लॉरेंस बिश्नोई के भांजे की जेल में बगावत या 'मौन व्रत'? भूख हड़ताल से बिगड़ी सचिन थापन की तबीयत, अस्पताल में भर्ती

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई के भांजे सचिन थापन की तबीयत अचानक बिगड़ गई. इसके बाद फौरन उसे JLN अस्पताल में भर्ती कराया गया. जेल प्रशासन ने बताया कि उसने मौन व्रत रखा था और एक मांग भी अधिकारियों से की थी. जानें क्या है पूरा मामला.

Advertisement
थापन चर्चित सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल है (फोटो-ITG) थापन चर्चित सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल है (फोटो-ITG)

चंद्रशेखर शर्मा

  • अजमेर,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:30 PM IST

अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद गैंगस्टर सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जेल प्रशासन के मुताबिक, वह पिछले 17-18 दिनों से अन्न-जल त्यागने की बात कह रहा है. हालांकि, जेल अधीक्षक का कहना है कि सचिन ने अपनी मांगों को लेकर कोई लिखित आवेदन नहीं दिया है. उसने नवरात्रों का हवाला देते हुए खुद को मौन व्रत पर बताया था. अब इस मामले में जेल प्रशासन और अस्पताल के अधिकारी उसकी सेहत पर नजर रख रहे हैं.

Advertisement

अस्पताल में डॉक्टर उसका इलाज करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वह इलाज कराने से भी इनकार कर रहा है. इस बीच, जेल प्रशासन ने उसकी भूख हड़ताल को लेकर अलग जानकारी दी है. सचिन थापन उर्फ सचिन बिश्नोई कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भांजा है. वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल है. 

पुलिस के मुताबिक, इस हत्याकांड की साजिश में सचिन की अहम भूमिका थी. जांच के दौरान उस पर हत्या से पहले रेकी करने और शूटरों को हथियारों समेत अन्य जरूरी मदद मुहैया कराने के आरोप सामने आए थे. फिलहाल, वह अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद है. जेल में बंद सचिन थापन की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे जवाहरलाल नेहरू अस्पताल के कैजुअल्टी वार्ड में लाया गया. 

अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अमित यादव ने बताया कि 17-18 दिनों से भूखे रहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई है. डॉक्टरों के मुताबिक, सचिन इलाज कराने से भी इनकार कर रहा है. अस्पताल प्रशासन ने इस मामले की जानकारी संबंधित उच्चाधिकारियों को दे दी है. जेल प्रशासन के साथ समन्वय कर उसका इलाज शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है.

Advertisement

सचिन थापन के अन्न-जल त्यागने के मामले में जेल प्रशासन ने अलग जानकारी दी है. जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के मुताबिक, सचिन ने अपनी मांगों को लेकर अब तक कोई लिखित प्रार्थना पत्र नहीं दिया है. जब अधिकारी उससे मिलने हाई सिक्योरिटी जेल पहुंचे, तो उसने नवरात्रों का हवाला दिया और खुद को मौन व्रत पर बताया. इसके चलते वह अधिकारियों से अपनी बात विस्तार से नहीं कर रहा था. 

जेल प्रशासन के मुताबिक, उसकी ओर से किसी मांग को लिखित रूप में दर्ज नहीं कराया गया है. जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि नवरात्रों का व्रत शुरू करने से दो दिन पहले सचिन थापन ने मौखिक रूप से एक मांग रखी थी. वह चाहता था कि हाई सिक्योरिटी जेल में बंद उसके दो अन्य साथियों को भी उसकी बैरक में रखा जाए. हालांकि, इस संबंध में उसने कोई लिखित आवेदन नहीं दिया. 

जेल प्रशासन का कहना है कि इसके बाद भी सचिन की ओर से कोई लिखित मांग नहीं की गई है. ऐसे में प्रशासन के पास उसकी मांग को औपचारिक रूप से स्वीकार करने का कोई आवेदन नहीं है. जेल अधीक्षक के मुताबिक, सचिन जिन दो कैदियों को अपनी बैरक में रखने की मांग कर रहा है, वे भी अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हैं. आरोप है कि इन दोनों कैदियों ने पिछले दिनों अपनी बैरक में लगे CCTV कैमरे और टाइल्स तोड़ दिए थे. 

Advertisement

इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने उनके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. जेल प्रशासन का कहना है कि जिन कैदियों के खिलाफ अनुशासनहीनता के मामले में कार्रवाई हुई है, उन्हें सचिन के साथ एक ही बैरक में रखना नियमों के खिलाफ होगा. जेल प्रशासन के मुताबिक, सचिन थापन की अपने दोनों साथियों को एक ही बैरक में रखने की मौखिक मांग पूरी नहीं की जा सकती, क्योंकि यह जेल मैनुअल और सुरक्षा नियमों के खिलाफ है. 

दूसरी तरफ, सचिन की तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में उसका इलाज कराने की कोशिश की जा रही है. वह इलाज से इनकार कर रहा है, इसलिए डॉक्टरों और जेल अधिकारियों के सामने उसकी सेहत को लेकर चुनौती बनी हुई है. फिलहाल, इस पूरे मामले में जेल प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी और अस्पताल के उपाधीक्षक के बयान के आधार पर स्थिति सामने आई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »