" और "@Abhishek060722". खास बात ये है कि कुछ ही दिन पहले इन अकाउंट्स ने कॉकरोच जनता पार्टी से संबंधित मनगढ़ंत इंटरव्यू पोस्ट किए थे.
आईआईटी बॉम्बे के छात्र इस मुद्दे पर क्या बोले
आईआईटी बॉम्बे के यतीश कुमार नामक छात्र ने आजतक से बातचीत के दौरान कहा कि साहिल उनका अच्छा दोस्त था और बेहद खुशमिजाज था. उन्होंने ये भी कहा कि संस्थान में किसी तरह के भेदभाव की उन्हें जानकारी नहीं है. वहीं संस्थान के पूर्व छात्र संदीप सावरकर ने एक अन्य मीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान कहा कि जब प्रोफेसर डुल्ला डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स थे, उस वक्त उन्होंने बहुत ही छोटी-छोटी बातों के लिए कुछ स्टूडेंट्स को सस्पेंड किया था और उन्हें हॉस्टल से निकाला था. हो सकता है कि उनकी ऐसी छवि के कारण भी साहिल ने भयभीत होकर ऐसा कदम उठा लिया हो.
वहीं आईआईटी बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने इस मामले में प्रोफेसर डुल्ला के समर्थन करते हुए कहा है कि वो सिर्फ अपना काम कर रहे थे और वो एक काबिल शिक्षक हैं जो कई अवॉर्ड जीत चुके हैं.
हमने इस बारे में आईआईटी बॉम्बे से संपर्क किया है. अगर उनका जवाब आया तो उसे खबर में अपडेट किया जाएगा.
साफ है, एआई से बनी एक लड़की की तस्वीर को आईआईटी बॉम्बे की टॉपर बताकर पेश किया जा रहा है और उसके हवाले से भड़काऊ बयान लिखे जा रहे हैं.
ज्योति द्विवेदी