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व्लादिमीर पुतिन ने अली खामेनेई की मौत को बताया ‘क्रूर हत्या’, चीन ने की युद्धविराम की मांग

ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है. रूस ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय नैतिकता का घोर उल्लंघन बताया, जबकि चीन ने तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और संवाद बहाल करने की मांग की है.

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अली खामेनेई की मौत को क्रूर हत्या बताया. (Photo: AFP)
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अली खामेनेई की मौत को क्रूर हत्या बताया. (Photo: AFP)

ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों और देश के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया से लेकर वैश्विक मंच तक भू-राजनीतिक (Geopolitics) तनाव चरम पर पहुंच गया है. इस घटनाक्रम ने न सिर्फ क्षेत्रीय स्थिरता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीति की सीमाओं को लेकर भी बहस तेज कर दी है. ईरान ने शनिवार को इजरायली हवाई हमले में अली खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है. 

इस बीच रूस ने कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया देते हुए इसे 'क्रूर और निंदनीय हत्या' करार दिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को भेजे अपने शोक संदेश में कहा कि सुप्रीम लीडर की हत्या मानव नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का खुला उल्लंघन है. पुतिन ने कहा कि रूस में आयतुल्लाह अली खामेनेई को एक ऐसे दूरदर्शी राजनेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने रूस-ईरान संबंधों को मजबूत करने और उन्हें व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. 

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पुतिन ने खामेनेई के परिवार, ईरानी सरकार और जनता के प्रति गहरी संवेदना और समर्थन व्यक्त किया. उधर, चीन ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर सख्त रुख अपनाया है. चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से टेलीफोनिक बातचीत में कहा कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमले अस्वीकार्य हैं, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता चल रही थी. वांग यी ने कहा कि किसी संप्रभु देश के नेता की हत्या और वहां की जनता को सत्ता परिवर्तन के लिए उकसाने जैसी कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सिरे से खारिज करना चाहिए.

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चीन ने अमेरिका और इजरायल से ईरान में तत्काल अपनी सैन्य कार्रवाई रोकने, बातचीत और संवाद की प्रक्रिया बहाल करने और एकतरफा कदमों के संयुक्त विरोध की आवश्यकता पर जोर दिया है. इस बीच ईरान ने मौलाना अलीरेजा अराफी को अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान का अंतरिम सुप्रीम लीडर (अयातुल्लाह) नियुक्त किया है. इजरायली हमले में अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने अपने संविधान के अनुच्छेद 111 को लागू किया, जिसके तहत देश में एक आपातकालीन नेतृत्व व्यवस्था शुरू हो गई है. इस व्यवस्था में स्थायी सुप्रीम लीडर चुने जाने तक एक तीन सदस्यीय परिषद उसके कर्तव्यों का निर्वहन करती है. अलीरेजा अराफी को इस परिषद में बतौर विधि विशेषज्ञ (Jurist Member) शामिल किया गया है. 

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