गर्मी के मौसम में बढ़ती नमी और उमस का असर सिर्फ पशुओं की सेहत पर नहीं पड़ता, बल्कि उनके आहार की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है. खासकर मिनरल मिक्स में नमी आने से उसकी गुणवत्ता कम हो सकती है और पशुओं को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता.
नमी से मिनरल मिक्स हो सकता है खराब
गर्म और नम मौसम में हवा की नमी मिनरल मिक्स को प्रभावित कर सकती है. कुछ मिनरल तत्व नमी सोख लेते हैं, जिससे मिश्रण गीला होकर जम सकता है और पशुओं के लिए उसका सेवन मुश्किल हो सकता है.
पोषक तत्वों की गुणवत्ता पर असर
उमस वाले मौसम में मिनरल और फीड मिश्रण में रासायनिक प्रतिक्रियाएं बढ़ सकती हैं. इससे आहार की गुणवत्ता कम हो सकती है और पशुओं को जरूरी पोषण पूरी मात्रा में नहीं मिल पाता.
फीड में फफूंदी का खतरा बढ़ता है
गर्मी और नमी बैक्टीरिया, यीस्ट और फफूंदी के विकास के लिए अनुकूल माहौल बनाती है. इससे फीड जल्दी खराब हो सकता है और पशुओं की खाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है.
मिनरल मिक्स को सूखी जगह रखें
किसानों को सलाह दी जाती है कि मिनरल मिक्स को बंद कंटेनर में, नमी और सीधी धूप से दूर रखें. जरूरत के हिसाब से ही मात्रा निकालें ताकि लंबे समय तक खुला रहने से गुणवत्ता खराब न हो.
पशुओं के सेवन पर नजर रखें
गर्मियों में पशुओं का खाना कम हो सकता है, जिससे मिनरल की खपत भी घट सकती है. साफ पानी, छाया और बेहतर वेंटिलेशन के साथ संतुलित आहार देना जरूरी है. गर्मी और उमस के दौरान पशुओं में हीट स्ट्रेस से दूध उत्पादन और स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है.