जिसका डर था वही हुआ, डोनाल्ड ट्रंप के 10% टैरिफ बम के चलते जहां जापान से लेकर कोरिया-हांगकांग तक के शेयर बाजारों में कोहराम मचा नजर आया, तो इस टैरिफ अटैक का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स ओपनिंग के साथ ही बिखरा हुआ नजर आया औऱ डेढ़ घंटे के कारोबार के बाद 900 अंक से ज्यादा टूटकर 75,474 के लेवल तक फिसल गया. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी खुलने के साथ ही करीब 260 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 23,606 पर आ गया. इस गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए.
सेंसेक्स-निफ्टी में तेज गिरावट
शेयर मार्केट में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 76,391 की तुलना में गिरावट लेकर 75,708 पर ओपन हुआ और फिर अगले ही पल फिसलकर 75,613 के लेवल पर आ गया. जैसे-जैसे शेयर बाजार में कारोबार आगे बढ़ा 30 शेयरों वाले इस इंडेक्स के बिखरने की रफ्तार भी तेज होती चली गई. करीब डेढ़ घंटे के कारोबार के बाद ये 917 अंक फिसलकर 75,474 पर ट्रेड करता दिखा.
NSE Nifty ने भी सेंसेक्स की चाल से चाल मिलाई और अपने गुरुवार के बंद 23,869 की तुलना में गिरावट के साथ 23,646 पर आ गया और फिर इसके फिसलने की रफ्तार भी तेज होती चली गई. खबर लिखे जाने तक निफ्टी 263 अंक फिसलकर 23,606 पर कारोबार कर रहा था.
इन 10 शेयरों में आई बड़ी गिरावट
बाजार में कारोबार के दौरान बीएसई लार्जकैप में शामिल Infosys Share (3.12%), Eternal Share (2.88%), Bajaj Finance Share (2.85%), M&M Share (2.82%), IndiGo Share (2.60%), Bharti Airtel Share (2.55%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल Hindustan Petroleum Share (3.30%), Muthoot Finance Share (2.30%) की गिरावट में कारोबार करता नजर आया. इसके अलावा स्मॉलकैप कैटेगरी पर नजर डालें, तो यहां IIFL Share (3.50%) और AIIL Share (2.80%) की गिरावट में कारोबार कर रहे थे.
विदेशों से मिल रहे थे खराब सिग्नल
बता दें भारतीय शेयर बाजार में हाहाकार के सिग्नल पहले से ही विदेशों से मिल रहे थे. डोनाल्ड ट्रंप के 10 फीसदी टैरिफ के डर से एशियाई शेयर मार्केट क्रैश नजर आए. जापान का निक्केई इंडेक्स 2000 अंक से ज्यादा, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 6 फीसदी की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था. हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स भी करीब 2 फीसदी फिसलकर ट्रेड कर रहा था. DAX, CAC से लेकर ब्रिटेन के शेयर मार्केट FTSE-100 भी रेड जोन में थे. इसके अलावा Gift Nifty की बात करें, तो इसमें 200 अंक की बड़ी गिरावट देखने को मिल रही थी.
शेयर मार्केट क्रैश का सबसे बड़ा कारण
Stock Market Crash के पीछे की वजह की बात करें, तो इसका सबसे बड़ा कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फोड़ा गया 10% टैरिफ बम रहा है. अमेरिका ने 60 ट्रेडिंग पार्टनर्स पर 10 से 12.5 फीसदी टैरिफ का ऐलान किया है और भारत समेत 17 देशों पर 10% टैरिफ लगाया है, जो शुक्रवार से ही लागू हो गया है.
तेल ने भी बिगाड़ा बाजार का गणित
Trump 10% Tariff Bomb के साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में जारी उछाल से भी शेयर बाजार का गणित खराब हुआ है. दरअसर, मिडिल ईस्ट में जंग के चलते होर्मुज बंद होने के सात ही हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी के जहाजों पर अटैक और लाल सागर में जहाजों की आवाजाही बाधित होने से कच्चे तेल की कीमतों ने एक बार फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू लिया है और इससे भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दबाव देखने को मिला है.
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
आजतक बिजनेस डेस्क