राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अंतरिम रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपेगी. एसआईटी ने अंतिम जांच रिपोर्ट तैयार करने के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त समय मांगा है. सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एसआईटी अपनी अंतरिम रिपोर्ट दाखिल करेगी. यह मामला मंदिर को मिले चढ़ावा और दान की चोरी से जुड़ा हुआ है.
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मामले की आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी. उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस मामले में दोषी पाए गए लोग किसी भी हालत में नहीं छोड़े जाएंगे.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT ने अभी अपनी जांच पूरी नहीं की है.
अब तक की जानकारी के अनुसार जांच में चढ़ावे की गिनती, प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं. इसमें SOP का उल्लंघन और CCTV फुटेज की कमी शामिल है. इसके आधार पर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, अनुकल्प मिश्रा समेत कुछ बैंक कर्मी भी शामिल हैं.
गुरुवार को सूत्रों के हवाले ये रिपोर्ट आई थी कि रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी जाएगी, लेकिन ताजा जानकारी के अनुसार अब रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर UP सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यों वाली SIT बनाई थी. शुरू में इसे अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिन दिए गए थे. लेकिन 1 जुलाई को इसका कार्यकाल 15 दिन और बढ़ा दिया गया. अब उम्मीद है कि सोमवार तक रिपोर्ट आ जाएगी, क्योंकि कार्यकाल के दोबारा बढ़ने की संभावना कम है.
यह अंतिम रिपोर्ट अहम है क्योंकि उम्मीद है कि मंदिर ट्रस्ट इसकी सिफारिशों पर विस्तार से चर्चा करेगा. ये सिफारिशें मंदिर के मैनेजमेंट और दान की गिनती व रखरखाव के सिस्टम में बड़े सुधारों का आधार बन सकती हैं। ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई को अयोध्या में होनी है.
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि राज्य सरकार भी SIT की जांच के नतीजों का इंतज़ार कर रही है और उन्होंने भरोसा दिलाया कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.