पौधों को उगाने और उनकी खेती करने को बागवानी (Gardening) कहा जाता है. बगीचों में, सजावटी पौधे, उपयोगी पौधे, जैसे जड़ वाली सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, फल और जड़ी-बूटियां उगाएं जाते हैं, जिनका उपयोग रंगों के लिए या औषधीय या कॉस्मेटिक उपयोग के लिए की जाती हैं. शहरी लोग अब अपने घर के छत पर पालक आलू, टमाटर, हरी मिर्च, पुदीना, तोरई, भिंडी जैसी हरी सब्जियां उगा कर बंपर मुनाफा कमा सकते है. ऐसा करने के लिए उन्हें सरकार से बंपर सब्सिडी भी मिल रही है. ताकि ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के लोग भी खेती-किसानी से जुड़ सके और मुनाफा पा सके.
बागवानी का दायरा फलों के बगीचों से लेकर एक या एक से अधिक विभिन्न प्रकार की झाड़ियों, पेड़ों और जड़ी-बूटियों के पौधों के साथ लंबे बुलेवार्ड वृक्षारोपण तक, लॉन और नींव रोपण सहित घर के गार्डन तक, अंदर या बाहर उगाए गए कंटेनर गार्डन तक होता है.
बागवानी बहुत विशिष्ट हो सकती है, जिसमें केवल एक प्रकार के पौधे उगाए जा सकते हैं या मिश्रित रोपण में कई प्रकार के पौधे शामिल हो सकते हैं.
Succulent पौधे कम पानी में भी आसानी से बढ़ जाते हैं, लेकिन ज्यादा पानी इनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है. अगर आपका पौधा मुरझा रहा है तो उसे बार-बार पानी देने के बजाय सही कारण पहचानना जरूरी है, ताकि वह फिर से स्वस्थ होकर बढ़ सके.
पौधों की धीमी ग्रोथ या बार-बार मुरझाना हमेशा पानी या खाद की कमी की वजह से नहीं होता. कई बार गमले में जगह खत्म होने के कारण जड़ें दबने लगती हैं और पौधे का विकास रुक जाता है. ऐसे में सही समय पर गमला बदलना पौधे की सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है.
गर्मी और बदलते मौसम के कारण गेंदा (Marigold) के पौधे अक्सर मुरझाने लगते हैं और उनमें फूलों की संख्या भी कम हो जाती है लेकिन कुछ आसान उपायों से सूखते हुए पौधे को फिर से हरा-भरा बनाया जा सकता है और सीजन खत्म होने तक इसमें दोबारा ढेर सारे फूल खिलाए जा सकते हैं.
अगर आपको पौधे लगाने का शौक है लेकिन रोजाना उनकी देखभाल के लिए समय नहीं मिल पाता, तो ऐसे कई पौधे हैं जो कम पानी, कम रोशनी और कम मेहनत में भी लंबे समय तक हरे-भरे रहते हैं.
किचन गार्डन में अक्सर एक समय पर सब्जियों की भरमार हो जाती है और फिर कुछ हफ्तों तक ताजी सब्जियां नहीं मिलतीं लेकिन अगर सही प्लानिंग के साथ बीज बोए जाएं तो छोटे से गार्डन से भी पूरे साल लगातार ताजी सब्जियां हासिल की जा सकती हैं. Succession Gardening की मदद से फसल खत्म होते ही नई सब्जियां तैयार होने लगती हैं.
घर के गार्डन में प्याज़ उगाना आसान है, लेकिन अच्छी और बड़ी प्याज़ तैयार करने के लिए सही समय और देखभाल जरूरी होती है. प्याज़ को तैयार होने में कितना समय लगेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने इसे ब
घर के गार्डन में पौधों पर लगने वाले छोटे-छोटे कीड़े जैसे एफिड्स (माहू), सफेद मक्खी और कुछ अन्य चबाने वाले कीट पौधों को कमजोर कर देते हैं. इनसे बचने के लिए बाजार के केमिकल स्प्रे की जगह आप घर पर ही गर्म मिर्च से बना प्राकृतिक स्प्रे तैयार कर सकते हैं.
