पौधों को उगाने और उनकी खेती करने को बागवानी (Gardening) कहा जाता है. बगीचों में, सजावटी पौधे, उपयोगी पौधे, जैसे जड़ वाली सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, फल और जड़ी-बूटियां उगाएं जाते हैं, जिनका उपयोग रंगों के लिए या औषधीय या कॉस्मेटिक उपयोग के लिए की जाती हैं. शहरी लोग अब अपने घर के छत पर पालक आलू, टमाटर, हरी मिर्च, पुदीना, तोरई, भिंडी जैसी हरी सब्जियां उगा कर बंपर मुनाफा कमा सकते है. ऐसा करने के लिए उन्हें सरकार से बंपर सब्सिडी भी मिल रही है. ताकि ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के लोग भी खेती-किसानी से जुड़ सके और मुनाफा पा सके.
बागवानी का दायरा फलों के बगीचों से लेकर एक या एक से अधिक विभिन्न प्रकार की झाड़ियों, पेड़ों और जड़ी-बूटियों के पौधों के साथ लंबे बुलेवार्ड वृक्षारोपण तक, लॉन और नींव रोपण सहित घर के गार्डन तक, अंदर या बाहर उगाए गए कंटेनर गार्डन तक होता है.
बागवानी बहुत विशिष्ट हो सकती है, जिसमें केवल एक प्रकार के पौधे उगाए जा सकते हैं या मिश्रित रोपण में कई प्रकार के पौधे शामिल हो सकते हैं.
अगर आप चाहते हैं कि आने वाली गर्मियों में आपका गार्डन फूलों की खुशबू और खूबसूरती से गुलजार रहे तो सही समय पर बीज बो देने चाहिए. सूरजमुखी और गेंदे से लेकर जीनिया तक, कई ऐसे फूल वाले पौधे हैं, जिनके बीज फरवरी के आखिर में बोए जाएं तो गर्मियों में खूब फूल खिलते हैं. आइए जानते हैं सही तरीका.
बरसात या सर्दियों में घर के कोनों, बाथरूम और दीवारों पर फंगस (Mold) जमना आम समस्या है. ज्यादा नमी और बंद कमरों में हवा का ठहराव मोल्ड को बढ़ावा देता है. लेकिन कुछ इनडोर पौधे ऐसे हैं जो हवा को साफ रखने
ऐसे कई पौधे हैं जिन्हें सिर्फ एक पत्ती से उगाया जा सकता है लेकिन सही तरीका अपनाना बेहद जरूरी है, वरना पत्ती सड़ भी सकती है.आइए जानते हैं किन-किन पौधों को आप एक पत्ती से आसानी से उगा सकते हैं और कैसे.
रसोई में बचे केले, संतरे, अनार और नींबू के छिलके फेंकने की बजाय आप इन्हें पौधों के लिए बढ़िया खाद बना सकते हैं.
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी का महीना आम की फसल के लिए बेहद जरूरी होता है. इस समय पेड़ों पर बौर (फूल) आते हैं और सही देखभाल से फल ज्यादा और अच्छे लगते हैं.
घर को सजाने के अलावा पौधे सकारात्मक ऊर्जा, अच्छी हवा और मानसिक शांति भी देते हैं. इनमें खासकर सक्युलेंट प्लांट्स होते हैं.
अगर आपका मनी प्लांट (Money Plant) साइड की ओर झुक रहा है या नीचे गिरता जा रहा है, तो इसका मतलब यह है कि पौधे को सही दिशा और सहारा चाहिए. सही देखभाल से इसे सीधा, हरा‑भरा और मजबूत बनाया जा सकता है.
घर के पौधों को हरा-भरा रखने और उनकी ग्रोथ तेज करने के लिए रासायनिक खाद की जगह ऑर्गेनिक (प्राकृतिक) खाद सबसे अच्छा विकल्प है. आज हम आपको टॉप 9 ऑर्गेनिक खाद बताएंगे जिनसे आप अपने बगीचे को पूरी तरह स्वस्
बगीचे में वसंत के मौसम में खिले ट्यूलिप, डेफोडिल और अन्य फूल अक्सर गिलहरियों के शिकार बन जाते हैं. ये छोटे-छोटे चोर मिट्टी खोदकर पौधों के कंद निकाल लेती हैं और खा जाती हैं.
घर के पौधों की सही देखभाल के लिए जैविक खाद सबसे बेहतर मानी जाती है. सरसों की खली से बनी लिक्विड खाद अगर गुड़ के साथ तैयार की जाए, तो यह न सिर्फ पौधों की ग्रोथ को तेज करती है बल्कि इसकी बदबू भी काफी हद
अगर आप घर पर ताजगी भरे नारंगी (Narangi) उगाना चाहते हैं, तो ये बेहद आसानी से किया जा सकता है. छोटे गमले में भी नारंगी के पौधे लगाकर आप अपने घर को हरा-भरा और फल-फूल से भर सकते हैं.
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan) की 22वीं किस्त जल्द आने वाली है. किसान ध्यान दें कि पैसे सीधे खाते में आएं, इसके लिए ये काम समय रहते कर लें.
अगर घर के पौधे मुरझा रहे हैं या उनकी ग्रोथ रुक गई है, तो उपलों (गोबर के कंडे) से बनी खाद उन्हें दोबारा हरा-भरा बना सकती है. यह पूरी तरह प्राकृतिक खाद होती है, जो मिट्टी की ताकत बढ़ाती है और पौधों को ज
ठंड के मौसम में तुलसी का पौधा अक्सर सूखने लगता है. पत्तियां झड़ जाती हैं और टहनियां डेड नजर आने लगती हैं लेकिन सही देखभाल से तुलसी को दोबारा हरा-भरा किया जा सकता है.
हम अक्सर चावल धोने या उबालने के बाद बचा हुआ पानी नाली में फेंक देते हैं, लेकिन यह पानी घर के पौधों के लिए सोने जैसा प्राकृतिक उर्वरक साबित हो सकता है.
गर्मी का मौसम (जायद सीजन) अब सिर्फ खेत में मेहनत नहीं, बल्कि अच्छी कमाई का मौका भी है.
पैदा हुए बछड़े की जान बचाने और उसे स्वस्थ रखने के लिए जन्म के बाद के पहले कुछ दिन बेहद अहम होते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक शुरुआती 20 दिन की खास देखभाल से बछड़ा बीमारियों से दूर और मजबूत बनता है.
अगर आप घर में गमले में बैंगन उगाना चाहते हैं, तो आप इसे बहुत आसानी से कर सकते हैं. सबसे पहले आपको सही मिट्टी, सूरज की रोशनी और नियमित पानी की जरूरत होगी.
अगर आपका करी पत्ता का पौधा धीरे बढ़ रहा है या पत्तियां कम हैं, तो इसे छोटे आसान तरीकों से जल्दी हरा‑भरा बनाया जा सकता है.
खजूर (Date Palm) अब सिर्फ मिठाई या खाने का फल नहीं, बल्कि किसानों के लिए लाभ का बड़ा जरिया बन गया है. एक खजूर के पेड़ से सालाना लगभग 50 हज़ार रुपये तक की आमदनी हो सकती है.
पत्थरचटा (Stonecrop) एक ऐसा औषधीय पौधा है, जो कई बीमारियों में लाभकारी माना जाता है। इसकी मांग आयुर्वेदिक दवाओं और हेल्थ सप्लीमेंट्स में लगातार बढ़ रही है.