मंगलवार का दिन शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों के लिए अमंगलकारी साबित हो रहा है. सबसे बड़ी बात ये है कि सेंसेक्स-निफ्टी ने तूफानी शुरुआत की थी, लेकिन देखते ही देखते बाजार में ऐसा भूचाल आया कि दोनों इंडेक्स क्रैश हो गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन के हाई लेवल से एक झटके में 1400 अंक से ज्यादा टूटकर बंद हुआ. वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने भी डे-हाई से 474 अंकों का गोता लगा गया. शेयर मार्केट में अचानक आई इस बड़ी गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि कई बड़े कारण हैं.
तूफानी तेजी, फिर तगड़ी गिरावट
शेयर मार्केट में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत धुआंधार तेजी के साथ हुई और निवेशकों को लगा कि बीते सप्ताह की गिरावट पर ब्रेक लग गया, लेकिन उनकी खुशी महज घंटेभर बाद ही टेंशन में तब्दील हो गई. सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट का जो सिलसिला शुरू हुआ वो कारोबार आगे बढ़ने के साथ तेज होता चला गया. शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने पर BSE Sensex 777 अंक की गिरावट लेकर 74,003 के लेवल पर क्लोज हुआ, जो दिन के हाई लेवल से 1433 अंक की गिरावट है.
सिर्फ सेंसेक्स ही नहीं, बल्कि NSE Nifty ने भी निवेशकों को बुरी तरह चौंकाया है. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,398 की तुलना में तेज रफ्तार के साथ 23,576 पर कारोबार की शुरुआत की थी और 23,592 तक उछला था, लेकिन फिर सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए ये भी टूटता चला गया और खबर लिखे जाने तक अपने दिन के हाई लेवल से 474 अंक फिसलकर 23,118 पर आकर बंद हुआ.
शेयर मार्केट क्रैश के कारण
Share Market Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो एक नहीं बल्कि कई हैं. इनमें कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से लेकर US बॉन्ड यील्ड तक का रोल है.
पहला कारण: वेस्ट एशिया में अमेरिका-ईरान टेंशन और मध्य पूर्व में फैलते संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को खतरे में डाल दिया है. इसके असर तेल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत तेज उछाल के साथ 107 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रही है. इसने महंगाई के जोखिम को बढ़ाते हुए शेयर बाजारों का सेंटीमेंट खराब किया है.
दूसरा कारण: शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट के पीछे दूसरा कारण अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, सोमवार को बेंचमार्क 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5 फीसदी पर जा पहुंची, जो अक्टूबर 2023 के बाद पहली बार है. गौरतलब है कि 10 साल की बॉन्ड यील्ड को ग्लोबल बेंचमार्क माना जाता है और ये सीधे अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है. वहीं बीते कारोबारी दिन अमेरिकी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी, जिसका असर मंगलवार को भारतीय बाजार पर भी नजर आया है.
तीसरा कारण: शेयर बाजार में मंगलवार को IT इंडेक्स के अलावा ज्यादातर कैटेगरी में तेज गिरावट दर्ज की गई. मार्केट टूटने का तीसरा बड़ा कारण तमाम ग्लोबल टेंशन और तेल की कीमतों में इजाफे के बीच शेयर बाजार के लिए डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में अचानक उछाल भी है. ये 6 फीसदी के आसपास बढ़कर 13 के पार निकल गया, जो आने वाले दिनों में शेयर मार्केट में बिकवाली का इंडिकेशन देता है.
ये शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरे
Stock Market Crash के बीच सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की लिस्ट देखें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल BEL Share (5%), IndiGo Share (3.56%), Bajaj Finserv Share (2.96%), Adani Ports Share (2.50%), SBI Share (2.42%), Titan Share (2.35%), Bajaj Finance Share (2.34%), Asian Paints Share (2.31%), M&M Share (2.19%), Trent Share (2%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क