फलों और सब्जियों की हाइब्रिड वैरायटी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है. पपीते की खेती के लिए बरसात का मौसम आदर्श माना जाता है, क्योंकि नमी पौधों की शुरुआती ग्रोथ में मदद करती है. अगर आप अपने घर-बगीचे या खेत में पपीते उगाना चाहते हैं तो रेड ग्लो वैरायटी बेहतरीन ऑप्शन है. आइए जानते हैं पपीते की इस उन्नत किस्म की खासियत.
तुलसी किचन गार्डन का सबसे पसंदीदा पौधा है, लेकिन इसके आसपास हर पौधा लगाना फायदेमंद नहीं होता. कुछ पौधों की जरूरतें अलग होती हैं, जिससे वे तुलसी के साथ पानी, पोषक तत्व और जगह के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकत
अगर आप अपने गार्डन के फूलों को घर सजाने के लिए तोड़ते हैं, तो सिर्फ तरीका ही नहीं बल्कि समय भी बेहद मायने रखता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि गलत समय पर तोड़े गए फूल जल्दी मुरझा जाते हैं, जबकि सही समय पर कटाई करने से उनकी ताजगी कई दिनों तक बनी रहती है.
मॉनसून में पौधों को भरपूर पानी मिलता है, लेकिन यही बारिश कई बार उनके लिए परेशानी भी बन जाती है. लगातार नमी और गमले में पानी जमा रहने से पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं, जिसे रूट रॉट (Root Rot) कहा जाता
लॉन की कटी घास को फेंकने की बजाय नेचुरल लिक्विड फर्टिलाइजर बनाया जा सकता है.
गुलाब की खूबसूरती को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियों में ब्लैक स्पॉट डिजीज शामिल है. यह एक फंगल संक्रमण है, जो गुलाब की पत्तियों पर काले धब्बे बना देता है.
गार्डन या लॉन में चींटियों के छोटे-छोटे टीले (Ant Hills) दिखना आम बात है, लेकिन अगर इनकी संख्या बढ़ जाए तो ये पौधों और घास को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
गर्मियों में तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से लॉन की घास जल्दी सूखने लगती है. ऐसे में इसे हरा-भरा बनाए रखने के लिए सही समय और सही मात्रा में पानी देना बेहद जरूरी है.
अगर आप घर में कुछ अलग और अनोखा पौधा लगाना चाहते हैं, तो Venus Flytrap बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह मांसाहारी पौधा अपने जाल जैसी पत्तियों में मक्खियों और छोटे-छोटे कीड़ों को फंसाकर उनसे पोषण प्राप्त क
बारिश का मौसम सिर्फ हरियाली बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि घर में सब्जियां उगाने के लिए भी बेहतरीन माना जाता है. नमी वाली मिट्टी और अनुकूल तापमान में कई सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं.
गार्डन में ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो कम मेहनत में खूबसूरती बढ़ाए और हर मौसम में हरा दिखे, तो रोमन कैंडल पोडोकार्पस एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
ऑनलाइन शॉपिंग के बाद बचे कार्डबोर्ड बॉक्स को फेंकने के बजाय बगीचे में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह मिट्टी को ढकने, खरपतवार रोकने और गार्डन बेड तैयार करने में मदद कर सकता है.
घर में उगाया धनिया कुछ ही दिनों में खत्म हो जाता है या पौधा कमजोर पड़ जाता है, तो इसकी वजह कटाई का गलत तरीका हो सकता है. सही तरीके से पत्तियां तोड़ने पर पौधा ज्यादा समय तक हरा-भरा रह सकता है.
करी पत्ता भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है. कई लोग इसे घर में गमले में उगाते हैं, लेकिन अक्सर शिकायत रहती है कि पौधा ऊंचा तो हो जाता है, पर घना नहीं बनता.