राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन का हर ओर असर देखने को मिला. रविवार को ये प्रदर्शन रविवार को और बढ़ने की आशंका जाहिर की जा रही है. CJP के प्रदर्शन की वजह से दिल्ली के व्यापारियों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है. दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कहा है कि सिर्फ 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए धरने-प्रदर्शन के कारण व्यापारियों का अनुमानित करीब 2000 करोड़ रुपये का व्यापार ठप हो गया.
CTI ने कॉकरोच जनता पार्टी से डिमांड
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे इस प्रदर्शन के चलते दिल्ली के व्यापारियों को होने वाले नुकसान को लेकर CTI ने CJP के साथ ही अन्य सभी राजनैतिक दलों को पत्र लिखा हैऔर इसमें मांग की गई है फेस्टिव सीजन है, दिवाली तक दिल्ली में कोई धरना-प्रदर्शन न करें. सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि नवरात्रि और रामलीलाएं आज से शुरू हो रही हैं, दिवाली का सीजन भी शुरू हो चुका है, लेकिन इस तरह के प्रदर्शन से दिल्ली का व्यापार और अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी.
एक दिन में ही बड़ा नुकसान
दिल्ली और देश में व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने कहा है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए धरने-प्रदर्शन के कारण दिल्ली में लगभग 2000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ. CTI चेयरमैन बृजेश गोयल ने बताया कि CTI ने CJP के अभिजीत दीपके समेत तमाम राजनैतिक दलों को पत्र लिखकर मांग की है कि दिवाली तक दिल्ली में कोई भी धरना-प्रदर्शन न किया जाए.
CTI की ओर से लिखे गए ने पत्र में कहा गया है कि फेस्टिव सीजन शुरू हो गया है और यह दिल्ली के 20 लाख व्यापारियों के लिए साल का सबसे बड़ा व्यापारिक सीजन होता है. धरने-प्रदर्शन से व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और अगर यह धरना प्रदर्शन लंबा चला तो दिल्ली की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा जाएगी. दिल्ली के इन लाखों व्यापारियों का कारोबार चौपट हो जाएगा.
लाखों लोगों के रोजगार पर असर
सीजेपी प्रोटेस्ट को दीवाली तक टालने की डिमांड करते हुए सीटीआई ने बताया कि दिल्ली में आज से रामलीलाएं भी शुरू हो रही हैं, यहां 650 रामलीलाएं होती हैं, जिसमें लाखों लोगों को रोजगार मिलता है. अगर धरने-प्रदर्शन के कारण रास्ते और मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे, तो लोग रामलीलाओं में आने से कतराएंगे. संगठन की ओर से कहा गया कि इसे प्रदर्शन को टाला जाए, ताकि दिल्ली का त्योहारी व्यापार बच सके और आम लोगों को परेशानी न हो.
10 अक्टूबर को व्यापार का हाल
प्रमुख बाजार बंद जैसे: सदर बाजार, चांदनी चौक, चावड़ी बाजार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लाजपत राय मार्केट जैसे बड़े बाजार बंद रहे, अन्य बाजारों में भी कामकाज नहीं के बराबर हुआ.
बाहर से ग्राहक नहीं: दिल्ली के बाहर से रोजाना 3 -4 लाख लोग खरीददारी के लिए आते हैं, वो लोग दिल्ली नहीं आए.
लोकल ग्राहक भी नहीं निकले: सुरक्षा और जाम के डर से दिल्ली के लोग भी खरीददारी के लिए नहीं निकले.
मेट्रो स्टेशन बंद: ज्यादातर प्रमुख मेट्रो स्टेशन बंद रहे, जिससे आवाजाही ठप्प हो गई.
सर्विस सेक्टर पर असर: पेट्रोल पंपों पर भी भीड़ नहीं थी । होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, ब्यूटी पार्लर, सैलून में बुकिंग कैंसिल हो गई.
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है कि CJP Protest से सिर्फ रिटेल कारोबार ही नहीं, बल्कि सर्विस सेक्टर, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म सब मिलाकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में 2000 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ. उन्होंने CJP से अनुरोध किया है कि दिवाली तक दिल्ली में धरना-प्रदर्शन न करें, इसके बजाय किसी दूसरे शहर का चयन कर लिया जाए.
सुशांत मेहरा