अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमले के बाद शनिवार को मध्य पूर्व और उससे आगे की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं. कई देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और यूरोप, अफ्रीका व पश्चिम को एशिया से जोड़ने वाले प्रमुख हवाई अड्डे भी हमलों की चपेट में आ गए. संघर्ष दूसरे दिन में पहुंचने के साथ रविवार को भी मध्य पूर्व के कई एयरपोर्ट बंद रहे. दुबई, अबू धाबी और दोहा के प्रमुख हब एयरपोर्ट बंद हो गए और मध्य पूर्व की बड़ी एयरलाइनों ने 1,800 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं. एविएशन एनालिटिक्स फर्म Cirium के मुताबिक, एतिहाद एयरवेज समेत तीन बड़ी एयरलाइंस रोजाना करीब 90,000 यात्रियों को इन हब से ले जाती हैं.
एमिरेट्स और कतर एयरवेज ने उड़ानें रोकीं
Emirates एयरलाइंस ने रविवार दोपहर तक दुबई से आने-जाने वाली सभी उड़ानें निलंबित कर दीं. Qatar Airways के मुताबिक कतर का एयरपोर्ट कम से कम सोमवार सुबह तक बंद रहेगा. इजरायली एयरस्पेस भी रविवार को बंद रहा. इन बंदिशों के कारण दुनिया भर में हजारों यात्री फंस गए.
कई देशों ने एयरस्पेस बंद किया
शनिवार को इजरायल, कतर, सीरिया, ईरान, इराक, कुवैत और बहरीन द्वारा एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद लाखों यात्रियों को या तो रोकना पड़ा या उनकी उड़ानों को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया गया. फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट FlightRadar24 के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात में भी कोई उड़ान गतिविधि नहीं दिखी, क्योंकि वहां सरकार ने एयरस्पेस का 'अस्थायी और आंशिक बंद' घोषित किया था.
कई एयरपोर्ट्स पर हमले
यूएई के दो एयरपोर्ट पर घटनाएं भी सामने आईं. अधिकारियों ने शनिवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों से जुड़े 'स्पष्ट हमले' की निंदा की. दुबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर चार लोग घायल हुए, जबकि अबू धाबी के ज़ायद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत और सात लोग घायल हुए. कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की खबरें मिलीं. ईरान ने सार्वजनिक रूप से जिम्मेदारी नहीं ली.
यात्रियों को महंगे टिकट का डर
एयरलाइन उद्योग विश्लेषक Henry Harteveldt ने कहा कि यात्रियों को आने वाले दिनों में देरी और रद्द उड़ानों के लिए तैयार रहना चाहिए. मध्य पूर्व से गुजरने वाली उड़ानों को सऊदी अरब के ऊपर से घुमाकर ले जाना पड़ रहा है, जिससे समय ज्यादा लगेगा और ईंधन की खपत भी बढ़ेगी जिससे टिकट की कीमतें भी बढ़ सकती हैं. इससे सऊदी एयर ट्रैफिक कंट्रोल पर दबाव बढ़ेगा और जिन देशों ने एयरस्पेस बंद किया है, वे ओवरफ्लाइट फीस से भी वंचित रहेंगे.
आंशिक खुलने की उम्मीद
पूर्व अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारी और अब प्रोफेसर Mike McCormick ने कहा कि आने वाले दिनों में कुछ देश एयरस्पेस के हिस्से खोल सकते हैं, जब अमेरिका और इजरायल सैन्य उड़ानों की जानकारी साझा करेंगे. उनके मुताबिक अगले 24 से 36 घंटे में एयरस्पेस उपयोग की स्थिति साफ हो सकती है.
यात्रियों को अपडेट लेते रहने की सलाह
स्थिति तेजी से बदल रही है और एयरलाइनों ने यात्रियों से एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन जांचने को कहा है. कुछ एयरलाइनों ने प्रभावित यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट रीबुक करने की छूट दी है. इंग्लैंड के न्यूकैसल एयरपोर्ट पहुंचे जोनाथन एस्कॉट की दुबई जाने वाली एमिरेट्स की सीधी फ्लाइट रद्द हो गई, जिससे वह फंस गए. उन्होंने कहा, 'किसी को नहीं पता क्या हो रहा है.'
कई उड़ानें डायवर्ट
FlightAware के अनुसार शनिवार सुबह तेल अवीव और दुबई जा रहे कम से कम 145 विमान एथेंस, इस्तांबुल और रोम जैसे शहरों की ओर मोड़ दिए गए. कुछ विमान वापस लौट गए. फिलाडेल्फिया से उड़ा एक विमान स्पेन तक पहुंचकर करीब 15 घंटे हवा में रहने के बाद वापस लौट आया.
भारत की नागरिक उड्डयन एजेंसी ने जॉर्डन, सऊदी अरब और लेबनान के आसमान सहित मध्य पूर्व के बड़े हिस्से को हाई-सिक्योरिटी जोन घोषित किया. Air India ने मध्य पूर्व के सभी डेस्टिनेशन की उड़ानें रद्द कर दीं. Turkish Airlines ने लेबनान, सीरिया, इराक, ईरान और जॉर्डन की उड़ानें सोमवार तक निलंबित कर दीं और कतर, कुवैत, बहरीन, यूएई व ओमान की उड़ानें भी रोकीं.
अन्य एयरलाइनों की पाबंदियां
अमेरिका की डेल्टा एयर लाइन्स और यूनाइटेड एयरलाइन्स ने तेल अवीव की उड़ानें सप्ताहांत तक निलंबित कर दीं. डच एयरलाइन KLM ने पहले ही तेल अवीव के लिए उड़ानें रोक दी थीं. लुफ्थांसा, एयर फ्रांस, Transavia और पेगासस एयरलाइंस ने लेबनान की सभी उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि अमेरिकन एयरलाइंस ने फिलाडेल्फिया से दोहा की उड़ानें रोक दीं.
वर्जिन अटलांटिक ने कहा कि वह इराक के ऊपर से उड़ान नहीं भरेगी, जिससे भारत, मालदीव और रियाद की उड़ानें थोड़ी लंबी हो सकती हैं. ब्रिटिश एयरवेज़ ने तेल अवीव और बहरीन की उड़ानें अगले हफ्ते तक निलंबित कर दीं और अम्मान की उड़ानें शनिवार को रद्द कर दीं.