सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के लिए ‘नमक हराम’ जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया.
वायरल हो रहे वीडियो में दो क्लिप्स हैं. पहली क्लिप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ये कहते हुए नजर आ रहे हैं कि हिंदू, कांग्रेस पार्टी का बहिष्कार करें. इसके अलावा वो राहुल गांधी पर भी तंज कसते हुए कहते हैं कि बीजेपी वाले कबसे मांग कर रहे हैं कि वो कभी तो अपनी बहन से राखी बंधवाते, क्या ऐसा आज तक दिखाई दिया?
वहीं दूसरी क्लिप में पवन खेड़ा का बयान है. दावा किया जा रहा है कि शंकराचार्य को जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एक हिंदी फिल्म का नाम है - “नमक हराम”. बिल्कुल उपयुक्त बैठता है ये नाम. ये जिस थाली में बैठते हैं, उसी में छेद करते हैं. न आप काम के हैं और न राम के.
फेसबुक पर एक व्यक्ति ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “जब तक पूज्य शंकराचार्य जी खामोश थे, ‘आदरणीय’ थे. जैसे ही उन्होंने सनातन विरोधी राहुल बाबा को expose किया, सीधे ‘नमक हराम’ हो गए. पवन जी कैसे ब्राह्मण हैं आप? शर्मनाक.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये दोनों क्लिप्स एक-दूसरे से संबंधित नहीं है. पवन खेड़ा असल में बीजेपी के बारे में बात कर रहे थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
पहली क्लिप 27 अगस्त की है. इसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कहते हैं कि राहुल गांधी बार-बार हमारे धर्म ग्रंथ का अपमान कर रहे हैं. ये बिल्कुल गलत बात है. अगर वो ऐसा करते रहेंगे और माफी नहीं मांगेंगे तो हम मुहिम चलाएंगे कि हिंदू, कांग्रेस पार्टी का बहिष्कार करें और वोट न दें.
शंकराचार्य ने ये बातें राहुल गांधी के उस बयान को लेकर कही थीं, जिसमें गांधी ने मनुस्मृति की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें महिला विरोधी बातें लिखी हैं.
वहीं पवन खेड़ा के बयान वाली दूसरी क्लिप असल में 19 जनवरी की उनकी एक प्रेस ब्रीफिंग से ली गई है. इसका पूरा वीडियो कांग्रेस पार्टी के यूट्यूब चैनल पर मौजूद है. जाहिर है दोनों क्लिप्स एक-दूसरे से संबंधित नहीं हैं. इसमें पवन खेड़ा स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के पक्ष में बयान देते हैं. और उनका ‘नमक हराम’ वाला बयान भी बीजेपी पर एक कटाक्ष था.
दरअसल जनवरी 2026 में प्रयागराज माघ मेले में स्नान करने को लेकर शंकराचार्य और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हो गई थी. इसी घटना के बारे में बात करते हुए खेड़ा, शंकराचार्य से बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए बीजेपी को घेरते हैं और कहते हैं कि ये न काम के हैं, न राम के हैं.
साफ है कि पवन खेड़ा ने ये बयान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के लिए नहीं दिया था.
अभिषेक पाठक