अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तानी बलों द्वारा कुनार और पक्तिका प्रांतों में रातभर किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की है. मुजाहिद ने इन हमलों को नागरिक क्षेत्रों पर हमला बताया और कहा कि अफगानिस्तान इस आक्रामकता का उचित जवाब देगा.
यह बयान दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को फिर से उजागर करता है. मुजाहिद के अनुसार पाकिस्तान की सैन्य स्थापना आंतरिक सुरक्षा समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है. मुजाहिद ने विस्तार से बताया कि कुनार प्रांत में हुए हमले में एक महिला और दो पुरुष मारे गए.
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साथ ही दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हुए. उन्होंने दावा किया कि ये सभी पीड़ित स्थानीय नागरिक थे. पक्तिका प्रांत में एक घर और एक स्थानीय दुकान पर बमबारी की गई. वहां कोई हताहत होने की खबर नहीं है. ये हमले रात के समय हुए जब लोग अपने घरों में थे. अफगान पक्ष का कहना है कि ऐसे हमले नागरिकों को निशाना बनाते हैं और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाते हैं.
आक्रामकता का आरोप और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन हमलों को साफ तौर पर आक्रामकता करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सैन्य स्थापना अपने देश के अंदर बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों से ध्यान भटकाने के लिए अफगानिस्तान पर हमले कर रही है. मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान इस आक्रामकता का उचित जवाब देगा.
हालांकि उन्होंने जवाब का कोई विस्तृत तरीका या समय नहीं बताया. यह बयान दोनों देशों के संबंधों में और तनाव पैदा कर सकता है. सीमा पार हमलों की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और हर बार दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं. पाकिस्तान आमतौर पर ऐसे हमलों को आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताता है. वहीं अफगान सरकार इन्हें नागरिक क्षेत्रों पर हमला और अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानती है.
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मुजाहिद के ताजा बयान से साफ है कि काबुल इस घटना को गंभीरता से ले रहा है. कुनार और पक्तिका दोनों प्रांत पाकिस्तान की सीमा से जुड़े हैं. इन इलाकों में पहले भी कई बार हवाई हमलों की खबरें आई हैं. नागरिक हताहतों का दावा दोनों देशों के बीच विश्वास की कमी को और बढ़ाता है.
क्षेत्रीय तनाव और आगे की चुनौतियां
यह घटना अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पहले से मौजूद मतभेदों को फिर से सामने लाती है. दोनों देश अक्सर सीमा सुरक्षा और आतंकवाद के मुद्दे पर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं. मुजाहिद के बयान से लगता है कि अफगानिस्तान इस बार चुप नहीं बैठना चाहता. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में जवाबी कार्रवाई की बात कही है.
इससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने का खतरा है. आम नागरिक इन तनावों का सबसे ज्यादा नुकसान उठाते हैं. कुनार में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों पर इस घटना का गहरा असर पड़ेगा. दोनों देशों को संयम बरतने और बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने की जरूरत है. सीमा पार हमलों से न सिर्फ जान-माल का नुकसान होता है बल्कि क्षेत्रीय शांति भी प्रभावित होती है.
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क्या पाकिस्तान ने कोहट हमले का बदला लिया?
पाकिस्तान ने 21 सितंबर 2026 के आसपास अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए. ये हमले कोहट हमले के बाद हुए. 18-19 सितंबर को पाकिस्तान के कोहट में पुलिस लाइन मस्जिद पर कार बम और हमलावरों का हमला हुआ. इसमें 31 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए.
इत्तेहादुल मुजाहिदीन पाकिस्तान नामक समूह ने जिम्मेदारी ली. पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि हमलावर अफगानिस्तान से जुड़े थे. एक हमलावर अफगान नागरिक था. इस्लामाबाद ने काबुल पर आतंकियों को पनाह देने का आरोप लगाया.पाकिस्तान ऐसे हमलों को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई बताता है.
अफगानिस्तान इन्हें नागरिक क्षेत्रों पर आक्रामकता कहता है और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी देता है. दोनों देशों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ है. आधिकारिक रूप से बदला शब्द का इस्तेमाल नहीं हुआ, लेकिन समय और आरोपों से यह जुड़ाव साफ दिखता है.
ऋचीक मिश्रा