श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने जेल में बंद अपने बेटे नमल राजपक्षे को एक भावुक चिट्ठी लिखी है. कथित भ्रष्टाचार के मामलों में जेल की सजा काट रहे बेटे को उन्होंने सलाह देते हुए कहा है कि राजनीति का रास्ता कांटों भरा होता है. राजपक्षे ने बेटे को नसीहत दी कि सार्वजनिक जीवन में आने पर मुश्किलों और जेल जाने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए.
नमल राजपक्षे रिश्वतखोरी और दूसरे कई आरोपों के चलते 4 सितंबर से हिरासत में हैं. शुक्रवार को भारत के बंद पड़े 'क्रिश होटल्स' प्रोजेक्ट से जुड़े एक मामले में अदालत ने उनकी रिमांड 6 नवंबर तक बढ़ा दी है.
इस बीच महिंदा राजपक्षे ने जेल में बंद अपने सबसे बड़े बेटे को पत्र भेजकर 16 साल पुरानी अपनी सलाह याद दिलाई.
'राजनीति में आना तुम्हारी अपनी पसंद थी, लेकिन'
महिंदा राजपक्षे ने लिखा, 'मैं तुम्हें 2010 की वो सलाह याद दिलाता हूं जब तुमने पहली बार राजनीति में कदम रखने की इच्छा जताई थी. राजनीति में आना तुम्हारी अपनी पसंद थी, लेकिन याद रखो कि इसमें जेल जाने और मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना करने के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ता है.'
उन्होंने कहा कि ये सलाह उनके खुद के जीवन के कड़वे अनुभवों पर आधारित है. नमल के जन्म से पहले ही, राजनीति में आते ही उन्हें भी बेबुनियाद आरोपों में जेल जाना पड़ा था.
अदालत पर भरोसा रखने की सलाह
महिंदा राजपक्षे ने अपने बेटे को न्यायपालिका पर पूरा विश्वास बनाए रखने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि जब वो खुद जेल में थे, तब न्यायपालिका ही उनके विश्वास का एकमात्र सहारा थी. पत्र में उन्होंने एक संयोग का जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि किस्मत का खेल देखिए, जिस निजी अस्पताल में 1986 में नमल का जन्म हुआ था, आज वो खुद और नमल की मां शिरांती उसी अस्पताल में भर्ती हैं.
बता दें कि नमल की मां को 7 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था और 10 दिन बाद जमानत मिलने पर उनकी दिल की सर्जरी हुई है. महिंदा राजपक्षे ने अपने छोटे बेटे योशिता का भी जिक्र किया, जो 2007 में नौसेना में नियम तोड़कर हुई भर्ती के मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.
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दिग्गज नेता ने अपने बेटे को ये सीख भी दी कि अगर भविष्य में वो कभी सत्ता में आए, तो विरोधियों से बदला लेने की राजनीति को कभी अपनी नीति न बनाए. उन्होंने कहा कि नेताओं की गलतियों की सजा उनके बच्चों को नहीं मिलनी चाहिए.