Mulayam Singh Yadav Death: सैफई पहुंचे अभिषेक-जया बच्चन, मुलायम सिंह को दी अंतिम विदाई

मुलायम के पार्थिव शरीर को सैफई में महोत्सव मंच पर रखा गया. जहां कई राजनीति से लेकर कई बॉलीवुड से जुड़े लोगों ने उन्हें आखिरी विदाई दी. जया बच्चन के साथ अमिषेक बच्चन भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे.

Advertisement
मुलायम सिंह यादव, अभिषेक बच्चन, जया बच्चन मुलायम सिंह यादव, अभिषेक बच्चन, जया बच्चन

कुमार अभिषेक / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 11 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 7:16 PM IST

समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का सोमवार 10 अक्टूबर को निधन हो गया. 82 साल के मुलायम ने गुरुग्राम के वेदांता अस्पताल में आखिरी सांस ली. मुलायम सिंह यादव सैफई के रहने वाले थे. आज उन्हें उनके गढ़ में अंतिम विदाई दी जा रही है. मुलायम सिंह यादव से बॉलीवुड के भी दिग्गजों का जुड़ाव रहा है. उन्हें श्रद्धांजलि देने जया बच्चन के साथ अभिषेक बच्चन भी पहुंचे. 

Advertisement

मुलायम को भाव भीनी श्रद्धांजलि
मुलायम के पार्थिव शरीर को सैफई में महोत्सव मंच पर रखा गया. जहां कई राजनीति से लेकर कई बॉलीवुड से जुड़े लोगों ने उन्हें आखिरी विदाई दी. जया बच्चन के साथ अमिषेक बच्चन भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे. मुलायम को अंतिम विदाई देने मुकेश अंबानी, प्रफुल्ल पटेल, शरद पवार तक पहुंचे. इसी के साथ कई अलग-अलग पार्टियों के राजनेताओं ने इस दौरान उन्हें याद किया.

मुलायम सिंह यादव के अंतिम संस्कार में पहुंचा बच्चन परिवार

 

जया को राजनीति में लाने वाले मुलायम
बच्चन परिवार का राजनीति और राजनेताओं से खास जुड़ाव रहा है. वहीं मुलायम सिंह यादव के साथ भी अच्छे संबंध रहे हैं. जया बच्चन लंबे समय से समाजवादी पार्टी से जुड़ी हुई हैं. वे राज्य सभा सांसद भी हैं. बीते दिन ही जया बच्चन ने मुलायम को लेकर आजतक से बात की थी. जया ने कहा था कि मुलायम सिंह जी ने उन्हें 16 साल पहले राजनीति में आने के लिए कहा था. उन्हें विश्वास था कि जया कुछ अलग कर सकती हैं. जया मानती हैं कि उनका स्नेह हमेशा उनके लिए एक जैसा ही रहा. वो उनकी बहुत इज्जत करती हैं और लोगों को भी हमेशा ऐसे करते देखा है. वो हमेशा अनुशासन से चलने की बात कहते थे.  

Advertisement

जया बच्चन को उनका व्यक्तित्व बेहद प्रभावित करता था. उनका सबसे आत्मियता से बता करना ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी. उनके जाने से पार्टी खत्म नहीं होगी. क्योंकि उनका नाम हमेशा रहेगा. वो क्षेत्र के लोगों से मिलते थे. मुझे लगता है कि वह बहुत दरियादिल, दयालु, महान स्ट्रैटिजिस्ट. उन्हें कई लोगों से धोखे भी खाने पड़े थे. लेकिन फिर भी वह विनम्र रहे.  

जया ने कहा वो भले ही लंबे समय से एक्टिव नहीं थे, लेकिन लोग अक्सर उनसे सलाह लेने जाते थे. जया अखिलेश यादव पर भी बात की और कहा उनको लेकर थोड़ी पक्षपाती हूं. वो चाहती हैं कि ऐसे यंग लीडर देश का प्रतिनिधित्व करें.  

 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »