अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान सीरिया पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की घोषणा कर दी. इस सीरिया को लेकर अमेरिका की नीति में एक बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है.
ट्रंप ने नाटो समिट में सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ मुलाकात से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा कि सीरिया कभी महान सभ्यताओं और संस्कृतियों में से एक था. वहां बेहतरीन प्रोफेसर, वकील और डॉक्टर हुआ करते थे. सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि दुनिया के सबसे समृद्ध सांस्कृतिक देशों में उसकी गिनती होती थी लेकिन फिर वह एक बेहद भयावह दौर से गुजरा. लोग उनके (अहमद अल-शरा) द्वारा किए गए काम पर गर्व महसूस कर रहे हैं.
इस दौरान जब ट्रंप से क्या पूछा गया कि क्या आप सीरिया को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों की सूची से भी हटाने जा रहे हैं? इस पर ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हां, मैं ऐसा करूंगा आखिर क्यों नहीं? उन्होंने (अहमद अल-शरा) बहुत अच्छा काम किया है.
बता दें कि ट्रंप की यह घोषणा सीरिया के लिए एक बड़ी राहत हो सकती है, लेकिन अन्य पश्चिमी देशों और नाटो सदस्यों ने इस पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र जैसे संगठनों की ओर से इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया आएगी, यह देखना शेष है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला क्षेत्रीय स्थिरता और पुनर्निर्माण में मदद कर सकता है, वहीं कुछ इसे जल्दबाजी भरा और जोखिमपूर्ण कदम मानते हैं.