पौधों को उगाने और उनकी खेती करने को बागवानी (Gardening) कहा जाता है. बगीचों में, सजावटी पौधे, उपयोगी पौधे, जैसे जड़ वाली सब्जियां, पत्तेदार सब्जियां, फल और जड़ी-बूटियां उगाएं जाते हैं, जिनका उपयोग रंगों के लिए या औषधीय या कॉस्मेटिक उपयोग के लिए की जाती हैं. शहरी लोग अब अपने घर के छत पर पालक आलू, टमाटर, हरी मिर्च, पुदीना, तोरई, भिंडी जैसी हरी सब्जियां उगा कर बंपर मुनाफा कमा सकते है. ऐसा करने के लिए उन्हें सरकार से बंपर सब्सिडी भी मिल रही है. ताकि ग्रामीणों के साथ-साथ शहरी क्षेत्र के लोग भी खेती-किसानी से जुड़ सके और मुनाफा पा सके.
बागवानी का दायरा फलों के बगीचों से लेकर एक या एक से अधिक विभिन्न प्रकार की झाड़ियों, पेड़ों और जड़ी-बूटियों के पौधों के साथ लंबे बुलेवार्ड वृक्षारोपण तक, लॉन और नींव रोपण सहित घर के गार्डन तक, अंदर या बाहर उगाए गए कंटेनर गार्डन तक होता है.
बागवानी बहुत विशिष्ट हो सकती है, जिसमें केवल एक प्रकार के पौधे उगाए जा सकते हैं या मिश्रित रोपण में कई प्रकार के पौधे शामिल हो सकते हैं.
बागवानी विशेषज्ञों के मुताबिक, गर्म मौसम में बोई गई कुछ फास्ट-ग्रोइंग सब्जियां सितंबर तक भरपूर फसल देने लगती हैं. कुछ बातों का ख्याल रखकर घर पर ही ताज़ी सब्जियां उगाई जा सकती हैं.
अगर आप खीरे की अच्छी पैदावार चाहते हैं, तो उसके साथ लगाए जाने वाले पौधों का सही चयन बहुत जरूरी है. गलत पौधों के साथ खीरा लगाने से उसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है और उत्पादन भी कम हो सकता है.
आम के बागों में कीटों का हमला फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. मंकी हॉपर्स और मिलीबग जैसे कीट फूलों और नई पत्तियों का रस चूसकर पेड़ को कमजोर कर देते हैं, जिससे पैदावार घट जाती है.
अगर आप कम निवेश में पशुपालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो बकरी पालन (Goat Farming) एक बेहतर विकल्प माना जाता है. भारत में बकरियों की कई नस्लें ऐसी हैं जो तेजी से बढ़ती हैं और दूध व मांस दोनों के ल
अगर आप घर पर ताजा और ऑर्गेनिक प्याज उगाना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह जान लें कि इसकी फसल तैयार होने में कितना समय लगता है.
अगर आपके पास चिकनी (Clay) मिट्टी है, तो भी आप आसानी से सब्जियों की अच्छी पैदावार ले सकते हैं. यह मिट्टी नमी और पोषक तत्वों को लंबे समय तक बनाए रखती है, जिससे कई फसलों की ग्रोथ बेहतर होती है.
बागवानी में केमिकल फर्टिलाइज़र की जगह अब लोग प्राकृतिक विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं और उन्हीं में से एक है compost tea. यह एक लिक्विड ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र है, जिसे घर में मौजूद पुराने कम्पोस्ट से आसानी
तेज गर्मी और हीटवेव के कारण अक्सर बगीचे के पौधे मुरझा जाते हैं, पत्तियां सूखने लगती हैं और मिट्टी पूरी तरह ड्राई हो जाती है लेकिन सही तरीके से देखभाल करके ऐसे खराब हुए गार्डन को दोबारा जीवित किया जा स
Spider plant (स्पाइडर प्लांट) एक ऐसा इनडोर पौधा है जो अपनी सेहत के संकेत खुद ही देने लगता है. अगर इसमें पानी की कमी हो जाए तो यह तुरंत अपने रूप में बदलाव दिखाता है, जिसे पहचानकर आप समय पर पौधे को बचा
गर्मियों में लेट्यूस का पौधा अक्सर तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से जल्दी मुरझाने लगता है या फिर बोल्टिंग शुरू कर देता है. ऐसे में इसकी पत्तियां कड़वी हो जाती हैं और पौधा खाने लायक नहीं रहता.
खेती की सफलता पूरी तरह से मिट्टी की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. अगर मिट्टी में जरूरी पोषक तत्व और जैविक पदार्थ मौजूद हों, तो फसलें ज्यादा स्वस्थ और उत्पादन भी बेहतर होता है.
मॉनसून के दौरान हवा में नमी और मिट्टी में पानी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे कुछ पौधों की जड़ें कमजोर होकर सड़ने लगती हैं. खासकर जिन पौधों को ड्राई और कम पानी वाली परिस्थितियां पसंद होती हैं, वे इस मौस
जामुन (Syzygium cumini) एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, जिसे आसानी से बीज से भी उगाया जा सकता है. अगर सही तरीके से देखभाल की जाए, तो कुछ ही हफ्तों में बीज अंकुरित होकर छोटा पौधा बनना शुरू कर देता है.
देश में खेती से लगातार मुश्किल होती जा रही है. कहीं बारिश कम हो रही है तो कहीं समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है. ऐसे में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे ऐसी फसलें चुनें जो कम पानी में भी अच्छा उत्पादन दे सकें और नुकसान का जोखिम भी कम हो.
Areca Palm एक बहुत ही लोकप्रिय इनडोर पौधा है, लेकिन इसकी अच्छी ग्रोथ के लिए सही पोषण देना जरूरी होता है. अगर पत्तियां पीली पड़ने लगें या पौधा कमजोर दिखे, तो कुछ आसान घरेलू फर्टिलाइज़र उसकी सेहत वापस स
गर्मियों में सही तरीके से की गई हल्की छंटाई फलदार पेड़ों के लिए वरदान साबित हो सकती है. इससे बेकार शाखाएं हटती हैं, पेड़ को बेहतर धूप और हवा मिलती है और उसकी सारी ऊर्जा फल बनने में लगती है.
अगर आप अपने पौधों को प्राकृतिक तरीके से स्वस्थ और हरा-भरा रखना चाहते हैं, तो किचन में मौजूद फल और सब्जियों के छिलके एक बेहतरीन उपाय हो सकते हैं.
अगर आप अपने नींबू के पौधे की ग्रोथ को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाना चाहते हैं, तो छाछ (Buttermilk) एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है.
मनी प्लांट की कटिंग से पौधा तैयार करना आसान माना जाता है, लेकिन कई बार सही देखभाल के बावजूद कटिंग में जड़ें नहीं निकलतीं, जिससे पौधे की ग्रोथ रुक जाती है.
मॉनसून में ये फूलदार पौधे गार्डन को बहुत जल्दी हरा-भरा और रंगीन बना देते हैं. नमी और बारिश इनकी ग्रोथ के लिए बिल्कुल सही रहती है.
पालक (Spinach) की खेती कम समय में तैयार होकर अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है. सही तरीके से इसकी खेती की जाए तो 25 से 40 दिनों के भीतर पहली कटाई मिल सकती है, जिससे जल्दी कमाई शुरू हो जाती है.