दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर के मामले में ED का एक्शन, ठाणे के फ्लैट पर फिर लिया कब्जा

दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने ठाणे के फ्लैट पर दोबारा कब्जा बहाल कराया है. साथ ही कथित अवैध घुसपैठ के मामले में FIR दर्ज की गई है. जानें क्या है ये पूरा मामला.

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इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG) इस मामले में ED की जांच अभी जारी है (फोटो-ITG)

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 23 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:56 PM IST

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में महाराष्ट्र के ठाणे स्थित एक फ्लैट पर दोबारा कब्जा बहाल कराया है. यह फ्लैट ED के कब्जे में था, लेकिन कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसमें घुसकर ताले से छेड़छाड़ की और कब्जे का नोटिस भी हटा दिया था.

मामले को गंभीरता से लेते हुए ED के मुंबई जोनल ऑफिस-I ने 15 अक्टूबर 2026 को FIR दर्ज कराई है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत कुर्क की गई संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए की गई है.

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ED ने इकबाल कासकर और अन्य आरोपियों के खिलाफ कथित जबरन वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान ठाणे (पश्चिम) स्थित इस फ्लैट को अस्थायी रूप से कुर्क किया था. इसके लिए 8 अप्रैल 2022 को प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर नंबर 07/2022 जारी किया गया था.

इसके बाद 29 सितंबर 2022 को संबंधित निर्णायक प्राधिकरण ने PMLA की धारा 8(3) के तहत कुर्की के आदेश की पुष्टि कर दी. यानी कानूनी प्रक्रिया के तहत इस संपत्ति की कुर्की को मंजूरी मिल गई थी.

कुर्की की प्रक्रिया के आगे बढ़ने के बाद ED ने 17 दिसंबर 2024 को PMLA की धारा 8(4) के तहत फ्लैट का कब्जा ले लिया था. जांच एजेंसी के मुताबिक, यह संपत्ति कथित जबरन वसूली से जुड़े मामले में सामने आई थी.

इस मामले की जांच ठाणे के कासारवडवली पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू की गई थी. इसमें इकबाल इब्राहिम कासकर, मुमताज अज़ाज़ शेख उर्फ राजू, इसरार अली जमील सैयद और अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप लगाए गए थे.

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ED की जांच में सामने आया कि कथित तौर पर धमकी देकर और जबरन वसूली के जरिए फ्लैट आरोपियों के नाम या उनके कहने पर रजिस्टर्ड कराने की मांग की गई थी. इसी सिलसिले में ठाणे के फ्लैट नंबर 405 का रजिस्ट्रेशन मुमताज अज़ाज़ शेख उर्फ राजू के नाम पर किया गया था.

यह रजिस्ट्रेशन 29 मई 2015 को रजिस्टर्ड सेल डीड नंबर 6443/2015 के तहत हुआ था. ED इसी संपत्ति को कथित जबरन वसूली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा मानकर कार्रवाई कर रही है.

ED के संज्ञान में आया कि कुछ लोग उस फ्लैट में दाखिल हुए और उन्होंने कथित तौर पर वहां लगे ताले से छेड़छाड़ की. आरोप है कि इन लोगों ने संपत्ति पर अपना मालिकाना हक जताते हुए ED की ओर से लगाया गया कब्जे का नोटिस भी हटा दिया था.

इसके बाद जांच एजेंसी ने फ्लैट का निरीक्षण किया और मामले की पड़ताल की. ED ने संपत्ति को सुरक्षित रखने और उस पर अपने कब्जे को बहाल करने के लिए जरूरी कदम उठाए.

इस मामले को PMLA के विशेष न्यायालय के सामने भी रखा गया था. ED के मुताबिक, अदालत ने जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से फ्लैट का कब्जा बहाल करने का निर्देश दिया था. इसके बाद पुलिसकर्मियों और गवाहों की मौजूदगी में फ्लैट का ताला बदला गया और संपत्ति पर ED का कब्जा बहाल कराया गया.

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साथ ही परिसर पर नया नोटिस भी लगाया गया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि इस संपत्ति पर अपना दावा रखने वाला कोई भी व्यक्ति ED के कार्यालय या मामले की सुनवाई कर रही अदालत का रुख कर सकता है.

संपत्ति में कथित अनधिकृत प्रवेश और ताले से छेड़छाड़ के मामले में ठाणे के कासारवडवली पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 662/2026 दर्ज की गई है. यह FIR 15 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 329(4) और 223 के तहत दर्ज की गई.

ED ने यह कदम संपत्ति में कथित घुसपैठ की जांच कराने और कानून के मुताबिक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए उठाया है. फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है.

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