अखिलेश यादव के डुप्लीकेट वोटर वाले आरोप पर चुनाव आयोग सख्त, गड़बड़ी मिली तो अधिकारियों पर होगा एक्शन

उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में डुप्लिकेट नामों के मामले पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे नामों की पहचान कर फॉर्म-7 के जरिए उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाए. लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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अखिलेश यादव ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट में डुप्लीकेसी का मुद्दा उठाया था. (File Photo- PTI) अखिलेश यादव ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट में डुप्लीकेसी का मुद्दा उठाया था. (File Photo- PTI)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:33 PM IST

उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट में एक ही वोटर का नाम दो बार दर्ज होने के मामले पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने अपने दावों के समर्थन में कुछ लोगों को भी पेश किया था. अब यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वोटर लिस्ट में दोहरे नामों की जांच की जाए. अगर इस मामले में अधिकारियों की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

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नवदीप रिणवा ने जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की. इसमें उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में एक ही व्यक्ति के नाम की दो या उससे ज्यादा एंट्री मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए. ऐसे मतदाताओं की पहचान बूथ लेवल ऑफिसर के जरिए की जाएगी. इसके बाद फॉर्म-7 भरवाकर नियमों के मुताबिक दोहरी एंट्री हटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.

चुनाव आयोग का जोर 12 नवंबर 2026 को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को गलतियों से मुक्त रखने पर है. इसके लिए निर्वाचन अधिकारियों को दोहरे नामों से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा करने और उन्हें जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं.

24 अक्टूबर को चलेगा खास अभियान

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने 24 अक्टूबर को होने वाले विशेष अभियान दिवस की तैयारियां तेज करने को कहा है. इस दौरान उन लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने पर जोर रहेगा, जो पात्र होने के बावजूद अब तक अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए हैं.

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पहली बार वोट डालने वाले युवाओं के साथ महिलाओं और दिव्यांगजनों के नाम जोड़ने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा. आयोग ने कहा है कि इस काम में ग्राम प्रधानों, सभासदों और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र लोगों को वोटर लिस्ट में शामिल किया जा सके.

अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के काम में तेजी लाएं. BLO सुपरवाइजर, निर्वाचन अधिकारियों और सहायक निर्वाचन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है, ताकि काम में लापरवाही न हो.

अखिलेश ने उठाया था वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट में डुप्लीकेसी का मुद्दा उठाया था. उन्होंने दावा किया था कि मतदाता सूची में गड़बड़ियां हैं और अपने आरोपों के समर्थन में कुछ लोगों को भी पेश किया था.

अब चुनाव आयोग ने दोहरे नामों की पहचान कर उन्हें हटाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं. आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट में सही नाम दर्ज हों और पात्र मतदाताओं का नाम किसी भी वजह से न छूटे, यह सुनिश्चित किया जाए.

दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव को लेकर बीजेपी पर मतदाताओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. पार्टी ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है.

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सपा का आरोप है कि मंत्री, सांसद और विधायकों के दबाव में अधिकारी मतदाताओं को बीजेपी के पक्ष में वोट डालने के लिए प्रभावित कर रहे हैं. पार्टी ने कौशांबी में ग्राम प्रधानों, स्नातक मतदाताओं और शिक्षक मतदाताओं पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है.

बलिया में 21 अक्टूबर को स्कूल प्रबंधकों की बैठक बुलाने पर भी सपा ने सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि मतदान से ठीक पहले शिक्षक मतदाताओं की पात्रता की जांच कराना चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है.

बस्ती और पीलीभीत की वोटर लिस्ट पर भी सवाल

समाजवादी पार्टी ने बस्ती जिले की चार विधानसभा सीटों- बस्ती सदर, हर्रैया, रुधौली और महादेवा की वोटर लिस्ट में एक ही मतदाता के नाम की दोहरी एंट्री होने का दावा किया है. पार्टी ने इन नामों की जांच कराने की मांग की है.

पीलीभीत में भी सपा ने वोटर आईडी नंबर यानी EPIC नंबर से जुड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है. पार्टी के मुताबिक, ऑनलाइन एक मतदाता का EPIC नंबर डालने पर दूसरे व्यक्ति का विवरण दिखाई दे रहा है. सपा ने उदाहरण देते हुए कहा कि आशिक अली के EPIC नंबर पर खलील खां का विवरण दिखने की शिकायत मिली है.

सपा का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद वोटर लिस्ट की गलतियां कम होने के बजाय बढ़ गई हैं. पार्टी ने मांग की है कि शिकायतों की जांच कर उन्हें जल्द दूर किया जाए, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची सही की जा सके.

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मामूली गलती पर वोट देने से न रोका जाए: सपा

समाजवादी पार्टी ने 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान को लेकर भी मांग की है कि नाम, पता या उम्र में मामूली अंतर होने पर किसी मतदाता को वोट डालने से न रोका जाए.

पार्टी का कहना है कि छोटी-मोटी गलतियों के कारण किसी पात्र मतदाता को उसके वोट देने के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. सपा ने मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों का जल्द समाधान करने और गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने भी मतदाता सूची की खामियां दूर करने की मांग की है. सपा का कहना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट को सही करना जरूरी है, ताकि मतदाताओं को परेशानी न हो और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल न उठें.

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