‘ना काम के हैं, ना राम के’, शंकराचार्य से कथित बदसलूकी पर कांग्रेस का बीजेपी पर हमला

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संगम स्नान से रोके जाने पर कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला. पवन खेड़ा ने इसे शर्मनाक बताते हुए पीएम मोदी से हस्तक्षेप की मांग की. पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया. कांग्रेस ने सरकार पर धर्म, संतों और आस्था की अनदेखी का आरोप लगाया.

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शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बिना स्नान किए ही लौट आए. (File Photo: ITG) शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बिना स्नान किए ही लौट आए. (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 4:19 PM IST

कांग्रेस ने सोमवार को ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हुई कथित “बदसलूकी” को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला बोला. पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस “शर्मनाक घटना” में हस्तक्षेप की मांग की. कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, “‘ये ना काम के हैं, ना राम के हैं’… इन्हें सिर्फ सत्ता और पैसे से मतलब है, धर्म और आस्था से नहीं.”

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संगम पर क्या हुआ था?
यह विवाद उस घटना के बाद उठा, जब पुलिस ने ज्योतिषपीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को बड़ी संख्या में अनुयायियों के साथ संगम जाने से रोक दिया. इससे मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई.

पुलिस ने क्या कहा?
माघ मेला के एसपी नीरज पांडे ने बताया कि शंकराचार्य बिना अनुमति करीब 200-250 अनुयायियों के साथ बैरिकेड तोड़कर ब्रिज नंबर-2 से स्नान घाट की ओर बढ़ रहे थे. भारी भीड़ के कारण रोके जाने पर उन्होंने स्नान नहीं किया और लौट गए. पुलिस के मुताबिक, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है.

भूख हड़ताल का दावा
पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस घटना से आहत होकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद भूख हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार को कोई चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि कोई भी संवेदनशील सरकार अब तक शर्मिंदा हो जाती.

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ट्रोल आर्मी का आरोप
खेड़ा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने अपने पूरे ट्रोल आर्मी को शंकराचार्य के खिलाफ लगा दिया है, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह सरकार के सामने झुकते नहीं हैं.

‘राजा संतों के सामने झुकते हैं’
कांग्रेस नेता ने कहा, “संत राजा के सामने नहीं झुकते, राजा संतों के सामने झुकते हैं.” उन्होंने प्रधानमंत्री से दखल की मांग करते हुए कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आप ‘सनातनी’ नहीं बल्कि ‘धनातनी’ कहलाएंगे.

शंकराचार्य के सवालों का जिक्र
खेड़ा ने कहा कि शंकराचार्य का “अपराध” यह है कि वह सरकार की प्रशंसा नहीं करते, अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाते हैं, महाकुंभ की अव्यवस्थाओं को उजागर करते हैं और कोविड के दौरान गंगा में तैरते शवों का मुद्दा उठाते हैं.

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जिस सरकार ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को Z+ सुरक्षा दी है, उसी सरकार ने शंकराचार्य को ‘शाही स्नान’ से रोक दिया. खेड़ा ने कहा कि हर धर्म कर्म की बात करता है, लेकिन मोदी सरकार को अपने कर्मों का डर नहीं है. उन्होंने ओडिशा और उदयपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए बीजेपी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया.

‘भक्तों को मूर्ख बनाती है बीजेपी’
कांग्रेस नेता ने कहा कि बीजेपी लोगों को अपना भक्त बनाकर उन्हें मूर्ख बनाती है और यही उसकी राजनीति है. अधिकारियों के मुताबिक, रविवार को मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेले में संगम पर 4.52 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया.

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