उत्तर प्रदेश कांग्रेस के संगठन में बड़े बदलावों को लेकर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में एक अहम बैठक बुलाई गई है. सोमवार को दोपहर 2 बजे होने वाली इस बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में किए जाने वाले बदलावों पर चर्चा की जाएगी.
जितने भी वरिष्ठ नेता, विधायक-सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और जिलों के प्रभारी बनाए गए हैं, उनके साथ अन्य प्रभारी और सह-प्रभारियों की कांग्रेस दफ्तर में बैठक होगी. मल्लिकार्जुन खड़गे और के. वेणुगोपाल यह बैठक लेंगे. इसमें उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल होंगे.
इस बैठक में 2027 के चुनाव को लेकर संगठन में और क्या-क्या बदलाव करने की जरूरत है, साथ ही हर सीट पर प्रभावी तरीके से काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक और समन्वय को लेकर चर्चा होगी. बैठक में कई बड़े बदलावों पर भी चर्चा हो सकती है.
कांग्रेस नेतृत्व उत्तर प्रदेश को लेकर अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं में नए बदलाव कर सकता है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को अब तक नई टीम नहीं मिली है, उन्हें नई टीम मिल सकती है.
उत्तर प्रदेश का आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन से मिले बेहतर नतीजों ने पार्टी को प्रदेश में फिर से मजबूत होने का भरोसा दिया है.
पार्टी जानती है कि अगर 2027 में बीजेपी के विजय रथ को रोकना है, तो सियासी हदों में बंधा संगठन काम नहीं आएगा, बल्कि बूथ स्तर तक वफादार और आक्रामक चेहरों की फौज खड़ी करनी होगी.
यही वजह है कि कांग्रेस समय रहते उन तमाम चेहरों और रणनीतियों की समीक्षा कर रही है जो चुनावों के दौरान सुस्त साबित हुए थे.
प्रभारियों और सह-प्रभारियों के दायित्वों में फेरबदल भी इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. इसका मकसद किसी एक व्यक्ति पर निर्भरता कम करने के साथ सामूहिक नेतृत्व को मजबूत करना और क्षेत्रीय स्तर पर प्रभावी नेताओं को आगे बढ़ने का मौका देना है.
कुमार अभिषेक