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चीन में विनाशकारी बवंडर ने मचाई तबाही, 11 लोगों की मौत, हजारों घर तबाह

दुनियाभर में मौसम से जुड़ी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. कहीं रिकॉर्ड बारिश हो रही है तो कहीं भीषण गर्मी और शक्तिशाली तूफान तबाही मचा रहे हैं. मौसम वैज्ञानिक मानते हैं कि बदलते जलवायु पैटर्न और बढ़ते तापमान के कारण ऐसे असामान्य मौसमीय घटनाक्रम पहले की तुलना में ज्यादा तीव्रता के साथ देखने को मिल रहे हैं.

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राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए राहत के निर्देश, चीन के इंडस्ट्रियल इलाके में टॉरनेडो का तांडव. (Photo: Reuters)
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए राहत के निर्देश, चीन के इंडस्ट्रियल इलाके में टॉरनेडो का तांडव. (Photo: Reuters)

चीन के हुबेई प्रांत में सोमवार शाम आए दो शक्तिशाली टॉरनेडो ने भारी तबाही मचा दी. इस विनाशकारी घटना में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है. हादसे में 330 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. तेज हवाओं ने कारों को पलट दिया, इमारतों की छतें उड़ा दीं और कई शहरों में भारी नुकसान पहुंचाया.

ये घटना 6 जुलाई 2026 की शाम हुई. टॉरनेडो ने सेंट्रल चीन के कई इलाकों को चपेट में ले लिया. वीडियो में बिजली कड़कने, भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच सड़कों पर उड़ता मलबा साफ दिखाई दिया. टॉरनेडो हवा का तेजी से घूमने वाला एक शक्तिशाली कॉलम होता है, जो थंडरस्टॉर्म क्लाउड से जमीन तक पहुंचता है. 

यह बेहद संकरे इलाके में कुछ ही मिनटों में भारी तबाही मचा सकता है. हुबेई में इस दौरान हवाओं की रफ्तार 149 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई. यह गति भारत के तटीय इलाकों में आने वाले तेज चक्रवाती तूफानों के झोंकों के बराबर मानी जा रही है. सबसे ज्यादा असर हुआंगशी, हुआंगगांग, एझोउ और जियानिंग में देखने को मिला. 

भारतीय समय के अनुसार शाम 4.30 बजे से रात 8.30 बजे के बीच आए इन टॉरनेडो ने कई टाउनशिप को प्रभावित किया. ब्यूफोर्ट स्केल पर लेवल-13 की बेहद तेज हवाओं ने व्यापक तबाही मचाई. करीब 4,800 घर क्षतिग्रस्त हो गए. हजारों पेड़ उखड़ गए. कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए. 14,600 लोग सीधे तौर पर आपदा से प्रभावित हुए.

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, हुबेई चीन का एक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र है. यह यांग्त्जी नदी के किनारे स्थित है. यहां ऑटोमोबाइल और टेक इंडस्ट्री के बड़े केंद्र मौजूद हैं. इस इलाके में टॉरनेडो जैसी घटनाएं बहुत कम देखने को मिलती हैं. मौसम विशेषज्ञ वांग शियाओलिंग ने बताया कि हुबेई में आखिरी बार मई 2021 में टॉरनेडो आया था. 

उन्होंने कहा कि इस बार की घटना बेहद असामान्य है. ये टॉरनेडो गंभीर कन्वेक्टिव वेदर का नतीजा है. ऐसी स्थिति तब बनती है जब गर्म हवा, पर्याप्त नमी और अलग-अलग दिशाओं में बहने वाली हवाएं एक साथ सक्रिय हो जाती हैं. बड़े जलवायु बदलाव और आसपास सक्रिय टाइफून सिस्टम ने भी स्थिति को और गंभीर बना दिया है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राहत और बचाव कार्य में पूरी ताकत लगाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद करने पर जोर दिया. राहत कार्य के लिए 3,000 से ज्यादा कर्मियों को लगाया गया. पूरी रात बचाव अभियान चलता रहा. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और मलबा हटाने का काम जारी है. 

प्रशासन का कहना है कि अधिकांश इलाकों में बिजली बहाल कर दी गई है, लेकिन नुकसान का आकलन अभी जारी है. यह आपदा ऐसे समय में आई है जब चीन एक साथ कई मौसमीय चुनौतियों का सामना कर रहा है. गांसु प्रांत में भूस्खलन के कारण कई लोग लापता हैं. सुपर टाइफून बावी ताइवान और पूर्वी चीन की ओर बढ़ रहा है.

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