पौधों को उगाने और उनकी खेती करने को बागवानी (Gardening) कहा जाता है. बगीचों में, सजावटी पौधे, उपयोगी पौधे, जैसे जड़ वाली सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, फल और जड़ी-बूटियां उगाएं जाते हैं, जिनका उपयोग रंगों के लिए या औषधीय या कॉस्मेटिक उपयोग के लिए की जाती हैं. शहरी लोग अब अपने घर के छत पर पालक आलू, टमाटर, हरी मिर्च, पुदीना, तोरई, भिंडी जैसी हरी सब्जियां उगा कर बंपर मुनाफा कमा सकते है. ऐसा करने के लिए उन्हें सरकार से बंपर सब्सिडी भी मिल रही है. ताकि ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के लोग भी खेती-किसानी से जुड़ सके और मुनाफा पा सके.
बागवानी का दायरा फलों के बगीचों से लेकर एक या एक से अधिक विभिन्न प्रकार की झाड़ियों, पेड़ों और जड़ी-बूटियों के पौधों के साथ लंबे बुलेवार्ड वृक्षारोपण तक, लॉन और नींव रोपण सहित घर के गार्डन तक, अंदर या बाहर उगाए गए कंटेनर गार्डन तक होता है.
बागवानी बहुत विशिष्ट हो सकती है, जिसमें केवल एक प्रकार के पौधे उगाए जा सकते हैं या मिश्रित रोपण में कई प्रकार के पौधे शामिल हो सकते हैं.
गुजरात के अमरेली जिले के एक किसान ने एक ही आम के पेड़ पर 14 तरह के आम उगाकर सबको हैरान कर दिया है. ग्राफ्टिंग तकनीक की मदद से उगाए गए इन आमों में कई पुरानी और खास किस्में शामिल हैं. किसान उकाभाई भट्टी की यह अनोखी खेती अब लोगों और दूसरे किसानों के लिए आकर्षण और प्रेरणा का केंद्र बन गई है.
अगर आपके पौधे बढ़ नहीं रहे हैं या उनमें फूल-फल नहीं आ रहे हैं, तो इसका कारण अक्सर मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी होता है. ऐसे में बाजार के केमिकल फर्टिलाइज़र की जगह घर पर बना प्राकृतिक फीड काफी असरदार
तेज गर्मी के इस मौसम में जहां लोग राहत के लिए शाम के समय बागवानी करते हैं, वहीं पौधों को पानी देने का यही समय कभी-कभी नुकसानदायक भी साबित हो सकता है.
पौधों की हेल्दी ग्रोथ के लिए सिर्फ पानी और खाद ही नहीं बल्कि सही पॉट का चुनाव भी बहुत जरूरी होता है. हर पौधे की जरूरत अलग होती है, इसलिए पॉट का सही चयन उसकी सेहत पर सीधा असर डालता है.
घर की सजावट और पॉजिटिव एनर्जी के लिए पसंद किया जाने वाला जेड प्लांट कई बार सही देखभाल न मिलने पर बढ़ना बंद कर देता है.
अगर आपके गुड़हल के पौधे में लंबे समय से फूल नहीं आ रहे हैं, तो इसका एक आसान समाधान फॉस्फोरस युक्त उर्वरक (जैसे बोन मील) है.
क्या आप जानते हैं कि बाजार में महंगे मिलने वाले चिया सीड्स को आसानी से घर पर गमले में उगाया जा सकता है. चिया के पौधे न सिर्फ सुंदर दिखते हैं बल्कि इनकी कोमल पत्तियां, माइक्रोग्रीन्स और बीज सेहत के लिए फायदेमंद हैं. आइए जानते हैं चिया सीड्स उगाने का तरीका.
Parval Farming: परवल एक बार लगाकर 4-5 साल तक उपज देने वाली बारहमासी सब्जी है, जो कम लागत और मेहनत में किसानों को अच्छा मुनाफा देती है. आइए जानते हैं परवल की उन्नत किस्में कौन सी हैं और किस मौसम में परवल की रोपाई करनी चाहिए.
सांप घनी झाड़ियों, नमी और छिपने की जगहों वाले वातावरण में रहते हैं. कनेर के पौधे की घनी बनावट ऐसी है कि इसके नीचे छायादार जगह बन जाती है, जो सांपों के लिए अनुकूल हो सकती है.
गर्मी के मौसम में नींबू के पौधों को खास देखभाल की जरूरत होती है. तेज धूप और मिट्टी में नमी की कमी के कारण पौधे कमजोर पड़ने लगते हैं, जिससे फल उत्पादन पर असर पड़ता है.
गर्मी के मौसम में हरे चारे की कमी के कारण पशुपालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.
How to grow Brinjal: आजकल लोग अपने घर में हाइब्रिड वैरायटी की सब्जियां उगाना पसंद करते हैं. गर्मियों में आप अपने घर की छत या बालकनी में गमले में बैंगन उगाकर ऑर्गेनिक सब्जी का लुत्फ उठा सकते हैं. राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ‘पूसा उत्तम’ वैरायटी के बीज ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है. जिन्हें आप घर बैठे आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं.
गर्मियों में खीरे के पौधों को ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है क्योंकि तेज धूप और गर्म हवा मिट्टी की नमी जल्दी सुखा देती है.
अगर आपके गार्डन में सब्जियों के पौधे सही से नहीं बढ़ रहे, पत्ते पीले पड़ रहे हैं या पौधा अचानक मुरझा रहा है, तो वजह जरूरत से ज्यादा पानी भी हो सकती है. ओवरवॉटरिंग में मिट्टी लगातार गीली रहती है और जड़
गेंदा भारतीय फूलों में बेहद लोकप्रिय है और इसका इस्तेमाल पूजा की थाली, घर की सजावट और कई तरह के प्रोडक्ट बनाने में किया जाता है. गेंदे के फूल मच्छरों को दूर भगाने में भी मददगार हैं. राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ‘पूसा नारंगी’ के उन्नत बीज ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है. जिन्हें आप घर बैठे आसानी से ऑर्डर कर सकते हैं.
गर्मियों में तेज धूप, गर्म हवाएं और गलत देखभाल की वजह से तुलसी का पौधा जल्दी सूखने लगता है. कई लोगों की शिकायत रहती है कि पौधे की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं, डंठल कमजोर हो जाता है और धीरे-धीरे पूरा
घर की सजावट में मनी प्लांट सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले पौधों में शामिल है. खास बात यह है कि इसे मिट्टी के बिना सिर्फ पानी की बोतल में भी आसानी से उगाया जा सकता है.
तेज गर्मी और पानी की कमी में कई पौधे जल्दी सूखने लगते हैं, लेकिन कुछ ऐसे प्लांट्स भी हैं जो कम देखभाल और बेहद कम पानी में भी आसानी से हरे-भरे बने रहते हैं.
गर्मी बढ़ते ही घरों में लगे पुदीने के पौधे अक्सर पीले पड़ने लगते हैं. तेज धूप, ज्यादा गर्म मिट्टी और गलत पानी देने की वजह से इसकी ग्रोथ रुक जाती है लेकिन कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाकर आप अपने पुदीने
अगर आपके बगीचे में गिलहरियां बीज, पौधे और सब्जियों को नुकसान पहुंचा रही हैं, तो अब इसके लिए केमिकल या महंगे उपायों की जरूरत नहीं है.
घर या खेत में टमाटर की फसल लगाने वाले कई लोग अक्सर यह शिकायत करते हैं कि पौधे ठीक से बढ़ नहीं रहे या जल्दी खराब हो जा रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार इसका कारण हमेशा मिट्टी नहीं होती.