Gen Z Office Culture: 'मैं अपना Aura खो रही हूं', 9 घंटे की शिफ्ट से परेशान हुई Gen Z एम्प्लॉय

जेन जी की पहली जॉब का एक्सपीरियंस कैसा होता है? सोशल मीडिया पर शीतल ने अपनी जेन जी कजन का एक्सपीरियंस किया, जो ऑफिस में लंबे टाइम तक काम करने, मैनेजर की उम्मीदों और गलतियों के डर से परेशान हो गई.शीतल की कजन कहती हैं कि जॉब के चक्कर में उसका ऑरा खत्म हो रहा है और मेंटल हेल्थ भी खराब हो रही है.

Advertisement
जेन जी को क्यों परेशान कर रही हैं नौकरी? जेन जी को क्यों परेशान कर रही हैं नौकरी?

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:35 PM IST

जेन जी के वर्क कल्चर में एंट्री लेने के बाद तरह-तरह के किस्से सामने आते रहते हैं. कोई ये शेयर करता है कि जेन जी वर्क कल्चर में क्या बदलाव लाए हैं तो कोई ये बताता है कि जेन जी के साथ उनके एक्सपीरियंस कितने अच्छे और बुरे रहे हैं. सोशल मीडिया पर हर शेयर किया गया एक्सपीरियंस एक नई बहस छेड़ देता है. हाल ही में एक X यूजर ने भी अपने जेन जी कजिन के वर्क लाइफ का एक्सपीरियंस शेयर किया. 

Advertisement

एक X पोस्ट में शीतल बताती हैं कि उनकी कजिन की पहली जॉब लगती है. उन्हें ऑफिस में काम करने के तरीके के बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं थी. जॉब शुरू करने के कुछ ही टाइम बाद, एक दिन उन्होनें शीतल को फोन किया और कंपनी में होने वाली परेशानियों के बारे में बताया.

शीतल की कजिन जेन जी एम्प्लॉय ये कंप्लेन करती हैं कि उनके ऑफिस में लंच करने का एक फिक्स्ड टाइम है जो सिर्फ 45 मिनट का है. आगे वो गुस्से में बोलती हैं कि उन्हें सिर्फ उसी तय टाइम में खाने को खाना है लेकिन क्या होगा अगर उन्हें लंच ब्रेक के पहले ही भूख लग जाएगी. 

आगे X यूजर की कजन उनसे कंपनी के बारे में कंप्लेन करने लगती हैं. जिसकी अभी वो नई-नई मेंबर बनी हैं. शीतल की कजन ने बताया कि उन्हें हर महीने सिर्फ 3 पेड छुट्टियां मिलेंगी, साथ ही  10 मिनट भी लेट होने पर स्ट्रिक्ट रूल्स है और पंक्चुएलिटी का खास ध्यान रखा जाएगा. साथ ही जेन जी वर्कर को लगातार 9 घंटे काम करना पड़ेगा. जिसके बाद उन्हें अपने लिए बहुत काम टाइम मिल पाएगा.

Advertisement

शीतल की कजिन आगे बताती हैं कि इन सबके ऊपर भी उन्हें उनके मैनेजर से डील करना पड़ता है जिसने उनसे एक बार रूडली बात की थी. तो उनकी जेन जी कजिन ने बताया कि मैनेजर ने उसे सलाह दी थी कि अगर किसी काम को लेकर कोई प्रॉब्लम हो, तो तुरंत हेल्प मांग लें. हालांकि, मैनेजर ने ये भी साफ कहा था कि काम करते टाइम किसी भी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए.

Advertisement

यह भी पढ़ें: How to say no like Gen Z: बिना बुरा फील किए Gen Z की तरह मना करना कैसे सीखें? अपनाएं ये चीजें

अपनी शिकायतें बताते हुए जेन जी एम्प्लॉय ने माना कि कंपनी में काम करते हुए उसके लिए हर दिन निकालना मुश्किल हो रहा है. उन्होंने कहा कि इस कंपनी में काम करने से उनका ‘ऑरा’ यानी उसका चार्म खत्म हो रहा है और उसकी मेंटल हेल्थ भी खराब हो रही है.

उन्होंने आगे कहा कि, “मेरी आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स हो जाएंगे. मैंने ये सब करने के लिए नौकरी नहीं ली थी.” उसकी ये बातें सुनकर शीतल अपनी हंसी नहीं रोक पाईं. आम ऑफिस की परेशानियों पर उनकी कजन का ये ड्रमैटिक लेकिन मजेदार रिएक्शन उन्हें हंसा गया.

जेन जी एम्प्लॉय की ये बात दिखाती है कि नई जॉब शुरू करने वाले यंगस्टर्स के लिए ऑफिस की लाइफ हमेशा आसान नहीं होती. लंबे टाइम तक काम करना, मैनेजर की उम्मीदों पर खरा उतरना और छोटी-छोटी गलतियों का डर उन्हें परेशान कर सकता है. जहां सीनियर इन बातों को जॉब का हिस्सा मानते हैं, वहीं जेन जी अपनी मेंटल हेल्थ और पर्सनल लाइफ को भी उतनी ही अहमियत देना चाहती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »