क्या खत्म हो रहा पेट्रोल का दौर? हर 2 में से 1 को चाहिए इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, रिपोर्ट में खुलासा

Electric Two Wheeler: रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों की हिस्सेदारी 30 फीसदी थी, जो 2026 में बढ़कर 43 फीसदी हो गई है. यानी दो साल में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को लेकर ग्राहकों की सोच में बड़ा बदलाव आया है. इस रिपोर्ट में Gen Z को लेकर भी दिलचस्प खुलासे हुए हैं.

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कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड ज्यादा तेजी से बढ़ी है. Photo: ITG कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स की डिमांड ज्यादा तेजी से बढ़ी है. Photo: ITG

अश्विन सत्यदेव

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 6:06 PM IST

पेट्रोल की आदत पुरानी है, लेकिन अब इलेक्ट्रिक का ख्याल जोर पकड़ रहा है. देश के दोपहिया बाजार की हवा बदल रही है. जिस इलेक्ट्रिक स्कूटर को कभी लोग शक की नजर से देखते थे, अब उसी की तरफ शौक से बढ़ रहे हैं. आंकड़ा देखिए. 2024 में 10 में से 3 ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने की सोच रहे थें. 2026 में यह संख्या बढ़कर 10 में से 4 से ज्यादा हो गई. BCG की ताजा रिपोर्ट का इशारा साफ है. इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर अब सिर्फ ऑप्शन नहीं, पेट्रोल की बादशाहत को चुनौती देने लगा है. 

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बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (BCG) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने वालों की हिस्सेदारी 30 फीसदी थी, जो 2026 में बढ़कर 43 फीसदी हो गई है. यानी दो साल में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को लेकर ग्राहकों की सोच में बड़ा बदलाव आया है. हालात यह हैं कि भारत में दोपहिया वाहन खरीदने वाले करीब हर दो में से एक ग्राहक इलेक्ट्रिक ऑप्शन पर विचार कर रहा है. 

BCG की रिपोर्ट ' इलेक्ट्रिक इन चार्ज' के मुताबिक, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीदने से साफ इनकार करने वाले ग्राहकों की संख्या भी कम हुई है. साल 2024 में 38 फीसदी ग्राहक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन खरीदने के पक्ष में नहीं थे. साल 2026 में यह आंकड़ा घटकर 29 फीसदी रह गया है. इससे पता चलता है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर लोगों की झिझक धीरे-धीरे कम हो रही है. अब ग्राहक सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियों की एंक्वॉयरी नहीं कर रहे, बल्कि इन्हें अपने अगले वाहन के तौर पर भी देख रहे हैं.

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EV को लेकर लोगों की सोच में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. Photo: ITG


दोपहिया बाजार में EV की हिस्सेदारी

ग्राहकों की बदलती सोच का असर बिक्री के आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है. अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत में बिकने वाले कुल दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक मॉडल की हिस्सेदारी 9.9 फीसदी रही. फाइनेंशियल ईयर 2024 में यह आंकड़ा 5.5 फीसदी था. स्कूटर सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की पकड़ और बेहतर हुई है. वित्त वर्ष 2024 में कुल स्कूटर बिक्री में इलेक्ट्रिक स्कूटर की हिस्सेदारी 16.8 फीसदी थी, जो वित्त वर्ष 2027 में अब तक बढ़कर 24.1 फीसदी हो गई है.

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BCG के मुताबिक, वित्त फाइनेंशियल ईयर 2022 से 2026 के बीच भारत के कुल दोपहिया बाजार में सालाना औसतन करीब 12 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई. इसी दौरान स्कूटर बाजार की सालाना औसत वृद्धि करीब 19 फीसदी रही. खास बात यह है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री पेट्रोल से चलने वाले स्कूटरों के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा तेजी से बढ़ी है. यह बदलाव दिखाता है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर अब बाजार में अपनी मजबूत जगह बना रहे हैं.

1.8 लाख नए ग्राहक खरीद रहे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर

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इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का बाजार अब शुरुआती EV ग्राहकों से आगे बढ़ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2027 में अगस्त 2026 तक हर महीने करीब 1.8 लाख नए ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर खरीद रहे थे. यह आंकड़ा बताता है कि इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग अब तेजी से आम ग्राहकों तक पहुंच रही है. पहले जहां इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने वाले ग्राहकों का दायरा सीमित था, वहीं अब रोजाना सफर करने वाले लोग भी इसे एक बेहतर विकल्प के तौर पर देख रहे हैं.

क्यों बढ़ रही इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की डिमांड

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ग्राहकों की धारणा में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. पहले कई लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर को डिजाइन, स्पीड और परफॉर्मेंस के मामले में पेट्रोल स्कूटर से कमजोर मानते थे. लेकिन अब इस सोच में बदलाव आ रहा है. BCG की रिपोर्ट बताती है कि, डेली लाइफ में कम दूरी का सफर करने वाले ग्राहकों में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के डिजाइन को बेहतर मानने वालों की हिस्सेदारी साल 2024 के 30 फीसदी के मुकाबले अब बढ़कर 2026 में 59 फीसदी हो गई है.

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इसी तरह, इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों का पिकअप अच्छा मानने वाले ग्राहकों की संख्या भी बढ़ी है. साल 2024 में केवल 27 फीसदी ग्राहक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के पिकअप को अच्छा मानते थे. साल 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 48 फीसदी हो गया. स्पीड, पिकअप, डिजाइन और ब्रांड पर बढ़ते भरोसे ने उन ग्राहकों को भी इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ मोड़ा है, जो पहले इन्हें खरीदने को लेकर असमंजस में थे.

 

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2023 के मुकाबले देश में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स के मॉडलों की संख्या 30% ज्यादा बढ़ी है. Photo: ITG


बैटरी रेंज और सर्विस अब भी बड़ी चिंता

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर भरोसा बढ़ने के बावजूद ग्राहकों की कुछ चिंताएं अब भी बनी हुई हैं. बैटरी की रेंज, सेफ्टी, सर्विस की सुविधा, परफॉर्मेंस और लंबे समय तक वाहन इस्तेमाल करने की लागत जैसे सवालों को लेकर ग्राहक अभी भी असमंजस में हैं. कई ग्राहक यह भी जानना चाहते हैं कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन लंबे समय तक इस्तेमाल के मामले में पेट्रोल वाहनों जितने भरोसेमंद साबित होंगे या नहीं.

BCG ने अपने रिपोर्ट में ग्राहकों को तीन हिस्सों में बांटा है. इनमें इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए इच्छुक ग्राहक, खरीदने को लेकर असमंजस में रहने वाले ग्राहक और इलेक्ट्रिक वाहनों नापसंद करने वाले ग्राहक शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो साल में इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर इच्छुक ग्राहकों का ग्रुप 1.5 गुना बढ़ा है. वहीं, इलेक्ट्रिक वाहनों को नापसंद करने वाले ग्राहकों की हिस्सेदारी अब भी बाजार में करीब 20 फीसदी बनी हुई है.

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों का रियल वर्ल्ड एक्सपीरिएंस कई मामलों में उनकी उम्मीदों के बराबर या उससे बेहतर रहा है. इसमें वाहन चलाने का खर्च, मेंटनेंस कॉस्ट, सामान या लगेज रखने की सुविधा, कम्फर्ट, ट्रैफिक में आसानी से चलाना और डिजिटल फीचर्स जैसे पहलू शामिल हैं. ऐसे एक्सपीरिएंस इलेक्ट्रिक वाहनों पर ग्राहकों का भरोसा बढ़ाने में मदद कर रहे हैं.

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इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में अब हर ग्राहक की जरूरत एक जैसी नहीं है. BCG ने अपनी रिपोर्ट में ग्राहकों की जरूरत और इस्तेमाल के आधार पर 10 अलग-अलग ग्रुपों को शामिल किया गया है. इसमें उन लोगों को भी शामिल किया गया है, जो क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी के काम में पूरे दिन दोपहिया वाहन चलाते हैं. ऐसे राइडर्स के लिए वाहन की रेंज, मजबूती, कम खर्च और लगातार इस्तेमाल करने की क्षमता बेहद जरूरी होती है. उनकी जरूरतें रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले ग्राहकों से अलग हैं.

क्या चाहता है Gen Z?

इसके अलावा, Gen Z यानी युवा कस्टमर्स का ग्रुप भी तेजी से EV की तरफ रूख कर रहा है. ये ग्राहक ऐसे दोपहिया वाहन चाहते हैं, जो दिखने में स्टाइलिश हों और खराब सड़कों पर भी लंबे समय तक साथ निभा सकें. उनके लिए डिजाइन के साथ मजबूती, आराम और लंबी दूरी तक चलने की क्षमता भी अहम है. इससे साफ है कि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार अब केवल एक तरह के ग्राहकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी डिमांड हर वर्ग में बढ़ रही है.

TVS Motors इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेगमेंट को लीड कर रहा है. Photo: ITG

भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मॉडलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है. साल 2023 के मुकाबले अब बाजार में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मॉडलों की संख्या करीब 30 फीसदी ज्यादा हो गई है. वहीं, इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों के मॉडलों की संख्या दोगुनी हो चुकी है. हालांकि, विकल्प बढ़ने के बावजूद बाजार में 5 प्रमुख ब्रांडों की हिस्सेदारी करीब 83 फीसदी बनी हुई है. 

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इन बातों पर गौर करें कंपनियां

BCG की रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर कंपनियों के लिए कुछ प्राथमिकताएं बताई गई हैं. इनमें बेहतर प्रोडक्ट डिजाइन, सही मॉडल पोर्टफोलियो तैयार करना और वाहन खरीदने से लेकर लंबे समय तक इस्तेमाल करने तक ग्राहकों का भरोसा बनाए रखना शामिल है. रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि, कंपनियों को अब सिर्फ एक तरह का इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक पेश करने के बजाय अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर मॉडल तैयार करने चाहिए.

कुल मिलाकर, भारत में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार तेजी से बढ़ रहा है. इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक्स को लेकर लोगों का भरोसा बढ़ रहा है. अब आपको भी अपने आसपास इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स तेजी से बढ़ते दिख रहे होंगे. हालांकि अब वाहन निर्माताओं को ग्राहकों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए थर्मल सिस्टम, बैटरी कैपेसिटी, रेंज और चार्जिंग इंफ्रा पर भी ध्यान देना चाहिए. 

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