नॉर्थ कोरिया ने एक दिन में 10 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जापान-साउथ कोरिया टेंशन में

नॉर्थ कोरिया ने आज 10 से अधिक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें जापान सागर की ओर दागीं. अमेरिका-साउथ कोरिया अभ्यासों के दौरान यह परीक्षण हुआ. जापान और साउथ कोरिया ने पुष्टि की है.

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नॉर्थ कोरिया ने 24 घंटे में 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करके इलाके में टेंशन बढ़ा दी है. (File Photo: KCNA/Reuters) नॉर्थ कोरिया ने 24 घंटे में 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को लॉन्च करके इलाके में टेंशन बढ़ा दी है. (File Photo: KCNA/Reuters)

प्रणय उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 20 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 5:11 PM IST

नॉर्थ कोरिया ने आज 20 अगस्त 2026 को 10 से अधिक शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. ये मिसाइलें पूर्वी तटीय शहर वोनसान से जापान सागर (ईस्ट सी) की ओर दागी गईं. जापान के रक्षा मंत्रालय ने पहले एक  बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च का पता लगाया. साउथ कोरिया और जापान दोनों ने इनकी पुष्टि की है. 

प्योंगयांग आमतौर पर अमेरिका-साउथ कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों के दौरान ऐसे परीक्षण बढ़ा देता है क्योंकि वह इन्हें आक्रमण की तैयारी मानता है. साउथ कोरियाई सैन्य अधिकारियों के अनुसार ये मिसाइलें प्योंगयांग से शाम करीब 5 बजे स्थानीय समय पर दागी गईं. पूर्वी समुद्र की ओर गईं. मिसाइलें करीब 300 KM तक उड़ीं.

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जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइल का पता लगाने की जानकारी दी और कहा कि वह समुद्र में गिर चुकी है. साउथ कोरिया ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है. अमेरिका तथा जापान के साथ जानकारी साझा कर रहा है. राष्ट्रपति सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई और नॉर्थ कोरिया से ऐसे प्रक्षेपण रोकने की अपील की गई. ये प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं.

संयुक्त सैन्य अभ्यासों से संबंध

अमेरिका और साउथ कोरिया के उलची फ्रीडम शील्ड अभ्यास इस सप्ताह शुरू हुए थे. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर इन अभ्यासों को छोटा और सीमित कर दिया गया. फिर भी नॉर्थ कोरिया ने इन्हें शत्रुतापूर्ण माना और मिसाइल परीक्षण किया. इतिहास में प्योंगयांग ऐसे अभ्यासों के दौरान हथियार परीक्षण बढ़ाता रहा है. 

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भले ही अभ्यास कम किए गए हों, नॉर्थ कोरिया इन्हें आक्रमण की तैयारी बताता है. यह घटना नॉर्थ कोरिया की मिसाइल क्षमता बढ़ाने की कोशिश को दर्शाती है. शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें मुख्य रूप से क्षेत्रीय लक्ष्य के लिए होती हैं. जापान और साउथ कोरिया दोनों के लिए ये खतरा पैदा करती हैं. 

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ट्रंप प्रशासन नॉर्थ कोरिया के साथ कूटनीति फिर शुरू करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन प्योंगयांग की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही. किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अभ्यासों को अभी भी उत्तेजक बताया. इस तरह के परीक्षण क्षेत्र में तनाव बढ़ाते हैं और परमाणु निषेध प्रयासों को कमजोर करते हैं.

अमेरिका, साउथ कोरिया और जापान को मिलकर निगरानी बनाए रखनी होगी. कूटनीतिक रास्ता खुला रखने के साथ सैन्य तैयारियां भी जरूरी हैं. नॉर्थ कोरिया का यह कदम दिखाता है कि वह अपनी ताकत प्रदर्शित करना चाहता है. क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए. 

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