बहुजन समाज पार्टी (BSP) में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है. पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को एक बार फिर बसपा का नेशनल को-ऑर्डिनेटर (राष्ट्रीय संयोजक) नियुक्त कर दिया है. जिम्मेदारी वापस मिलते ही आकाश आनंद सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गए हैं. राजनीतिक रैलियों में सूट-बूट और बयानबाजी के लिए पहचाने जाने वाले आकाश आनंद का बैकग्राउंड, उनकी शिक्षा और व्यक्तिगत जीवन एक बड़े कॉर्पोरेट प्रोफाइल जैसा दिखता है.
आकाश आनंद का जन्म उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुआ था. उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली पढ़ाई नोएडा के पाथवेज वर्ल्ड स्कूल से पूरी की. स्कूली पढ़ाई के बाद वे उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड चले गए. उन्होंने लंदन की प्लाईमाउथ यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन यानी MBA की डिग्री हासिल की. फिर साल 2015 में लंदन से लौटने के बाद आकाश ने अपने पिता आनंद कुमार के बिजनेस और कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स को संभालना शुरू किया था.
पर्सनल लाइफ की बात करें तो आकाश आनंद की शादी 26 मार्च 2023 को डॉ. प्रज्ञा सिद्धार्थ से हुई थी. डॉ. प्रज्ञा पेशे से एक मेडिकल डॉक्टर हैं. डॉ. प्रज्ञा, बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक सिद्धार्थ की बेटी हैं.
राजनीति में एंट्री से नेशनल को-ऑर्डिनेटर तक का सफर
2016 में पहली झलक: मायावती ने 2016 में सहारनपुर रैली के दौरान पहली बार आकाश को पार्टी नेताओं और जनता से मिलवाया था.
2019 में स्टार कैंपेनर: 2019 के लोकसभा चुनाव में जब चुनाव आयोग ने मायावती पर प्रचार का बैन लगाया था, तब आकाश आनंद ने आगरा की रैली में भाषण देकर अपनी आक्रामक पहचान बनाई.
सोशल मीडिया और यूथ कनेक्ट: बसपा के परंपरागत कैडर से अलग, आकाश आनंद को पार्टी में डिजिटल मीडिया, यूथ विंग और टेक-सेवी कैंपेन तैयार करने का श्रेय दिया जाता है.
आजतक एजुकेशन डेस्क