पेन में एक बड़ा सियासी हंगामा खड़ा हो गया है. स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की पत्नी को अब कोर्ट में ट्रायल का सामना करना पड़ेगा. उन पर भ्रष्टाचार और रसूख का गलत इस्तेमाल करने के आरोप लगे हैं. कोर्ट के इस फैसले के बाद विपक्ष ने सरकार से इस्तीफा देने की मांग शुरू कर दी है.
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की पत्नी बेगोना गोमेज को एक जज ने ट्रायल का सामना करने का आदेश दिया है. उन पर रसूख का गलत इस्तेमाल करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं. जज ने उन्हें अपना पासपोर्ट सरेंडर करने का भी आदेश दिया है.
जिन जज ने यह फैसला सुनाया उनका नाम जुआन कार्लोस पेइनाडो है. इन्वेस्टिगेटिंग जज पेइनाडो ने कहा कि बेगोना गोमेज भाग सकती हैं, इसलिए उनसे पासपोर्ट लिया जाएगा. इसके अलावा उन्हें हर दो हफ्ते में कोर्ट में हाजिरी भी देनी होगी. हालांकि अभी ट्रायल की कोई तारीख तय नहीं हुई है.
इस फैसले के आते ही स्पेन की राजनीति में जोरदार हंगामा शुरू हो गया है. विपक्ष ने सांचेज की सोशलिस्ट सरकार से इस्तीफा देने की मांग कर दी है.
बेगोना गोमेज पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए कुछ टेक्नोलॉजी कंपनियों को सरकारी कॉन्ट्रैक्ट दिलाने में मदद की. इसके अलावा जज ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने एक कंसल्टेंट को नौकरी पर रखने के लिए सरकारी पैसों का गलत इस्तेमाल किया. साथ ही जब वो एक सरकारी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थीं, उस दौरान भी उन्होंने सॉफ्टवेयर का गलत इस्तेमाल किया था.
बेगोना गोमेज ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है. वहीं प्रधानमंत्री सांचेज का कहना है कि यह पूरा मामला उनकी पत्नी के खिलाफ एक साजिश है. उनका दावा है कि कंजरवेटिव विरोधी उनकी लेफ्ट विंग सरकार को गिराना चाहते हैं, इसलिए वो इस तरह के झूठे केस बना रहे हैं. सांचेज की सरकार साल 2018 से सत्ता में है.
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जज पेइनाडो ने यह भी बताया कि इस मामले में एक बिजनेसमैन और वो कंसल्टेंट भी ट्रायल का सामना करेंगे, जिन्हें इन सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से फायदा हुआ था.
बता दें कि सांचेज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक रहे हैं और अगले साल होने वाले चुनाव से पहले उन्हें कई तरह की कानूनी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है.
इससे पहले इस हफ्ते एक और बड़ा मामला सामने आया था. स्पेन के पूर्व प्रधानमंत्री जोस लुइस रोड्रिग्ज जापातेरो भी एक अलग जज के सामने पेश हुए थे. उन पर आरोप है कि उनका एक सरकारी एयरलाइन को बेलआउट देने में हाथ था. इसके अलावा पुलिस ने जब उनके ऑफिस पर रेड डाली तो वहां से कीमती ज्वेलरी भी बरामद हुई थी, जिसके बारे में उन्हें जवाब देना था. जापातेरो ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है.
सरकार के अधिकारियों ने इस फैसले की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है.
सोशलिस्ट पार्टी ने इसे लोकतंत्र के लिए एक बड़ा शर्मनाक मामला बताया है. पार्टी ने कहा कि बेगोना गोमेज बेकसूर हैं और दो साल से उन्हें राजनीतिक और कानूनी तरीके से निशाना बनाया जा रहा है. पार्टी का कहना है कि आज का फैसला इसी साजिश का एक नया कदम है.
दूसरी तरफ स्पेन की कंजरवेटिव विपक्षी पार्टी ने सरकार पर जोरदार हमला बोला है और सरकार से जल्द चुनाव कराने की मांग की है. विपक्षी पार्टी पीपल्स पार्टी के सेक्रेटरी जनरल मिगुएल टेलाडो ने कहा कि किसी ने कभी सोचा नहीं था कि लोकतंत्र को खतरा खुद सरकार से हो सकता है.
उनका कहना है कि सरकार जजों, प्रॉसिक्यूटर और मीडिया पर हमला कर रही है और विपक्षी पार्टियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि किसी भी आधुनिक लोकतंत्र में ऐसा होना सोचा भी नहीं जा सकता.
बता दें कि बेगोना गोमेज के खिलाफ यह दो साल लंबी जांच एक प्रेशर ग्रुप मानोस लिम्पियास यानी क्लीन हैंड्स की शिकायत पर शुरू हुई थी. यह ग्रुप पहले भी कई कानूनी मामले उठा चुका है, जिनमें से ज्यादातर का जुड़ाव कंजरवेटिव कारणों से रहा है.