ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग को 24 दिन हो गए हैं. लेकिन दूर-दूर तक युद्ध थमता नजर नहीं आ रहा है. इस बीच, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने अपने नागरिकों को तसल्ली दी है कि उनके देश के पास जंग लड़ने के लिए बहुत पैसा है.
'मीट द प्रेस' इवेंट में बोलते हुए बेसेंट ने बताया कि युद्ध की वजह से टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी. हालांकि पेंटागन ने पहले संकेत दिए थे कि युद्ध के लिए और फंडिंग की जरूरत है. इसके बावजूद, बेसेंट ने दावा किया है कि अमेरिका वित्तीय रूप से मजबूत है.
बेसेंट ने कहा, 'हमारे पास इस युद्ध के लिए बहुत पैसा है.' उन्होंने बताया कि और फंडिंग जरूरी नहीं है, बल्कि वो सप्लीमेंट होगी.
बेसेंट ने बताया कि और फंड मांगने का मकसद ये है कि आने वाले महीनों में सेना पूरी तरह से तैयार रहे. युद्ध जारी रहने की स्थिति में और इसके बढ़ने पर, हथियार या संसाधनों की कोई कमी न हो. वित्त मंत्री ने युद्ध के भुगतान के लिए टैक्स बढ़ाने की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया.
स्कॉट बेसेंट ने साफ किया कि युद्ध का हर्जाना अमेरिकियों को नहीं भुगतना होगा. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया कि युद्ध के लिए पैसा कहां से आएगा.
रक्षा सचिव ने अतिरिक्त फंडिंग को बताया था जरूरी
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने अतिरिक्त फंडिंग को लेकर कहा कि ये वर्तमान और भविष्य के ऑपरेशनों के लिए जरूरी है. उन्होंने बताया कि हालात के मुताबिक फंडिंग की रकम बदली जा सकती है. ऐसे में युद्ध के बीच सैकड़ों अरब डॉलर तक पहुंचने वाले इस अतिरिक्त फंडिंग के प्रस्ताव को कांग्रेस में विरोध का सामना करना पड़ रहा है.
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हाल के सालों में बड़े रक्षा बजटों की मंजूरी के बाद, सांसद असमंजस में हैं. सीनियर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स ने कहा है कि वो किसी भी नए खर्च का समर्थन करने से पहले पूरी जानकारी चाहते हैं. कुछ ने सवाल किया है कि क्या इतने बड़ी रकम की जरूरत है?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी लगने से नुकसान
शुरुआती आंकड़ों की मानें तो ईरान के साथ ये जंग हाल के दशकों में अमेरिका के लिए सबसे महंगे सैन्य अभियानों में से एक बन रहा है. युद्ध के शुरुआती चरण में ही कुछ दिनों के भीतर अरबों डॉलर खर्च हो गए हैं. इसका असर अब आम जनता पर भी दिख रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी लगने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे ईंधन महंगा हो गया है.